संसद में 24 घंटे चर्चा प्रस्ताव: भाजपा सांसद नरेश बंसल का विपक्ष पर हमला, बोले- सरकार तैयार, विपक्ष भाग रहा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने 12 अगस्त 2026 को विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि केंद्र सरकार संसद में 24 घंटे लगातार चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन विपक्ष जानबूझकर कार्यवाही को बाधित कर रहा है। यह बयान गृह मंत्री अमित शाह के उस प्रस्ताव के संदर्भ में आया, जिसमें दोपहर 3 बजे से अगले दिन दोपहर 3 बजे तक निरंतर संसदीय बहस कराने की पेशकश की गई थी। संसद के मौजूदा सत्र में जारी गतिरोध के बीच बंसल के इस बयान ने सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव को और तेज कर दिया है।
24 घंटे चर्चा प्रस्ताव का विवरण
नरेश बंसल के अनुसार, गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में स्वयं यह प्रस्ताव रखा कि वे पूरी 24 घंटे की अवधि में सदन में उपस्थित रहेंगे, सभी सांसदों की बात सुनेंगे, उनके बिंदु नोट करेंगे और प्रत्येक मुद्दे का जवाब देंगे। बंसल ने कहा कि इससे अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही की पेशकश और क्या हो सकती है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि विपक्ष पहले गृह मंत्री की सदन में उपस्थिति की माँग कर रहा था, और अब जब वे न केवल उपस्थित हैं बल्कि खुली बहस का न्योता दे रहे हैं, तो विपक्ष फिर भी हंगामे पर उतारू है।
प्रश्नकाल और शून्यकाल बाधित होने पर चिंता
बंसल ने कहा कि मौजूदा सत्र में प्रश्नकाल और शून्यकाल दोनों विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गए हैं। उनके अनुसार, प्रश्नकाल वह महत्वपूर्ण माध्यम है जिसके ज़रिए सांसद मंत्रियों से सीधे सवाल पूछ सकते हैं और जनता के हित से जुड़े मुद्दे उठा सकते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देश में कई अहम विधायी और नीतिगत मुद्दे संसद में चर्चा की प्रतीक्षा में हैं। गौरतलब है कि लगातार बाधित होती कार्यवाही से सदन की उत्पादकता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
राहुल गांधी और विपक्ष पर आरोप
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधते हुए बंसल ने आरोप लगाया कि उनका उद्देश्य संसद में सार्थक चर्चा नहीं, बल्कि हंगामा खड़ा करना है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग (ECI), सर्वोच्च न्यायालय और संसद जैसी लोकतांत्रिक संस्थाओं पर बार-बार सवाल उठाकर विपक्ष केवल राजनीतिक टकराव बढ़ाना चाहता है। बंसल के अनुसार, 'संसद के अंदर हंगामा और बाहर अराजकता' विपक्ष की सुनियोजित रणनीति बन चुकी है।
झारखंड में छात्र आंदोलन पर विपक्ष के दोहरे रवैये का आरोप
झारखंड में छात्रों के चल रहे विरोध-प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए बंसल ने कांग्रेस पर दोहरे मानदंड का आरोप लगाया। उनके अनुसार, झारखंड में पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर एक से अधिक बार लाठीचार्ज किया और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जिसमें कुछ छात्र घायल होकर अस्पताल पहुँचे। उन्होंने कर्नाटक में कथित पेपर लीक का भी जिक्र किया और कहा कि विपक्ष इन घटनाओं पर उतनी मुखरता से नहीं बोलता जितना वह दिल्ली के जंतर-मंतर से जुड़े मुद्दों पर बोलता है। बंसल का कहना था कि राजनीतिक दलों को चुनिंदा घटनाओं को ही मुद्दा नहीं बनाना चाहिए।
लाल किले पर 'वंदे मातरम' और विकसित भारत 2047
स्वतंत्रता दिवस समारोह में लाल किले पर पहली बार 'वंदे मातरम' के गायन के फैसले का बंसल ने स्वागत किया और इसे देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की भावना से जोड़ा। उन्होंने 'हर घर तिरंगा' अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी। बंसल ने 2047 तक भारत को विकसित देशों की श्रेणी में खड़ा करने के लक्ष्य का भी उल्लेख किया और कहा कि युवाओं की भागीदारी इस सपने को साकार करने में निर्णायक होगी।