आर्टेमिस II मिशन: अंतरिक्ष यात्रियों ने चंद्रमा के करीब से भेजी धरती की अद्भुत तस्वीरें
सारांश
Key Takeaways
- नासा का आर्टेमिस II मिशन अंतरिक्ष अन्वेषण में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- अंतरिक्ष यात्रियों ने चंद्रमा के पास से अद्भुत तस्वीरें भेजी हैं।
- इस मिशन में तीन अमेरिकी और एक कनाडाई अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं।
नई दिल्ली, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। नासा के आर्टेमिस II मिशन पर गए अंतरिक्ष यात्रियों ने चांद के निकट पहुंचकर धरती की अद्भुत और मनमोहक तस्वीरें भेजी हैं।
कमांडर रीड वाइजमैन द्वारा ली गई एक तस्वीर में पृथ्वी का गोलाकार हिस्सा ओरियन कैप्सूल की खिड़की से दिखाई दे रहा है। दूसरी तस्वीर में पूरे ग्रह का दृश्य है, जिसमें महासागर, सफेद बादल और हरी रोशनी वाली ऑरोरा स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है।
रिपोर्टों के अनुसार, यह पिछले आधे सदी में पहली बार है जब मानव चंद्रमा के इतने करीब पहुंचा है।
नासा ने एक्स पर तस्वीर साझा करते हुए लिखा, "आर्टेमिस II क्रू द्वारा ली गई इस तस्वीर में धरती पर मानव गतिविधियों की रोशनी देखी जा सकती है। नीचे की ओर सूर्य की रोशनी धरती के किनारे को रोशन कर रही है।"
पहली तस्वीर में तेज शटर स्पीड के कारण धरती से आने वाली रोशनी बेहतर तरीके से कैद हुई, जबकि दूसरी तस्वीर में कम शटर स्पीड के जरिए रात में चमकती धरती को अधिक स्पष्ट रूप से दिखाया गया है।
एक अन्य तस्वीर में धरती पर दिन और रात के बीच की स्पष्ट सीमा दिखाई देती है, जिसे 'टर्मिनेटर' कहा जाता है।
नासा ने इस तस्वीर के साथ लिखा, "चाहे हम जाग रहे हों या सपने देख रहे हों, हम सभी इसी ग्रह पर एकसाथ हैं।"
एक्सप्लोरेशन सिस्टम लीडर लकीशा हॉकिन्स ने कहा, "यह सोचकर अच्छा लगता है कि हमारे चार अंतरिक्ष यात्रियों को छोड़कर इस तस्वीर में हम सभी शामिल हैं।" उन्होंने यह भी बताया कि मिशन सुचारू रूप से आगे बढ़ रहा है।
शुक्रवार देर शाम तक नासा के अंतरिक्ष यात्री धरती से लगभग 1,80,000 किलोमीटर दूर पहुंच चुके थे, और चंद्रमा के पास पहुंचने के लिए उन्हें लगभग 2,40,000 किलोमीटर और यात्रा करनी है, जहाँ वे संभवतः सोमवार तक पहुंचेंगे।
तीन अमेरिकी और एक कनाडाई सदस्य की टीम अपने ओरियन कैप्सूल में सवार होकर चंद्रमा का चक्कर लगाने, यू-टर्न लेने और बिना लैंडिंग किए सीधे धरती पर लौटने की योजना बना रही है। यह टीम 1972 में हुए अपोलो 17 के बाद चंद्रमा तक पहुंचने वाली पहली मानव टीम बन गई है।