सिंगापुर ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर साइबर सुरक्षा नियम कड़े किए, घोटाले 37% घटे; क्वांटम-सेफ सेंटर 2026 तक
सारांश
मुख्य बातें
सिंगापुर ने 19 अगस्त 2026 को मैसेजिंग, सोशल मीडिया और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के लिए नई और संशोधित साइबर सुरक्षा आचार संहिताएँ लागू कीं, जिनका उद्देश्य ऑनलाइन धोखाधड़ी और दुर्भावनापूर्ण साइबर गतिविधियों पर लगाम लगाना है। सिंगापुर पुलिस बल (SPF) के अनुसार, निर्धारित ऑनलाइन सेवाओं पर दर्ज घोटाले के मामलों में 2024 से 2025 के बीच करीब 37 प्रतिशत की कमी आई है — और ये नए नियम उसी दिशा में अगला कदम हैं।
नई आचार संहिताओं में क्या है
मैसेजिंग संहिता के तहत प्लेटफॉर्म को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई अज्ञात संपर्क किसी उपयोगकर्ता को बिना उसकी सहमति के किसी ग्रुप में न जोड़ सके। साथ ही, उपयोगकर्ताओं को अनजान संपर्कों के संदेश और कॉल फ़िल्टर या ब्लॉक करने का विकल्प देना अनिवार्य होगा, और संदिग्ध खातों के बारे में चेतावनियाँ जारी करनी होंगी।
सोशल मीडिया संहिता के अंतर्गत प्लेटफॉर्म को संदिग्ध घोटाला विज्ञापनों की पहचान कर उन्हें हटाना होगा और विज्ञापनदाताओं की पहचान सत्यापित करनी होगी। सिंगापुर के उपयोगकर्ताओं को लक्षित वित्तीय विज्ञापन केवल लाइसेंस प्राप्त सेवा प्रदाताओं से ही आने चाहिए।
संशोधित ई-कॉमर्स संहिता में लॉगिन प्रक्रिया और विज्ञापन से जुड़े सुरक्षा उपायों को और सख्त किया गया है। सभी प्लेटफॉर्म को इन नियमों का पालन 31 जनवरी 2027 तक करना होगा।
नियम न मानने पर भारी जुर्माना
प्रस्तावित कानून के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करने वाले प्लेटफॉर्म पर अधिकतम 1 करोड़ सिंगापुर डॉलर (लगभग 78.3 लाख अमेरिकी डॉलर) तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यह कदम इस बात का संकेत है कि सिंगापुर साइबर सुरक्षा अनुपालन को लेकर अब केवल दिशानिर्देशों तक सीमित नहीं रहना चाहता।
क्वांटम-सेफ सेंटर की स्थापना
इसी क्रम में, सिंगापुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (SIT) और प्रौद्योगिकी कंपनी IBM ने 2026 के अंत तक एक क्वांटम-सेफ सेंटर स्थापित करने की संयुक्त घोषणा की है। यह केंद्र पुंগগोल स्थित SIT परिसर में बनाया जाएगा।
SIT और IBM के मंगलवार को जारी संयुक्त बयान के अनुसार, जैसे-जैसे क्वांटम कंप्यूटिंग विकसित हो रही है, मौजूदा एन्क्रिप्शन तकनीकें भविष्य के अधिक उन्नत साइबर खतरों के प्रति कमज़ोर पड़ सकती हैं। यह केंद्र संगठनों को उनकी साइबर सुरक्षा कमज़ोरियों का आकलन करने, क्वांटम-सेफ क्रिप्टोग्राफी अपनाने और पोस्ट-क्वांटम दौर के लिए विशेषज्ञ तैयार करने में सहायता करेगा।
टेस्टबेड और प्रशिक्षण सुविधाएँ
केंद्र में क्वांटम-सेफ तकनीकों के परीक्षण के लिए एक लाइव टेस्टबेड उपलब्ध कराया जाएगा, जहाँ कंपनियाँ और शोधकर्ता वास्तविक उपयोग के मामलों के ज़रिए विभिन्न समाधानों को परखेंगे। इसके अलावा, यह केंद्र कार्यकारी शिक्षा, पेशेवर प्रशिक्षण और अनुप्रयुक्त शोध की सुविधा भी देगा।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर क्वांटम कंप्यूटिंग की दौड़ तेज हो रही है और कई देश अपने डिजिटल बुनियादी ढाँचे को भविष्य के खतरों से सुरक्षित करने की कोशिश कर रहे हैं। सिंगापुर का यह कदम उद्योग, अकादमिक जगत और सरकार को एक साझा मंच पर लाकर देश की पोस्ट-क्वांटम साइबर सुरक्षा क्षमता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सुविचारित रणनीतिक पहल है।