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आज़म खान के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी: मौलाना रजवी बोले — ठोस सबूत मिले होंगे तभी हुई कार्रवाई

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आज़म खान के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी: मौलाना रजवी बोले — ठोस सबूत मिले होंगे तभी हुई कार्रवाई

सारांश

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना रजवी ने आज़म खान के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी को उचित ठहराया — कहा, ठोस सबूत मिले होंगे तभी हुई कार्रवाई। साथ ही यूपी-जापान निवेश डील की तारीफ की और अखिलेश यादव पर दोहरी राजनीति का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने 19 अगस्त को बरेली में ईडी की आज़म खान के ठिकानों पर छापेमारी को उचित ठहराया।
रजवी के अनुसार, ईडी को दस्तावेज़ों, बैंक लेन-देन या ऑडिट रिकॉर्ड में गड़बड़ी की ठोस जानकारी मिली होगी।
उत्तर प्रदेश-जापान निवेश समझौते की सराहना करते हुए कहा कि इससे युवाओं को रोज़गार के नए अवसर मिलेंगे।
अखिलेश यादव पर आरोप लगाया कि वह NDA गठबंधन की सीटें तय करने जैसा व्यवहार कर रहे हैं — यह उनका राजनीतिक आरोप है, दस्तावेज़ी प्रमाण नहीं।
मौलाना ने कहा कि भारत में मुस्लिम समुदाय स्वतंत्र रूप से अपनी गतिविधियाँ संचालित करता है और उसे डरने की ज़रूरत नहीं।

बरेली में ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने 19 अगस्त को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आज़म खान के ठिकानों पर की गई छापेमारी पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ईडी ने यह कार्रवाई बिना किसी ठोस आधार के नहीं की होगी — दस्तावेज़ों, बैंक लेन-देन या ऑडिट रिकॉर्ड में किसी गड़बड़ी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

ईडी की छापेमारी पर मौलाना का रुख

मौलाना रजवी ने कहा कि जाँच एजेंसी का काम ही छापेमारी करना है और ईडी ने आज़म खान के दफ्तरों, आवास, दुकानों, संपत्तियों तथा संस्थानों सहित कई ठिकानों पर कार्रवाई की है। उनके अनुसार, यह संभव है कि एजेंसी को कोई ठोस जानकारी मिली हो, या वित्तीय अभिलेखों में अनियमितता सामने आई हो, जिसके आधार पर यह कदम उठाया गया। गौरतलब है कि यह आरोप मौलाना की व्यक्तिगत राय है; ईडी की ओर से आधिकारिक बयान की पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं हो सकी है।

उत्तर प्रदेश-जापान निवेश समझौते पर सराहना

उत्तर प्रदेश और जापान के बीच हुए निवेश समझौते पर मौलाना रजवी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निवेश नीति की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लंबे समय से मंत्रियों और प्रतिनिधिमंडलों को विभिन्न देशों में भेजकर विदेशी उद्योगपतियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए प्रोत्साहित करती रही है। उनके अनुसार, जापानी कंपनियों के निवेश से प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर उत्पन्न होंगे।

अखिलेश यादव के ट्वीट पर निशाना

सपा प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा भाजपा गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर किए गए सोशल मीडिया पोस्ट पर भी मौलाना ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव इस तरह सीटें बाँट रहे हैं जैसे वह स्वयं राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के अध्यक्ष हों। उनका आरोप है कि अखिलेश ने अनुप्रिया पटेल, जयंत चौधरी और ओम प्रकाश राजभर समेत अन्य सहयोगी दलों की सीटें भी तय कर दीं। मौलाना ने यह भी दावा किया कि अखिलेश यादव सार्वजनिक रूप से कुछ और कहते हैं और भाजपा के साथ अलग रणनीति बनाते हैं — हालाँकि यह उनका राजनीतिक आरोप है और उन्होंने इसके समर्थन में कोई दस्तावेज़ी प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।

मुस्लिम समुदाय की स्थिति पर बयान

मुसलमानों की सामाजिक और राजनीतिक स्थिति पर बोलते हुए रजवी ने कहा कि भारत में मुस्लिम समुदाय पूरी स्वतंत्रता के साथ अपनी धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियाँ संचालित करता है। उन्होंने कहा कि देश में मुसलमानों को डरने की कोई ज़रूरत नहीं है और यह भूमि उनके पूर्वजों की भी है।

आगे क्या

ईडी की कार्रवाई के बाद आज़म खान के समर्थकों और विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया का दौर जारी रहने की संभावना है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावी समीकरणों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज़ है। जाँच एजेंसी की ओर से आधिकारिक बयान आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो एक अनुमान है, प्रमाण नहीं। अखिलेश यादव पर 'भाजपा से गुप्त रणनीति' का आरोप बिना किसी दस्तावेज़ी आधार के लगाया गया है, जिसे मुख्यधारा की कवरेज में सावधानी से लेना चाहिए। यूपी-जापान निवेश समझौते पर उनकी सराहना और मुस्लिम समुदाय की स्थिति पर बयान — दोनों मिलकर एक ऐसी राजनीतिक स्थिति बनाते हैं जो सत्तारूढ़ दल के करीब दिखती है।
RashtraPress
3 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने आज़म खान के किन ठिकानों पर छापेमारी की?
रिपोर्टों के अनुसार, ईडी ने सपा नेता आज़म खान के दफ्तरों, आवास, दुकानों, संपत्तियों और संस्थानों सहित कई ठिकानों पर कार्रवाई की। यह छापेमारी 19 अगस्त को हुई।
मौलाना रजवी ने ईडी की कार्रवाई को क्यों उचित ठहराया?
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी का कहना है कि जाँच एजेंसी बिना ठोस आधार के कार्रवाई नहीं करती। उनके अनुसार, दस्तावेज़ों, बैंक लेन-देन या ऑडिट रिकॉर्ड में किसी गड़बड़ी की संभावना हो सकती है — हालाँकि यह उनकी अपनी राय है।
उत्तर प्रदेश और जापान के बीच क्या समझौता हुआ है?
उत्तर प्रदेश सरकार और जापान के बीच एक निवेश समझौता हुआ है, जिसके तहत जापानी कंपनियों के प्रदेश में निवेश की उम्मीद है। मौलाना रजवी ने इसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निवेश नीति की सफलता बताया और कहा कि इससे युवाओं को रोज़गार के नए अवसर मिलेंगे।
अखिलेश यादव पर मौलाना रजवी ने क्या आरोप लगाए?
मौलाना रजवी ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव भाजपा गठबंधन (NDA) की सीटें इस तरह तय कर रहे हैं जैसे वह खुद उसके अध्यक्ष हों। उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश सार्वजनिक रूप से कुछ और कहते हैं और भाजपा के साथ अलग रणनीति बनाते हैं — यह उनका राजनीतिक आरोप है, जिसके समर्थन में कोई दस्तावेज़ी प्रमाण नहीं दिया गया।
मौलाना रजवी ने भारत में मुस्लिम समुदाय की स्थिति पर क्या कहा?
मौलाना रजवी ने कहा कि भारत में मुस्लिम समुदाय पूरी स्वतंत्रता के साथ अपनी धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियाँ संचालित करता है। उन्होंने कहा कि देश में मुसलमानों को डरने की कोई ज़रूरत नहीं है और यह भूमि उनके पूर्वजों की भी है।
राष्ट्र प्रेस
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