विश्व आदिवासी दिवस: नवीन पटनायक ने 169 जनजातीय समुदायों को एसटी सूची में शामिल करने की मांग दोहराई
सारांश
मुख्य बातें
बीजू जनता दल (BJD) के अध्यक्ष और ओडिशा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने 9 अगस्त 2026 को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर 169 जनजातीय समुदायों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) सूची में शामिल करने की माँग एक बार फिर दोहराई। भुवनेश्वर स्थित BJD कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने स्पष्ट किया कि इन समुदायों को उनका संवैधानिक अधिकार और मान्यता दिलाने के लिए पार्टी के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।
मुख्य घटनाक्रम
भुवनेश्वर में आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पटनायक ने कहा कि आदिवासी समुदायों का सशक्तीकरण हमेशा BJD सरकार की विकास और कल्याणकारी नीतियों के केंद्र में रहा है। उन्होंने BJD को आदिवासी भाई-बहनों का 'सच्चा मित्र' बताया और कहा कि पार्टी उनकी संस्कृति एवं अधिकारों की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ी रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब ओडिशा में BJD विपक्ष में है और आदिवासी अधिकारों का मुद्दा राज्य की राजनीति में केंद्रीय स्थान रखता है।
BJD सरकार की आदिवासी पहलें
पटनायक ने अपने कार्यकाल की प्रमुख योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि BJD सरकार ने पंचायतों को वन उपज संग्रह का अधिकार दिया, हजारों छात्रावास स्थापित किए, उच्च शिक्षा के लिए 'अन्वेषा' कार्यक्रम चलाया और वन भूमि अधिकार सुनिश्चित किए। उनके अनुसार इन पहलों ने आदिवासी समुदाय को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया।
उन्होंने 23 जिलों में गठित विशेष विकास परिषदों (एसडीसी) का भी जिक्र किया, जिन्हें आदिवासी कला, संस्कृति और आजीविका के संरक्षण की दिशा में एक अनूठी पहल बताया। पटनायक ने कहा, 'इन परिषदों ने आदिवासियों को विकास प्रक्रिया में बराबरी का भागीदार बनाया। इससे वे अपने धार्मिक स्थलों, कला, शिल्प, संगीत और परंपराओं के संरक्षण के साथ-साथ अपनी आजीविका को भी बेहतर बनाने में सफल हुए।'
169 समुदायों की एसटी माँग का संदर्भ
पटनायक ने उस प्रस्ताव का भी उल्लेख किया जो BJD सरकार के कार्यकाल में केंद्र सरकार को भेजा गया था, जिसमें 169 जनजातीय समुदायों को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल करने की माँग की गई थी। गौरतलब है कि यह माँग वर्षों से लंबित है और इन समुदायों को एसटी दर्जा न मिलने से वे सरकारी योजनाओं के कई लाभों से वंचित हैं।
BJD प्रमुख ने स्पष्ट किया कि इस माँग को लेकर प्रयास लगातार जारी रहेंगे और पार्टी इन समुदायों के अधिकारों के लिए आवाज उठाती रहेगी।
आम जनता और आदिवासी समाज पर असर
यदि 169 जनजातीय समुदायों को एसटी सूची में शामिल किया जाता है, तो उन्हें शिक्षा, रोजगार और सरकारी योजनाओं में आरक्षण का लाभ मिल सकेगा। पटनायक ने लोगों से अपील की कि वे आदिवासी समुदायों के ज्ञान, परंपराओं और संस्कृति का सम्मान करें तथा उनके संरक्षण के लिए ईमानदारी से प्रयास करें।
क्या होगा आगे
BJD ने संकेत दिया है कि वह इस माँग को विधानसभा और अन्य मंचों पर उठाती रहेगी। आदिवासी अधिकारों का यह मुद्दा ओडिशा की राजनीति में आने वाले समय में और अधिक प्रासंगिक होने की संभावना है, विशेषकर जब राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद विपक्ष अपनी पहचान को नए सिरे से स्थापित करने में जुटा है।