क्या नववर्ष पर मां ज्वाला के दरबार में आस्था का सैलाब उमड़ा?
सारांश
Key Takeaways
- ज्वालामुखी मंदिर में नववर्ष का आयोजन श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है।
- श्रद्धालु मां ज्वाला की दिव्य ज्योति के दर्शन के लिए लंबी कतारों में खड़े हुए।
- मंदिर परिसर में हवन-यज्ञ और विशेष पूजा का आयोजन किया गया।
- सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।
- श्रद्धालुओं ने मां से सुख-शांति की कामना की।
कांगड़ा, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नव वर्ष 2026 के आगमन पर हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित शक्तिपीठ ज्वालामुखी मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। अलसुबह से ही मां ज्वाला की दिव्य ज्योति के दर्शन के लिए श्रद्धालु देशभर से मंदिर पहुंचे। लंबी कतारों में खड़े होकर भक्तों ने दर्शन किए और नववर्ष के लिए सुख-समृद्धि की कामना की।
नववर्ष के अवसर पर मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना और हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया है। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पुजारियों द्वारा कराए जा रहे हवन-यज्ञ में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आहुतियां डालकर परिवार और देश की खुशहाली के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में जयकारों से गूंज उठा।
ज्वालामुखी मंदिर के पुजारी श्रद्धालुओं को विधिवत मां की दिव्य ज्योति के दर्शन करवा रहे हैं। मंदिर प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
इस अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए हलवे का भंडारा भी लगाया गया है, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। "जय मां ज्वाला" और "हैप्पी न्यू ईयर" के जयकारों से पूरा परिसर भक्तिमय माहौल में डूबा रहा।
ज्वालामुखी मंदिर के पुजारी कपिल शर्मा ने बताया कि नववर्ष के पावन अवसर पर मां ज्वाला के दरबार में देशभर से श्रद्धालु पहुंचे हैं। हवन-यज्ञ और पूजा-अर्चना के माध्यम से सभी मां से सुख-शांति और समृद्धि की कामना कर रहे हैं।
दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने कहा कि नववर्ष की शुरुआत मां ज्वाला के दर्शन और हवन-यज्ञ में भाग लेकर करना बेहद सौभाग्य की बात है। एक श्रद्धालु ने कहा कि मां के दरबार में आकर मन को शांति मिली और नया साल सभी के लिए मंगलमय हो।
नववर्ष पर ज्वालामुखी मंदिर में श्रद्धा, सेवा और आस्था का अनुपम दृश्य देखने को मिला, जिससे भक्त भावविभोर नजर आए।