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नवादा के छोटी पाली में चाकू हमला: दो युवकों की मौत, दो घायल; एक गिरफ्तार

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नवादा के छोटी पाली में चाकू हमला: दो युवकों की मौत, दो घायल; एक गिरफ्तार

सारांश

बिहार के नवादा में पुराने पारिवारिक विवाद ने सोमवार को खूनी मोड़ लिया — 5 से 6 हथियारबंद लोगों के हमले में दो 22 वर्षीय युवकों की मौके पर मौत। पीड़ित पक्ष का दावा है यह पुलिस कार्रवाई का बदला था, आरोपी पक्ष ज़मीन विवाद को ज़िम्मेदार ठहरा रहा है।

मुख्य बातें

नवादा जिले के छोटी पाली गाँव में 25 मई को दोपहर 2:30 बजे चाकू हमले में दो युवकों की मौत हुई।
मृतकों की पहचान मोहम्मद काशिफ और मोहम्मद अहमद (दोनों 22 वर्ष ) के रूप में हुई है।
मोहम्मद आतिफ और नज्जन परवीन गंभीर रूप से घायल; PMCH पटना में उपचाराधीन।
पीड़ित परिवार का दावा — हमला छह महीने पुरानी पुलिस शिकायत का बदला था; 5-6 हथियारबंद लोगों ने हमला किया।
आरोपी पक्ष ने घटना को ज़मीन विवाद से जोड़ा; पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर रही है।
पुलिस ने एक गिरफ्तारी की पुष्टि की; शेष आरोपियों की तलाश जारी।

बिहार के नवादा जिले के छोटी पाली गाँव में सोमवार, 25 मई को दोपहर करीब 2:30 बजे एक पुराने विवाद ने खूनी रूप ले लिया। नरहट पुलिस स्टेशन क्षेत्र में हुई इस हिंसक झड़प में मोहम्मद काशिफ (22 वर्ष) और मोहम्मद अहमद (22 वर्ष) की चाकू के वार से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और शेष की तलाश जारी है।

मुख्य घटनाक्रम

नरहट थाने के एसएचओ के अनुसार, मृतकों की पहचान मोहम्मद आरिफ के पुत्र मोहम्मद काशिफ और मोहम्मद इम्तियाज के पुत्र मोहम्मद अहमद के रूप में हुई है — दोनों की आयु 22 वर्ष थी। हमले में मोहम्मद आतिफ भी गंभीर रूप से घायल हुए, जो कथित तौर पर अपने भाइयों को बचाने की कोशिश में चाकू का शिकार बने। दूसरी ओर से मोहम्मद फहीम परवीन की पुत्री नज्जन परवीन भी घायल हुईं।

एसएचओ ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस दल मौके पर पहुँचा और घायलों को नज़दीकी अस्पताल भेजा गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें नवादा सदर अस्पताल और बाद में पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) रेफर किया गया।

पीड़ित पक्ष का बयान

मृतकों के चचेरे भाई मोहम्मद दानिश ने आरोप लगाया कि उनके परिवार को आरोपी पक्ष से लंबे समय से धमकियाँ मिल रही थीं। उनके अनुसार, हत्याओं से ठीक एक घंटे पहले प्रतिद्वंद्वी गुट के सदस्यों ने उन्हें सड़क पर रोककर खुलेआम जान से मारने की धमकी दी थी।

दानिश ने दावा किया कि इसके तुरंत बाद 5 से 6 हथियारबंद लोगों के एक समूह ने अचानक हमला कर दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह विवाद करीब छह महीने पहले हुई एक घटना से उपजा था, जिसमें आरोपियों ने कथित तौर पर उनके चचेरे भाई को सार्वजनिक रूप से परेशान किया था। उस समय परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। दानिश का आरोप है कि सोमवार की दोहरी हत्या उसी पुलिस कार्रवाई का बदला थी।

आरोपी पक्ष का पक्ष

फिरोजा खातून ने घटनाक्रम का अलग विवरण प्रस्तुत किया। उनके अनुसार, यह विवाद रिश्तेदारों के बीच लंबे समय से चले आ रहे ज़मीन विवाद से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तीसरा पक्ष दोनों परिवारों के बीच शत्रुता भड़का रहा था, जिसके चलते पहले भी झड़पें हुईं और उनके परिवार के सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। फिरोजा खातून के अनुसार, सोमवार को भी हिंसा की शुरुआत विरोधी गुट की ओर से हुई थी।

पुलिस जाँच की स्थिति

पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि हत्याओं के सिलसिले में एक गिरफ्तारी हो चुकी है। दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और घटनाक्रम का सटीक क्रम स्थापित करने के लिए जाँच जारी है। शेष आरोपियों को पकड़ने के प्रयास तेज़ कर दिए गए हैं।

इस हत्याकांड से छोटी पाली गाँव में भय और तनाव का माहौल है। यह घटना बिहार में पारिवारिक और ज़मीनी विवादों से उपजी हिंसा की उस श्रृंखला की याद दिलाती है जो ग्रामीण इलाकों में बार-बार सामने आती है। आने वाले दिनों में जाँच की दिशा और गिरफ्तारियों की संख्या यह तय करेगी कि क्या इस मामले में न्याय समयबद्ध तरीके से मिल पाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पुलिस की पहली कार्रवाई के बाद बदले की हिंसा को जन्म देती है। पीड़ित परिवार का यह दावा कि छह महीने पहले की FIR का बदला लिया गया, अगर सच है, तो यह पुलिस सुरक्षा तंत्र की गंभीर विफलता को उजागर करता है। सवाल यह है कि जब शिकायतकर्ता परिवार को धमकियाँ मिल रही थीं, तब निवारक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। जाँच की दिशा और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी ही बताएगी कि न्याय व्यवस्था इस मामले में कितनी गंभीर है।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नवादा चाकू हमले में कितने लोग मारे गए और कौन थे?
इस हमले में दो युवकों की मौत हुई — मोहम्मद काशिफ (पुत्र मोहम्मद आरिफ, 22 वर्ष) और मोहम्मद अहमद (पुत्र मोहम्मद इम्तियाज, 22 वर्ष)। दोनों की मौत 25 मई को छोटी पाली गाँव में चाकू के वार से हुई।
नवादा हत्याकांड का कारण क्या बताया जा रहा है?
पीड़ित परिवार के अनुसार, यह हमला करीब छह महीने पहले दर्ज पुलिस शिकायत का बदला था, जिसमें मुख्य आरोपी को जेल भेजा गया था। आरोपी पक्ष ने इसे पुराने ज़मीन विवाद से जोड़ा है। पुलिस दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर जाँच कर रही है।
घायलों का इलाज कहाँ हो रहा है?
घायलों को पहले नज़दीकी अस्पताल, फिर नवादा सदर अस्पताल और बाद में गंभीर हालत के चलते पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) रेफर किया गया। मोहम्मद आतिफ और नज्जन परवीन उपचाराधीन हैं।
क्या पुलिस ने इस मामले में कोई गिरफ्तारी की है?
हाँ, पुलिस अधिकारियों ने एक गिरफ्तारी की पुष्टि की है। शेष आरोपियों की तलाश के लिए अभियान जारी है। नरहट थाना पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर मामले की जाँच कर रही है।
छोटी पाली गाँव में हमले से पहले क्या हुआ था?
मृतकों के चचेरे भाई मोहम्मद दानिश के अनुसार, हत्याओं से ठीक एक घंटे पहले प्रतिद्वंद्वी गुट ने उन्हें सड़क पर रोककर जान से मारने की धमकी दी थी। इसके तुरंत बाद 5 से 6 हथियारबंद लोगों के समूह ने चाकू से हमला किया।
राष्ट्र प्रेस
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