नवादा के छोटी पाली में चाकू हमला: दो युवकों की मौत, दो घायल; एक गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के नवादा जिले के छोटी पाली गाँव में सोमवार, 25 मई को दोपहर करीब 2:30 बजे एक पुराने विवाद ने खूनी रूप ले लिया। नरहट पुलिस स्टेशन क्षेत्र में हुई इस हिंसक झड़प में मोहम्मद काशिफ (22 वर्ष) और मोहम्मद अहमद (22 वर्ष) की चाकू के वार से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और शेष की तलाश जारी है।
मुख्य घटनाक्रम
नरहट थाने के एसएचओ के अनुसार, मृतकों की पहचान मोहम्मद आरिफ के पुत्र मोहम्मद काशिफ और मोहम्मद इम्तियाज के पुत्र मोहम्मद अहमद के रूप में हुई है — दोनों की आयु 22 वर्ष थी। हमले में मोहम्मद आतिफ भी गंभीर रूप से घायल हुए, जो कथित तौर पर अपने भाइयों को बचाने की कोशिश में चाकू का शिकार बने। दूसरी ओर से मोहम्मद फहीम परवीन की पुत्री नज्जन परवीन भी घायल हुईं।
एसएचओ ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस दल मौके पर पहुँचा और घायलों को नज़दीकी अस्पताल भेजा गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें नवादा सदर अस्पताल और बाद में पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) रेफर किया गया।
पीड़ित पक्ष का बयान
मृतकों के चचेरे भाई मोहम्मद दानिश ने आरोप लगाया कि उनके परिवार को आरोपी पक्ष से लंबे समय से धमकियाँ मिल रही थीं। उनके अनुसार, हत्याओं से ठीक एक घंटे पहले प्रतिद्वंद्वी गुट के सदस्यों ने उन्हें सड़क पर रोककर खुलेआम जान से मारने की धमकी दी थी।
दानिश ने दावा किया कि इसके तुरंत बाद 5 से 6 हथियारबंद लोगों के एक समूह ने अचानक हमला कर दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह विवाद करीब छह महीने पहले हुई एक घटना से उपजा था, जिसमें आरोपियों ने कथित तौर पर उनके चचेरे भाई को सार्वजनिक रूप से परेशान किया था। उस समय परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। दानिश का आरोप है कि सोमवार की दोहरी हत्या उसी पुलिस कार्रवाई का बदला थी।
आरोपी पक्ष का पक्ष
फिरोजा खातून ने घटनाक्रम का अलग विवरण प्रस्तुत किया। उनके अनुसार, यह विवाद रिश्तेदारों के बीच लंबे समय से चले आ रहे ज़मीन विवाद से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तीसरा पक्ष दोनों परिवारों के बीच शत्रुता भड़का रहा था, जिसके चलते पहले भी झड़पें हुईं और उनके परिवार के सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। फिरोजा खातून के अनुसार, सोमवार को भी हिंसा की शुरुआत विरोधी गुट की ओर से हुई थी।
पुलिस जाँच की स्थिति
पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि हत्याओं के सिलसिले में एक गिरफ्तारी हो चुकी है। दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और घटनाक्रम का सटीक क्रम स्थापित करने के लिए जाँच जारी है। शेष आरोपियों को पकड़ने के प्रयास तेज़ कर दिए गए हैं।
इस हत्याकांड से छोटी पाली गाँव में भय और तनाव का माहौल है। यह घटना बिहार में पारिवारिक और ज़मीनी विवादों से उपजी हिंसा की उस श्रृंखला की याद दिलाती है जो ग्रामीण इलाकों में बार-बार सामने आती है। आने वाले दिनों में जाँच की दिशा और गिरफ्तारियों की संख्या यह तय करेगी कि क्या इस मामले में न्याय समयबद्ध तरीके से मिल पाता है।