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क्या श्रमिकों और उद्योग दोनों के लिए श्रम संहिता बेहतर है?: सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी

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क्या श्रमिकों और उद्योग दोनों के लिए श्रम संहिता बेहतर है?: सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी

सारांश

नए श्रम संहिता का लागू होना भारत के श्रमिकों के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है। प्रधानमंत्री मोदी और सीआईआई के चंद्रजीत बनर्जी ने इसे श्रमिकों और उद्योग दोनों के लिए लाभकारी बताया है। क्या ये बदलाव सच में काम करेंगे?

मुख्य बातें

नए श्रम संहिता ने 29 कानूनों को समेकित किया है।
यह श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करेगा।
उद्योगों को प्रतिस्पर्धात्मकता में बढ़ावा मिलेगा।
अनुपालन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है।
यह रोजगार सृजन में मदद करेगा।

नई दिल्ली, 21 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। देश में नए श्रम संहिता लागू हो चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसकी भरपूर सराहना की और इसे श्रमिकों के लिए लाभदायक बताया है। इसे एक महत्वपूर्ण परिवर्तन माना जा रहा है। नए श्रम संहिता पर सीआईआई के महानिदेशक का वक्तव्य प्रस्तुत किया गया है।

सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, "यह भारत के श्रम परिदृश्य के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। सरकार द्वारा चार श्रम संहिताओं का कार्यान्वयन एक आधुनिक, सरलीकृत और भविष्य के लिए तैयार श्रम इकोसिस्टम की दिशा में एक परिवर्तनकारी छलांग है। 29 विविध कानूनों को समेकित करके, ये संहिताएं श्रमिकों और उद्योग दोनों के लिए बेहतर वेतन, मजबूत सामाजिक सुरक्षा, बेहतर कार्यस्थल सुरक्षा और एक अधिक पूर्वानुमानित नियामक वातावरण सुनिश्चित करती हैं।"

उन्होंने कहा कि यह लंबे समय से प्रतीक्षित सुधार भारत को वैश्विक मानकों के अनुरूप लाता है, अनुपालन को सरल बनाता है, उद्यमों को सशक्त करता है, और उच्च उत्पादकता, अधिक प्रतिस्पर्धात्मकता और त्वरित रोजगार सृजन की नींव को मजबूत करता है।

उन्होंने आगे कहा कि एक लचीला कार्यबल और एक प्रगतिशील श्रम ढांचा भारत की विकास गाथा के लिए महत्वपूर्ण है और यह ऐतिहासिक निर्णय एक अधिक समावेशी, नवोन्मेषी और आत्मनिर्भर भारत की ओर राष्ट्र की यात्रा को निर्णायक रूप से आगे बढ़ाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने संहिता को लेकर कहा कि आज हमारी सरकार ने चार श्रम संहिताओं को लागू कर दिया है। यह आजादी के बाद से सबसे व्यापक और प्रगतिशील श्रम-उन्मुख सुधारों में से एक है। यह हमारे श्रमिकों को अत्यधिक सशक्त बनाता है। यह अनुपालन को भी काफी सरल बनाता है और 'व्यापार करने में आसानी' को बढ़ावा देता है। यह एक ऐसे इकोसिस्टम का निर्माण करेगा जो श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करेगा और भारत की आर्थिक वृद्धि को मजबूत करेगा। ये सुधार रोजगार सृजन को बढ़ावा देंगे, उत्पादकता बढ़ाएंगे और विकसित भारत की ओर हमारी यात्रा को गति देंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उद्योगों के लिए भी फायदेमंद साबित होगा। यह एक नई दिशा की ओर कदम बढ़ाने का समय है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नए श्रम संहिता का उद्देश्य क्या है?
नए श्रम संहिता का उद्देश्य श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करना और उद्योगों को सशक्त बनाना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस पर क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने इसे आजादी के बाद का सबसे व्यापक सुधार बताया है।
सीआईआई के महानिदेशक का क्या कहना है?
सीआईआई के महानिदेशक ने इसे भारत के श्रम परिदृश्य के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया है।
राष्ट्र प्रेस
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