एनसीबी का बड़ा ऑपरेशन: अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क के 5 विदेशी नागरिक गिरफ्तार, ₹15 करोड़ की मादक सामग्री जब्त
सारांश
मुख्य बातें
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने नई दिल्ली और गुरुग्राम में चरणबद्ध छापेमारी अभियान चलाते हुए एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है और एक महिला सहित पाँच विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। 18 जुलाई से 3 अगस्त 2026 के बीच चली इस कार्रवाई में ₹15 करोड़ से अधिक मूल्य की मादक सामग्री बरामद की गई है। यह गिरोह भारत में अवैध रूप से रहते हुए अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क संचालित कर रहा था।
बरामदगी का ब्यौरा
एनसीबी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस अभियान में कुल 14.787 किलोग्राम एम्फेटामाइन, 67.840 किलोग्राम स्यूडोएफेड्रिन, 318 ग्राम कोकीन और 6 ग्राम हेरोइन जब्त की गई। बरामद मादक पदार्थों की संयुक्त बाज़ार कीमत लगभग ₹15 करोड़ आँकी गई है। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि स्यूडोएफेड्रिन NDPS अधिनियम के तहत एक नियंत्रित पदार्थ है, जिसका उपयोग अवैध रूप से मेथाम्फेटामाइन निर्माण में किया जा सकता है।
गिरफ्तार आरोपी और उनकी पहचान
गिरफ्तार किए गए चार नाइजीरियाई नागरिकों की पहचान ओबासे प्रॉस्पर ओगबोरोनजोर, अबुची जॉर्ज ओकोरी, उचेन्ना स्टीफन न्वांको और चिकेजी जोशुआ इग्वे के रूप में हुई है। पाँचवीं आरोपी एक महिला है जिसकी पहचान अभी जाँच के अधीन है। एनसीबी के अनुसार वह किसी अफ्रीकी देश की नागरिक हो सकती है।
चरणबद्ध छापेमारी का विवरण
उत्तर प्रदेश STF से प्राप्त खुफिया सूचना के आधार पर 18 जुलाई को दिल्ली के खानपुर स्थित राजू पार्क क्षेत्र में संयुक्त छापेमारी की गई। इस दौरान 5.087 किलोग्राम एम्फेटामाइन बरामद हुई और ओगबोरोनजोर को गिरफ्तार किया गया। जाँच में पता चला कि वह लगभग ₹68 लाख की साइबर ठगी के मामले में भी वांछित था और उसका मेडिकल वीजा जून 2023 में ही समाप्त हो चुका था।
21 जुलाई को गुरुग्राम के हंस एन्क्लेव में दूसरी छापेमारी में 9.7 किलोग्राम एम्फेटामाइन और 67.84 किलोग्राम स्यूडोएफेड्रिन जब्त की गई और ओकोरी को पकड़ा गया। जाँच में सामने आया कि ओकोरी मेडिकल अटेंडेंट वीजा पर भारत आया था जिसकी वैधता जून 2015 में समाप्त हो गई थी — यानी वह करीब एक दशक से अवैध रूप से देश में था।
3 अगस्त को दिल्ली के महरौली इलाके में तीसरी छापेमारी में 318 ग्राम कोकीन और 6 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। इस कार्रवाई में न्वांको और इग्वे को गिरफ्तार किया गया, जो कथित तौर पर पिछले 13 वर्षों से भारत में अवैध रूप से रह रहे थे।
महिला आरोपी की स्थिति
अभियान के दौरान एक महिला सहयोगी ने भागने की कोशिश में बालकनी से छलाँग लगाई, जिससे वह घायल हो गई। फिलहाल उसका उपचार चल रहा है और उसकी राष्ट्रीयता की पुष्टि की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब एनसीबी विदेशी नागरिकों द्वारा संचालित ड्रग नेटवर्क पर लगातार शिकंजा कस रही है।
आगे की जाँच
एनसीबी अब इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क की शेष कड़ियों का पता लगाने और इसमें संलिप्त अन्य व्यक्तियों की पहचान करने में जुटी है। गौरतलब है कि यह मामला केवल ड्रग तस्करी तक सीमित नहीं है — साइबर ठगी का कोण इसे एक बहुआयामी अपराध नेटवर्क का हिस्सा बनाता है।