SCO समिट में PM मोदी ने पाकिस्तान के आतंकवाद को किया बेनकाब, फोटो एडिट विवाद पर NDA एकजुट
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट में पाकिस्तान के दोहरे चेहरे वाले आतंकवाद को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उजागर किया — और इसके जवाब में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने SCO की आधिकारिक ग्रुप फोटो से मोदी की छवि को एडिट कर हटा दिया। इस घटना ने भारतीय राजनीति में व्यापक प्रतिक्रिया उत्पन्न की है, जहाँ NDA के नेताओं ने इसे पाकिस्तान की हताशा बताया, जबकि विपक्षी नेताओं ने भी इस हरकत को शर्मनाक करार दिया।
मोदी का SCO में कड़ा संदेश
विजयवाड़ा से भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेशनल काउंसिल की सदस्य यामिनी शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सामने खुलकर पाकिस्तान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने SCO समिट में एक बार फिर पाकिस्तान के दोहरे चेहरे वाले आतंकवाद को बेनकाब किया है। पीएम मोदी ने दुनिया से उन देशों का सामना करने को कहा जो आतंकवाद को सरकारी नीति के हथियार के तौर पर इस्तेमाल करते हैं, साथ ही उन ग्लोबल नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा जो आतंकवादियों को पनाह देते हैं, फंड देते हैं और भर्ती करते हैं।'
यामिनी शर्मा ने आगे कहा कि आतंकवाद के प्रति भारत के जीरो-टॉलरेंस रवैये से घबराकर पाकिस्तान ने अपने PMO की ओर से जारी आधिकारिक तस्वीर से पीएम मोदी को हटा दिया। उनके अनुसार, 'यह एक और उदाहरण है जिससे भारत ने पाकिस्तान के पाखंड और दोहरे मापदंडों को बेनकाब किया है।'
BJP प्रवक्ता की प्रतिक्रिया
BJP के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा कि पूरी दुनिया पीएम मोदी की नेतृत्व क्षमता का सम्मान करती है। उन्होंने कहा, 'यह हमारा दुर्भाग्य है कि रोटेशन सिस्टम के तहत इस बार SCO की अध्यक्षता पाकिस्तान को मिली। प्रधानमंत्री मोदी ने बहुत कड़ा संदेश दिया कि जो भी देश आतंकवाद को पनाह देता है और सीमा-पार आतंकवाद को बढ़ावा देता है, पूरी दुनिया को उसके खिलाफ एकजुट होना चाहिए।'
विपक्ष की राय — एकमत, अलग-अलग नज़रिए
SCO में आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने कहा, 'यह एक तय रुख रहा है। यह इसलिए अहम है, क्योंकि पिछले 30-40 सालों से भारत में जो भी प्रधानमंत्री रहा है, हमने द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मंचों पर ये बातें रखी हैं।' गौरतलब है कि यह टिप्पणी इस रुख को किसी एक सरकार की उपलब्धि के बजाय भारत की दीर्घकालिक विदेश नीति का हिस्सा बताती है।
जनता दल (यूनाइटेड) के MLC नीरज कुमार ने कहा, 'हमारी सेना की बहादुरी और लोगों के संकल्प ने यह साबित कर दिया है कि पाकिस्तान-समर्थित आतंकवाद को खत्म किया जा सकता है। अगर आप प्रधानमंत्री की तस्वीर हटा भी दें, तो क्या फर्क पड़ेगा? हमने दुनिया को यह मानने पर मजबूर कर दिया है कि पाकिस्तान-समर्थित आतंकवाद पूरी इंसानियत के लिए एक अभिशाप है।'
समाजवादी पार्टी (SP) के नेता एस. टी. हसन ने फोटो एडिट विवाद पर कहा, 'यह बहुत ही घटिया और शर्मनाक हरकत है। पाकिस्तान को इतनी गिरी हुई हरकत नहीं करनी चाहिए। वे आतंकवाद पर हमारे प्रधानमंत्री की बातों का जवाब नहीं दे पाए और चुप रहे। जब उनके पास कोई जवाब नहीं था, तो हताशा में उन्होंने तस्वीर को एडिट कर दिया।'
फोटो विवाद का संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब SCO की अध्यक्षता पाकिस्तान के पास है — रोटेशन प्रणाली के तहत। पाकिस्तान के PMO ने सोशल मीडिया पर SCO समिट की जो आधिकारिक ग्रुप फोटो साझा की, उसमें कथित तौर पर प्रधानमंत्री मोदी की छवि को हटाया गया था। यह घटना उस व्यापक तनाव की पृष्ठभूमि में हुई जो भारत-पाकिस्तान के बीच सीमा-पार आतंकवाद के मुद्दे पर लंबे समय से बनी हुई है।
आगे क्या
इस विवाद के बाद भारत सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक कूटनीतिक बयान नहीं आया है। हालाँकि, NDA और विपक्ष दोनों की एकजुट प्रतिक्रिया यह संकेत देती है कि आतंकवाद के मुद्दे पर भारत की घरेलू राजनीति में असामान्य सहमति है। SCO जैसे बहुपक्षीय मंचों पर भारत का रुख आगे भी इस मुद्दे को केंद्र में रखेगा।