क्या नेपाल में जेन जी फिर से सड़क पर उतरेगा, पीएम कार्की के पर्सनल सेक्रेटरी को लेकर मचा बवाल?

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क्या नेपाल में जेन जी फिर से सड़क पर उतरेगा, पीएम कार्की के पर्सनल सेक्रेटरी को लेकर मचा बवाल?

सारांश

नेपाल में जेनरेशन जेड (जेन-जी) प्रदर्शनों के दौरान भड़की हिंसा के कारण केपी ओली की सरकार गिर गई थी। अब, जेन-जी फिर से अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आया है। क्या यह आंदोलन नेपाल की राजनीति पर असर डाल पाएगा? जानें इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बारे में।

मुख्य बातें

जेन-जी ने फिर से अपने आंदोलन को तेज किया है।
भाई-भतीजावाद को लेकर उठे सवाल।
प्रधानमंत्री की नियुक्तियों पर विवाद।
नेपाल में चुनावी हलचल।
सामाजिक तनाव और कर्फ्यू का प्रभाव।

नई दिल्ली, 26 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। नेपाल में जेनरेशन जेड (जेन-जी) के प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा के परिणामस्वरूप केपी ओली की सरकार को गिराया गया था। हालांकि, अगले वर्ष की शुरुआत में आम चुनाव की संभावना है, लेकिन हालात अभी भी सामान्य नहीं हैं। चुनावी हलचल के बीच, जेन-जी फिर से अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर आ गया है।

असल में, प्रधानमंत्री सुशीला कार्की के मुख्य पर्सनल सेक्रेटरी आदर्श श्रेष्ठ की पत्नी और उनके परिवार के अन्य सदस्यों को सेक्रेटेरिएट में नियुक्त किया गया है। नेपाली मीडिया द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस नियुक्ति के खुलासे के बाद, जेन-जी के नेताओं और आम जनता ने अपना गुस्सा प्रकट करते हुए आदर्श श्रेष्ठ के इस्तीफे की मांग की है। जेन-जी ने नेपाल में एक बार फिर से भाई-भतीजावाद का मुद्दा उठाया है।

इस बीच, पीएम सुशीला के कार्यालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि इस नियुक्ति की आवश्यकता पारिवारिक कारणों से थी। सोशल मीडिया पर जेन-जी के नेता रक्ष्या बाम ने कहा, "हमारी मुख्य मांगें 'पारदर्शिता और जवाबदेही' थीं। नागरिक सरकार को पारदर्शी और लोगों के प्रति जवाबदेह होना चाहिए। आदर्श श्रेष्ठ को तुरंत कार्यालय से हटा दिया जाना चाहिए, और जो नियुक्तियां उन्होंने भाई-भतीजावाद के तहत की हैं, उन्हें रद्द कर दिया जाना चाहिए।"

नेपाल में इससे पहले भी हिंसा की घटनाएं हुई हैं। जेन-जी के नेता और समर्थक लगातार अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। सिमारा में 21 नवंबर को जेन-जी के युवा प्रदर्शन कर रहे थे, जिसके दौरान हिंसक झड़पें हुईं।

नेपाली मीडिया के अनुसार, जेन-जी युवा शांति से विरोध प्रदर्शन करने के लिए इकट्ठा हुए थे, तभी सीपीएन-यूएमएल के समर्थकों ने उन पर हमला कर दिया। इस झड़प के बाद सिमारा में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।

जितपुरसिमारा सब मेट्रोपॉलिटन सिटी के मेयर राजन पौडेल ने बताया कि जेन-जी रात करीब 10 बजे सिमारा में शांति से प्रदर्शन करने के लिए इकट्ठा हुए थे। जेन-जी ग्रुप, बारा के नेतृत्व में सम्राट उपाध्याय और अन्य लोग भी मौके पर मौजूद थे। हालांकि, यूएमएल कैडर ने सम्राट उपाध्याय और अन्य को पीटा। इस हिंसा में कई लोग घायल हो गए हैं।

हालात को देखते हुए क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिया गया है। वहीं, दूसरी ओर सीपीएन-यूएमएल की बैठक में शामिल होने के लिए घटनास्थल पर पहुंचने वाले पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को एयरपोर्ट से ही लौटना पड़ा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहां युवा वर्ग की आवाज़ें अब और अधिक मुखर होती जा रही हैं। जेनरेशन जेड (जेन-जी) ने पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की है, जो कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के लिए महत्वपूर्ण है। इस मुद्दे पर सरकार की प्रतिक्रिया और लोगों की आवाज़ों का यह टकराव निश्चित रूप से भविष्य में राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित करेगा।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल में जेन-जी क्या कर रहा है?
जेन-जी अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरा है, विशेष रूप से भाई-भतीजावाद के मुद्दे पर।
क्या पीएम कार्की के पर्सनल सेक्रेटरी की नियुक्ति विवादास्पद है?
हां, इस नियुक्ति को लेकर जेन-जी ने इस्तीफे की मांग की है।
सिमारा में क्या हुआ?
सिमारा में जेन-जी के युवा प्रदर्शन कर रहे थे, जब सीपीएन-यूएमएल के समर्थकों ने उन पर हमला किया।
क्या नेपाल में कर्फ्यू लगा?
हां, हिंसा के बाद कर्फ्यू लगाया गया है।
जेन-जी की मुख्य मांगें क्या हैं?
जेन-जी की मुख्य मांगें पारदर्शिता और जवाबदेही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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