नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना: आनंद मोहन ने जताया असंतोष
सारांश
Key Takeaways
- असंतोष: नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर जनता की नाखुशी।
- तेजस्वी यादव: हार को लोकतंत्र की हत्या बताया।
- दुष्कर्म मामला: आनंद मोहन ने न्याय की बात की।
- सीबीआई जांच: राजीव प्रताप रूड़ी की मांग।
- युवाओं की राजनीति में भागीदारी: आनंद मोहन का सुझाव।
पटना, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पूर्व सांसद आनंद मोहन ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा राज्यसभा में जाने के निर्णय पर असंतोष व्यक्त किया।
आनंद मोहन ने मंगलवार को संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि नीतीश कुमार अब राज्यसभा जा रहे हैं, लेकिन प्रदेश की जनता इससे संतुष्ट नहीं है। इसके अलावा, वे किसी भी स्थान पर जा सकते हैं।
इसके साथ ही, तेजस्वी यादव ने राज्यसभा में मिली हार को लोकतंत्र की हत्या बताया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए आनंद मोहन ने कहा कि तेजस्वी यादव की स्थिति अब ऐसी हो गई है कि उनके पास कोई विकल्प नहीं है। उन्हें पिछले कई चुनावों में हार का सामना करना पड़ा है। इसी कारण से उनकी प्रतिक्रियाएं स्वीकार नहीं की जा सकती हैं।
उन्होंने आगे कहा कि मेरा सुझाव है कि तेजस्वी यादव को बिहार की जनतानेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी दी है। इसलिए, उनके लिए बेहतर होगा कि वे इस भूमिका को पूरी निष्ठा से निभाएं। इस स्थिति में उनका हित निहित है।
जब आनंद मोहन से पूछा गया कि प्रदेश का मुख्यमंत्री जदयू के कोटे से होना चाहिए या भाजपा से, तो उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से खारिज नहीं किया जा सकता है कि बिहार विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री के रूप में प्रस्तुत किया गया था। उनके चेहरे पर ही पूरा चुनाव लड़ा गया था। ऐसी स्थिति में कोई भी कदम इसी दिशा में उठाना चाहिए, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। ये लोग अब राजद को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
इसके साथ ही, छपरा में हुए दुष्कर्म मामले पर भी आनंद मोहन ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हम वहां जा रहे हैं और स्थिति का अवलोकन करेंगे। हम अपराध को जाति के आधार पर विभाजित नहीं करने की कोशिश करते हैं। यदि बच्ची के साथ कुछ गलत हुआ है, तो निश्चित रूप से न्याय मिलेगा।
राजीव प्रताप रूड़ी ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। इस पर आनंद मोहन ने कहा कि सीबीआई जांच से कुछ नहीं होगा। यदि वास्तव में जांच करनी है तो न्यायिक जांच ज्यादा बेहतर रहेगी। किसी रिटायर्ड या नियमित जज की अगुवाई में इस मामले की जांच होनी चाहिए।
उन्होंने निशांत कुमार के राजनीति में प्रवेश के कदम का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बिहार की राजनीति के लिए यह बेहतर रहेगा कि युवा वर्ग को राजनीति में प्राथमिकता मिले। इससे राजनीति को नई गति मिलेगी।