ईरान पर हमलों के विरोध में जोसेफ केंट का इस्तीफा: जमीर की आवाज
सारांश
Key Takeaways
- जोसेफ केंट ने ईरान के खिलाफ हमलों के विरोध में इस्तीफा दिया।
- उन्होंने इसे गैर जरूरी बताया।
- ईरान से कोई तत्काल खतरा नहीं है।
- केंट ने इजरायल के दबाव का जिक्र किया।
- उनका इस्तीफा अमेरिकी विदेश नीति पर असर डाल सकता है।
वाशिंगटन, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका के प्रमुख काउंटरटेररिज्म अधिकारी जोसेफ केंट ने ईरान के खिलाफ चल रहे हमलों के विरोध में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लिखे पत्र में यह स्पष्ट किया कि इस संघर्ष की आवश्यकता नहीं थी और वह इस युद्ध का समर्थन नहीं कर सकते।
केंट ने अपने सोशल मीडिया पर भी यह पत्र साझा किया है। पत्र में ईरान पर की गई एयर स्ट्राइक को गैर जरूरी बताते हुए इसे इजरायल के दबाव में किया गया हमला करार दिया है।
उन्होंने इसे अपनी अंतरात्मा की आवाज पर उठाया गया कदम बताते हुए कहा कि काफी सोच-विचार के बाद, उन्होंने नेशनल काउंटर-टेररिज्म सेंटर के निदेशक के पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है, जो आज से प्रभावी है। वह अपनी जमीर के खिलाफ जाकर ईरान में चल रहे युद्ध का समर्थन नहीं कर सकते।
केंट ने कहा कि ईरान से अमेरिका को कोई तत्काल खतरा नहीं था, और यह स्पष्ट है कि यह युद्ध इजरायल और उसकी शक्तिशाली अमेरिकी लॉबी के दबाव में शुरू किया गया है। उन्होंने आदर्शों और मूल्यों की वकालत करते हुए कहा, "मैं उन मूल्यों और विदेश नीतियों का समर्थन करता हूं जिनके आधार पर आपने 2016, 2020 और 2024 में चुनाव प्रचार किया था।"
केंट ने ट्रंप प्रशासन को कठघरे में खड़ा करते हुए आगे लिखा, "आपने कासिम सुलेमानी को मारकर और आईएसआईएस को हराकर यह साबित किया था कि आप सैन्य शक्ति का सही तरीके से इस्तेमाल कैसे करना जानते हैं।"
उन्होंने अपनी पत्नी को खोने के दर्द का जिक्र करते हुए कहा, "यह अभियान आपके 'अमेरिका फर्स्ट' के एजेंडे को कमजोर कर रहा है और ईरान के खिलाफ युद्ध को बढ़ावा देने के लिए युद्ध-समर्थक भावनाएं भड़का रहा है। एक पूर्व सैनिक के रूप में, मैं अगली पीढ़ी को ऐसे युद्ध में भेजने का समर्थन नहीं कर सकता।"
केंट ने कहा कि कुछ वरिष्ठ इजरायली अधिकारियों और अमेरिकी मीडिया के प्रभावशाली लोगों ने मिलकर 'गलत जानकारी फैलाने का अभियान' चलाया है ताकि ऐसा माहौल बने कि ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किया जाए।
पत्र के अंत में उन्होंने राष्ट्रपति से इस दिशा को बदलने की अपील की है। कहा, "अब साहसिक कदम उठाने का समय है। आप अपना रास्ता बदल सकते हैं या फिर आप हमें पतन और अराजकता की ओर और भी ज्यादा फिसलने दे सकते हैं। सब कुछ आपके हाथ में है।"