भारत किन देशों से करता है पेट्रोलियम आयात और होर्मुज स्ट्रेट का महत्व
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मिडिल ईस्ट में चल रहे भीषण संघर्ष का प्रभाव विश्व के अन्य हिस्सों पर भी स्पष्ट रूप से नजर आ रहा है। यदि इन हमलों को रोका नहीं गया, तो इसका गंभीर असर वैश्विक बाजार और अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। इस कठिनाई के बीच, भारत अपनी सीक्रेट डिप्लोमेसी का उपयोग कर इन हालातों के नकारात्मक प्रभाव को कम करने की कोशिशें कर रहा है।
होर्मुज स्ट्रेट में उत्पन्न संकट के कारण, अमेरिका को नाटो देशों से गुहार करनी पड़ रही है कि वह स्ट्रेट को सुरक्षित रखने के लिए मदद करें और युद्धपोत भेजें। इन कठिनाईयों के बावजूद, भारत होर्मुज स्ट्रेट से अपने दो जहाज सफलतापूर्वक निकालने में सफल रहा है।
भारत के ये जहाज अब भारतीय समुद्री तट पर पहुंच चुके हैं, और अन्य जहाजों के आने की संभावना भी बनी हुई है। भारत अपनी कच्चे तेल की आवश्यकता का लगभग 85 से 89 प्रतिशत आयात करता है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, अब होर्मुज स्ट्रेट के बाहर से आने वाला कच्चा तेल भारत के कुल आयात का 70 प्रतिशत है। भारत की ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित है, और कच्चे तेल की दैनिक खपत लगभग 55 लाख बैरल है, जिसे यह लगभग 40 देशों से प्राप्त करता है।
भारत की प्राकृतिक गैस की दैनिक खपत लगभग 189 मिलियन घन मीटर है, जिसमें से 97.5 मिलियन घन मीटर का उत्पादन देश में ही होता है। अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण लगभग 47.4 मिलियन घन मीटर की आपूर्ति प्रभावित हुई है।
रसोई गैस के लिए, भारत अपनी एलपीजी खपत का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है, जिसमें से 90 प्रतिशत होर्मुज स्ट्रेट के माध्यम से आता है। वर्तमान स्थिति के कारण यह आयात प्रभावित हुआ है, हालांकि सरकारी उपायों के परिणामस्वरूप घरेलू एलपीजी उत्पादन में 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
भारत के प्रमुख कच्चे तेल आपूर्तिकर्ता में रूस, इराक, सऊदी अरब, और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, अमेरिका से भी कच्चे तेल का आयात बढ़ा है। भारत खाड़ी और मध्य पूर्व के देशों जैसे कुवैत, कतर, ओमान, और मिस्र; अफ्रीका के नाइजीरिया, अंगोला, लीबिया, और अल्जीरिया; और अमेरिकी महाद्वीप में कनाडा, मेक्सिको, और ब्राजील से भी तेल का आयात करता है।
भारत कतर से कुल एलएनजी का 47-50 प्रतिशत आयात करता है। इसके अलावा, यह संयुक्त अरब अमीरात, ओमान, नाइजीरिया, और अंगोला, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका से भी एलएनजी का आयात करता है। खाना पकाने के लिए भारत मुख्य रूप से कतर, सऊदी अरब, और संयुक्त अरब अमीरात पर निर्भर है, जबकि अमेरिका भी अब इस सूची में शामिल हो गया है।