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हरियाणा महिला आयोग ने 'सरके चुनर तेरी सरके' पर उठाए सवाल, अश्लीलता के खिलाफ सख्त कदम

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हरियाणा महिला आयोग ने 'सरके चुनर तेरी सरके' पर उठाए सवाल, अश्लीलता के खिलाफ सख्त कदम

सारांश

हरियाणा राज्य महिला आयोग ने मनोरंजन क्षेत्र में बढ़ती अश्लीलता के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने 'सरके चुनर तेरी सरके' गाने पर अपनी चिंता जताते हुए सीबीएफसी को पत्र लिखा है। जानिए इस मामले की पूरी जानकारी।

मुख्य बातें

हरियाणा महिला आयोग ने अश्लीलता के खिलाफ सख्त कदम उठाया है।
गाना 'सरके चुनर तेरी सरके' विवादित सामग्री से भरा है।
आयोग ने सीबीएफसी को पत्र भेजकर अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं।
ऐसे गाने बच्चों और युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।
मीडिया समाज के नैतिक मूल्यों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

चंडीगढ़, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। हरियाणा राज्य महिला आयोग ने मनोरंजन उद्योग में बढ़ती अश्लीलता और विवादास्पद सामग्री के प्रति सख्त रुख अपनाया है। मशहूर गायक बादशाह के 'ततीरी' गाने पर ध्यान देने के बाद, आयोग ने मंगलवार को बॉलीवुड के एक और गाने 'सरके चुनर तेरी सरके' पर भी आपत्ति जताई है। इस गाने में प्रयुक्त विवादास्पद शब्दों और दृश्य सामग्री को लेकर आयोग ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के अध्यक्ष को पत्र भेजकर अपनी गहरी चिंताओं को व्यक्त किया है।

हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने जानकारी दी कि आयोग ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि हरियाणा राज्य महिला आयोग (एचएससीडब्ल्यू) एक विधिक संस्था है, जिसकी स्थापना एचएससीडब्ल्यू अधिनियम, 2012 के तहत की गई है। इसकी प्राथमिकता महिलाओं के अधिकारों और हितों की सुरक्षा और संवर्धन करना है।

आयोग ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि हाल के दिनों में सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए स्वीकृत किए जा रहे गीतों में अश्लीलता और अभद्रता की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है, जो अत्यंत चिंताजनक है। विशेष रूप से 'सरके चुनर तेरी सरके' गाने में, जिसमें अभिनेत्री और डांसर नोरा फतेही शामिल हैं, ऐसी सामग्री पाई गई है जो सिनेमैटोग्राफ एक्ट, 1952 के तहत निर्धारित मानकों और दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करती प्रतीत होती है। आयोग ने यह भी जोर दिया कि इस प्रकार के गाने बच्चों और युवाओं पर नकारात्मक और दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकते हैं। खासकर युवा वर्ग, जो लोकप्रिय मीडिया से बहुत प्रभावित होता है, ऐसे कंटेंट के कारण गलत दिशा में जा सकता है। अश्लील दृश्यों और संकेतात्मक बोलों की बढ़ती प्रवृत्ति सेंसर बोर्ड की कार्यप्रणाली और उसकी जिम्मेदारियों पर भी सवाल उठाती है।

महिला आयोग का मानना है कि मीडिया समाज के नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों को आकार देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में सभी नियामक संस्थाओं की यह जिम्मेदारी है कि वे अपनी जिम्मेदारियों का पालन पूरी निष्ठा, जवाबदेही और कानूनी प्रावधानों के अनुसार करें। आयोग ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड से इस मामले में शीघ्र विस्तृत जवाब देने और भविष्य में इस प्रकार की सामग्री की कठोर जांच सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया है।

महिला आयोग द्वारा अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री के खिलाफ उठाए जा रहे कड़े कदम न केवल समाज को सकारात्मक दिशा में ले जाने का प्रयास हैं, बल्कि महिलाओं के प्रति गलत सोच रखने वाले असामाजिक तत्वों के लिए भी एक सख्त संदेश साबित हो सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूरे समाज के नैतिक मूल्यों की रक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरियाणा महिला आयोग का मुख्य उद्देश्य क्या है?
हरियाणा महिला आयोग का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के अधिकारों और हितों की सुरक्षा और संवर्धन करना है।
'सरके चुनर तेरी सरके' गाने पर आयोग ने किस प्रकार की चिंता जताई है?
आयोग ने इस गाने में अश्लीलता और आपत्तिजनक शब्दों को लेकर गहरी चिंता जताई है।
क्या आयोग ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड को पत्र लिखा है?
हाँ, आयोग ने सीबीएफसी को पत्र लिखकर अपनी चिंताओं को व्यक्त किया है।
इस प्रकार के गानों का बच्चों पर क्या प्रभाव पड़ सकता है?
ऐसे गाने बच्चों और युवाओं पर नकारात्मक और दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकते हैं।
महिला आयोग का मानना है कि मीडिया की भूमिका क्या है?
आयोग का मानना है कि मीडिया समाज के नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
राष्ट्र प्रेस
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