एनएचआरसी ने संजय दत्त और नोरा फतेही के गाने 'सरके चुनर' पर उठाई चिंता, समाज में गंदगी फैलने नहीं देंगे

Click to start listening
एनएचआरसी ने संजय दत्त और नोरा फतेही के गाने 'सरके चुनर' पर उठाई चिंता, समाज में गंदगी फैलने नहीं देंगे

सारांश

संजय दत्त और नोरा फतेही के गाने 'सरके चुनर' ने एनएचआरसी का ध्यान आकर्षित किया है। प्रियंक कानूनगो ने अश्लीलता के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। क्या यह गाना युवा पीढ़ी पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा?

Key Takeaways

  • एनएचआरसी ने 'सरके चुनर' गाने पर गंभीर आपत्ति जताई है।
  • गाने में अश्लीलता को लेकर सेंसर बोर्ड की आलोचना की गई है।
  • गाने का संशोधित संस्करण जल्दी ही रिलीज़ होने की संभावना है।
  • सामाजिक प्रभाव को लेकर चिंता जताई गई है।
  • प्रमुख हस्तियों ने गाने की आलोचना की है।

नई दिल्ली, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। संजय दत्त और नोरा फतेही के नए गाने 'सरके चुनर तेरी सरके' पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने मंगलवार को गंभीर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि बॉलीवुड से नैतिकता की अपेक्षा नहीं की जा सकती, परंतु सेंसर बोर्ड द्वारा अश्लीलता को लाइसेंस देना शर्मनाक है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में प्रियंक कानूनगो ने लिखा, "कौन सभ्य परिवार साथ बैठकर यह देख सकता है? बॉलीवुड से नैतिकता की अपेक्षा तो है ही नहीं, परंतु सेंसर बोर्ड द्वारा अश्लीलता को लाइसेंस देना शर्मनाक है। यह मानसिक रोगी अपनी मनोविकृतियों से पीढ़ियों को बर्बाद कर रहे हैं। हम इस गंदगी को समाज में फैलने नहीं देंगे, कार्यवाही हेतु नोटिस जारी कर रहे हैं।"

इससे पहले, एनएचआरसी के सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने एक शिकायत का संज्ञान लिया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि हाल ही में रिलीज़ हुए इस गाने में अश्लील और दोहरे अर्थ वाले बोल हैं, जो आम जनता के लिए, खासकर नाबालिगों के लिए अनुचित हैं। शिकायत के अनुसार, यह गाना टेलीविज़न, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के ज़रिए बड़े पैमाने पर उपलब्ध है, जिसका नाबालिगों के मानसिक स्वास्थ्य और नैतिक माहौल पर बुरा असर पड़ सकता है। इसमें आगे आरोप लगाया गया कि मुख्यधारा के मनोरंजन में अश्लील बोल वाली सामग्री का बढ़ता चलन युवा दर्शकों के बीच अनुचित अभिव्यक्तियों को सामान्य बनाने में योगदान देता है।

हस्तक्षेप की मांग करते हुए, शिकायतकर्ता ने अनुरोध किया कि मानवाधिकारों की सर्वोच्च संस्था इस मुद्दे की जांच करे, संबंधित प्रमाणन अधिकारियों से एक रिपोर्ट प्राप्त करे, और ऐसी सामग्री को विनियमित करने तथा बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक दिशानिर्देश या परामर्श जारी करे। यह देखते हुए कि यदि आरोप सच हैं, तो प्रथम दृष्टा वे नाबालिगों की सुरक्षा से संबंधित मानवाधिकारों के संभावित उल्लंघन का संकेत देते हैं, एनएचआरसी ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत नोटिस जारी किया।

इन सब के बीच, सूत्रों ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस को बताया कि निर्माता फिलहाल नए बोलों के साथ गाने के एक संशोधित संस्करण पर काम कर रहे हैं, जिसके जल्द ही रिलीज़ होने की उम्मीद है, हालांकि इसकी समय-सीमा अभी स्पष्ट नहीं है।

संजय दत्त और नोरा फतेही पर फिल्माए गए इस गाने को रिलीज़ होने के तुरंत बाद ही इसकी उत्तेजक कोरियोग्राफी और बोलों के लिए व्यापक आलोचना का सामना करना पड़ा था। इस गाने को मंगली ने गाया है, इसके बोल रकीब आलम ने लिखे हैं और इसका संगीत अर्जुन जान्या ने तैयार किया है, साथ ही इसे अरेंज और प्रोड्यूस भी उन्होंने ही किया है।

इस विवाद पर कई जानी-मानी हस्तियों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। गायक अरमान मलिक ने इस गाने को गीत-लेखन के मामले में "गिरावट की नई मिसाल" बताया, जबकि पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने इस गाने की आलोचना की और इसमें अभिनेताओं के शामिल होने पर सवाल उठाए।

Point of View

क्योंकि यह गाना नाबालिगों के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। समाज को इस तरह की सामग्री से बचाना चाहिए।
NationPress
18/03/2026

Frequently Asked Questions

एनएचआरसी ने गाने पर क्यों आपत्ति जताई?
एनएचआरसी ने गाने में अश्लीलता और दोहरे अर्थों के लिए आपत्ति जताई है, जो नाबालिगों के लिए अनुचित हो सकता है।
क्या गाने के बोल में बदलाव होगा?
सूत्रों के अनुसार, निर्माता नए बोलों के साथ गाने का एक संशोधित संस्करण तैयार कर रहे हैं।
इस विवाद पर अन्य हस्तियों की क्या राय है?
गायक अरमान मलिक और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने गाने की आलोचना की है।
गाने का संगीत कौन तैयार किया है?
गाने का संगीत अर्जुन जान्या ने तैयार किया है।
इस गाने में किसने गाया है?
इस गाने को मंगली ने गाया है।
Nation Press