एनआईए ने अमृतसर में अनवर मसीह की दो संपत्तियाँ जब्त कीं, 500 किलो हेरोइन और नार्को-टेरर नेटवर्क से जुड़ा मामला
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 14 अगस्त 2026 को अमृतसर में आरोपी अनवर मसीह की दो अचल संपत्तियाँ जब्त कर लीं। यह कार्रवाई 500 किलो हेरोइन तस्करी के उस मामले से जुड़ी है जिसे 'सलाया ड्रग जब्ती मामला' के नाम से जाना जाता है और जिसमें एक अंतरराष्ट्रीय नार्को-टेरर साजिश का पर्दाफाश हुआ है। अब तक इस मामले में 26 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
कौन-सी संपत्तियाँ जब्त हुईं
अमृतसर के सुल्तानविंड स्थित आकाश विहार, प्रथम चरण में प्लॉट संख्या 128 और 129 पर स्थित ये संपत्तियाँ अनवर मसीह के नाम पर पंजीकृत हैं। कुर्की गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धारा 25(1) के तहत की गई है। जब्ती की कार्रवाई 13 अगस्त को गवाहों की उपस्थिति में और राजस्व अधिकारियों की सहायता से संपन्न हुई। कुर्की आदेश संपत्तियों पर चिपकाने से पहले तामील कराया गया, पढ़कर सुनाया गया और एक कुर्की ज्ञापन तथा पंचनामा तैयार किया गया।
अंतरराष्ट्रीय नार्को-टेरर नेटवर्क का खुलासा
एनआईए की जांच के अनुसार, अनवर मसीह एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ा था जो इटली, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), थाईलैंड, ईरान और पाकिस्तान तक फैला हुआ है। यह नेटवर्क नशीले पदार्थों की तस्करी और वितरण में सक्रिय था और इससे अर्जित धन का उपयोग कथित तौर पर लश्कर-ए-तैबा (LeT) से जुड़ी आतंकवादी गतिविधियों के वित्तपोषण में किया जाता था। एजेंसी के अनुसार जब्त संपत्तियों का सीधा संबंध इसी आतंकवाद-वित्तपोषित धन से स्थापित हुआ है।
सलाया मामला: पाकिस्तान से समुद्री मार्ग से हेरोइन
गौरतलब है कि यह मामला पाकिस्तान से भारत में समुद्री मार्ग से 500 किलो हेरोइन की तस्करी से संबंधित है। यह ऐसे समय में सामने आया है जब सीमा-पार नशे और हथियारों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए केंद्रीय एजेंसियाँ और राज्य पुलिस दोनों मिलकर अभियान चला रही हैं।
अमृतसर पुलिस की पूर्व कार्रवाई
इससे पहले अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने नशे और हथियारों की तस्करी के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए दो प्रमुख क्रॉस-बॉर्डर नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था और पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से सात अवैध पिस्तौल और 2 किलो 30 ग्राम हेरोइन बरामद हुई थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ये आरोपी विदेश में बैठे तस्करों के संपर्क में थे और अमृतसर तथा तरनतारन के इलाकों में हथियार सप्लाई करने की योजना बना रहे थे।
आगे क्या
एनआईए ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे भी कार्रवाई संभव है। इस मामले में संपत्ति जब्ती आतंकवाद विरोधी कानून के तहत नार्को-टेरर नेटवर्क की आर्थिक जड़ों को काटने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।