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एनआईए की बड़ी कार्रवाई: लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े नार्को-टेरर नेटवर्क की अमृतसर संपत्ति कुर्क

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एनआईए की बड़ी कार्रवाई: लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े नार्को-टेरर नेटवर्क की अमृतसर संपत्ति कुर्क

सारांश

एनआईए ने लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े नार्को-टेरर नेटवर्क के खिलाफ अमृतसर में संपत्ति कुर्क कर दी — ड्रग मनी से आतंकी फंडिंग के इस जाल के तार इटली, ऑस्ट्रेलिया, दुबई और पाकिस्तान तक फैले हैं। 26 आरोपी, जांच जारी।

मुख्य बातें

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अमृतसर के होली एन्क्लेव फेज-1 स्थित मकान संख्या-33 को यूएपीए की धारा 25(1) के तहत कुर्क किया।
संपत्ति मुख्य आरोपी अंकुश कपूर के पिता के नाम पर दर्ज है; अंकुश को नेटवर्क का प्रमुख संचालक बताया गया है।
नेटवर्क के तार इटली, ऑस्ट्रेलिया, ईरान, थाईलैंड, संयुक्त अरब अमीरात और पाकिस्तान से जुड़े पाए गए।
ड्रग तस्करी से अर्जित धन का उपयोग लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी नेटवर्क की वित्तीय मदद के लिए किया जा रहा था।
मामले में अब तक 26 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल; जांच अभी जारी है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 17 जून 2025 को लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नार्को-टेरर नेटवर्क के विरुद्ध ठोस कदम उठाते हुए अमृतसर के होली सिटी, होली एन्क्लेव फेज-1 स्थित मकान संख्या-33 को कुर्क कर लिया। यह कार्रवाई सालाया ड्रग जब्ती मामले के तहत गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 25(1) के अंतर्गत की गई है। एजेंसी ने इस संपत्ति को आतंकवाद से अर्जित संपत्ति घोषित किया है।

कार्रवाई का ब्योरा

एनआईए की टीम ने स्वतंत्र गवाहों और स्थानीय प्रशासन की उपस्थिति में कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए यह कुर्की संपन्न की। जांच एजेंसी के अनुसार, यह संपत्ति मुख्य आरोपी अंकुश कपूर के पिता के नाम पर पंजीकृत है। अंकुश कपूर को भारत में सक्रिय इस नार्को-टेरर नेटवर्क का प्रमुख संचालक बताया जा रहा है।

नेटवर्क का अंतरराष्ट्रीय विस्तार

एनआईए की जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क के तार इटली, ऑस्ट्रेलिया, ईरान, थाईलैंड, संयुक्त अरब अमीरात और पाकिस्तान समेत कई देशों से जुड़े हैं। अंकुश कपूर के संबंध दुबई में बैठे एक ऐसे आरोपी से पाए गए, जिसका सीधा जुड़ाव प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से था। पिछले वर्ष गिरफ्तार किए गए अंकुश की भूमिका मादक पदार्थों की तस्करी, परिवहन, भंडारण, वितरण और आतंकवाद से संबंधित वित्तीय लेन-देन में महत्वपूर्ण मानी गई है।

ड्रग मनी से आतंकी फंडिंग

जांच में खुलासा हुआ कि मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित धन का उपयोग भारत में आतंकवादी गतिविधियों को वित्तीय सहायता देने के लिए किया जा रहा था। इसके लिए एक जटिल और सुनियोजित वित्तीय नेटवर्क का सहारा लिया जा रहा था। यह ऐसे समय में सामने आया है जब सीमा-पार नार्को-टेरर गठजोड़ राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए प्राथमिकता का विषय बना हुआ है।

आरोपियों पर कानूनी शिकंजा

एनआईए पहले ही अंकुश कपूर के विरुद्ध आतंकवादी फंडिंग, आपराधिक षड्यंत्र और गैरकानूनी आतंकी नेटवर्क को सहयोग देने के आरोपों में आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। उस पर एनडीपीएस अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत भी मामला दर्ज है। इस पूरे मामले में अब तक 26 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं, जबकि जांच अभी जारी है।

आगे की राह

एनआईए ने स्पष्ट किया है कि यह कुर्की भारत में आतंकवादी गतिविधियों को पोषित करने वाले वित्तीय और लॉजिस्टिक ढाँचे को पूरी तरह ध्वस्त करने के उसके निरंतर अभियान का हिस्सा है। गौरतलब है कि सालाया मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है और आने वाले समय में और कार्रवाइयों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर नेटवर्क को निष्क्रिय करने के लिए अंतरराष्ट्रीय न्यायिक सहयोग अनिवार्य है — जो अभी तक सीमित रहा है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनआईए ने अमृतसर में किसकी संपत्ति कुर्क की और क्यों?
एनआईए ने अमृतसर के होली एन्क्लेव फेज-1 स्थित वह मकान कुर्क किया जो मुख्य आरोपी अंकुश कपूर के पिता के नाम पर दर्ज है। यह संपत्ति लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े नार्को-टेरर नेटवर्क की आतंकवाद से अर्जित संपत्ति मानी गई है और यूएपीए की धारा 25(1) के तहत कुर्की की गई।
सालाया ड्रग जब्ती मामला क्या है?
सालाया ड्रग जब्ती मामला एनआईए द्वारा जांचा जा रहा एक अंतरराष्ट्रीय नार्को-टेरर केस है, जिसमें मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित धन का उपयोग भारत में आतंकवादी गतिविधियों को वित्तीय सहायता देने के लिए किया जा रहा था। इस मामले में अब तक 26 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल हो चुके हैं।
अंकुश कपूर की इस नेटवर्क में क्या भूमिका बताई गई है?
अंकुश कपूर को इस नार्को-टेरर नेटवर्क का प्रमुख संचालक माना जाता है। एनआईए के अनुसार वह मादक पदार्थों की तस्करी, परिवहन, भंडारण, वितरण और आतंकी फंडिंग से जुड़े वित्तीय लेन-देन में सक्रिय था। उसे पिछले वर्ष गिरफ्तार किया गया था।
इस नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय संबंध किन देशों से हैं?
जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क के तार इटली, ऑस्ट्रेलिया, ईरान, थाईलैंड, संयुक्त अरब अमीरात और पाकिस्तान से जुड़े हैं। अंकुश कपूर के संबंध दुबई स्थित एक ऐसे आरोपी से पाए गए जिसका सीधा जुड़ाव प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा से था।
एनआईए इस मामले में आगे क्या कदम उठाएगी?
एनआईए ने स्पष्ट किया है कि यह कुर्की आतंकवादी गतिविधियों के वित्तीय और लॉजिस्टिक ढाँचे को ध्वस्त करने के उसके सतत अभियान का हिस्सा है। मामले की जांच अभी जारी है और नेटवर्क के अन्य सदस्यों व संपत्तियों के खिलाफ और कार्रवाई की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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