बारामूला में NIA की बड़ी कार्रवाई: लश्कर-ए-तैयबा आतंकी साजिश मामले में शाहीन लोन की दो संपत्तियां जब्त
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बुधवार, 17 जून को जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में पाकिस्तान समर्थित आतंकी साजिश मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी शाहीन अहमद लोन की दो अचल संपत्तियां जब्त कर लीं। यह कार्रवाई NIA की स्पेशल कोर्ट, जम्मू के आदेशों के बाद गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 33(1) के तहत की गई है।
क्या जब्त हुआ और कहाँ
जब्त की गई दोनों संपत्तियां बारामूला जिले के कनिसपोरा गांव में स्थित हैं। इनमें सर्वे नंबर 1192 के तहत दर्ज 7.5 मरला जमीन पर बना एक रिहायशी मकान और 6 मरला जमीन का एक टुकड़ा शामिल है, जिस पर एक शेड निर्मित था। NIA जांच के अनुसार, ये संपत्तियां आतंकी नेटवर्क से अर्जित आय से जुड़ी बताई जा रही हैं।
आरोपी की भूमिका और जांच के निष्कर्ष
NIA की जांच में पाया गया कि शाहीन अहमद लोन पाकिस्तान से हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक की तस्करी में सक्रिय रूप से संलिप्त था। जांच के अनुसार, ये हथियार और विस्फोटक लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के सदस्यों को कश्मीर घाटी में आतंकी गतिविधियों के लिए सप्लाई किए जाते थे। इसके अतिरिक्त, लोन पर आतंकवादियों को वित्तीय सहायता प्राप्त करने और हस्तांतरित करने में भी सक्रिय भूमिका निभाने का आरोप है।
गिरफ्तारी और चार्जशीट का इतिहास
NIA ने शाहीन अहमद लोन को सितंबर 2020 में गिरफ्तार किया था। इसके बाद मार्च 2021 में एजेंसी ने UAPA की विभिन्न धाराओं के तहत उसके विरुद्ध NIA की स्पेशल कोर्ट, जम्मू में चार्जशीट दायर की। फिलहाल इस मामले में उस पर मुकदमा जारी है। गौरतलब है कि यह मामला जम्मू-कश्मीर में जारी व्यापक आतंकवाद-विरोधी अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत NIA पाकिस्तान समर्थित नेटवर्क की संपत्तियों पर लगातार शिकंजा कस रही है।
व्यापक संदर्भ और आगे की कार्रवाई
यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां जम्मू-कश्मीर में आतंकी वित्तपोषण नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए UAPA के प्रावधानों का व्यापक उपयोग कर रही हैं। संपत्ति जब्ती की यह रणनीति आतंकी संगठनों की आर्थिक नींव को कमज़ोर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जाती है। NIA की आगामी कार्रवाइयों पर अब सभी की निगाहें टिकी हैं, क्योंकि एजेंसी इस मामले में अन्य संदिग्ध संपत्तियों की भी पड़ताल कर रही है।