बारामूला में एनआईए की बड़ी कार्रवाई: यूएपीए आरोपी शाहीन अहमद लोन की 7.5 मरला जमीन कुर्क
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बुधवार, 17 जून को जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत आरोपी शाहीन अहमद लोन की अचल संपत्ति कुर्क की। यह कार्रवाई विशेष एनआईए अदालत, जम्मू द्वारा 30 अप्रैल को जारी आदेश के अनुपालन में की गई।
कुर्की का विवरण
कुर्क की गई संपत्ति उत्तर कश्मीर के बारामूला जिले के कनिसपोरा गांव में स्थित है। यह भूमि सर्वे नंबर 1192 के तहत दर्ज 7.5 मरला की अचल संपत्ति है। शाहीन अहमद लोन, स्वर्गीय नजीर अहमद लोन के पुत्र हैं और उसी गांव के निवासी हैं।
मामले की पृष्ठभूमि
यह कार्रवाई एनआईए केस आरसी-01/2020/एनआईए/जेएमयू के संदर्भ में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धारा 33(1) के तहत की गई है। सूत्रों के अनुसार, शाहीन अहमद लोन को अवैध हथियारों से जुड़े एक मामले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और वह वर्तमान में नई दिल्ली की तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में है।
एनआईए की भूमिका और जम्मू-कश्मीर में गतिविधियां
राष्ट्रीय जांच एजेंसी भारत की प्रमुख आतंकवाद-रोधी जांच एजेंसी है, जिसकी स्थापना वर्ष 2008 में एनआईए अधिनियम के अंतर्गत की गई थी। यह केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करती है और इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है। एजेंसी आतंकवाद, आतंकी वित्तपोषण, हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी, तथा नकली मुद्रा नेटवर्क से जुड़े मामलों की जांच करती है।
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में एनआईए ने आतंकी फंडिंग, अलगाववादी नेटवर्क और आतंकवादी हमलों से संबंधित कई महत्वपूर्ण मामलों की जांच की है। संपत्ति कुर्की की यह प्रक्रिया आतंकी नेटवर्क के वित्तीय ढांचे को कमजोर करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जाती है।
आगे क्या होगा
कुर्क की गई संपत्ति अब विशेष एनआईए अदालत की निगरानी में रहेगी और मामले की सुनवाई जारी रहने के साथ इस पर अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा लिया जाएगा। यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर में एनआईए की सक्रियता और यूएपीए के प्रवर्तन को लेकर एक महत्वपूर्ण संकेत है।