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क्या एनआईए ने 2024 झारखंड नक्सल अटैक के मुख्य आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दायर की?

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क्या एनआईए ने 2024 झारखंड नक्सल अटैक के मुख्य आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दायर की?

सारांश

झारखंड में 2024 में हुए नक्सली हमले के मुख्य आरोपी अभिजीत कोड़ा के खिलाफ एनआईए ने चार्जशीट दाखिल की है। यह मामला सुरक्षा बलों की कार्रवाई का परिणाम है, जिसमें कई महत्वपूर्ण सबूत भी बरामद हुए हैं। क्या यह कार्रवाई नक्सलवाद के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी?

मुख्य बातें

एनआईए ने झारखंड में नक्सल अटैक के मुख्य आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
मुख्य आरोपी अभिजीत कोड़ा सीपीआई (माओवादी) का सशस्त्र कैडर है।
जांच में कई महत्वपूर्ण सबूत बरामद हुए हैं।
यह कार्रवाई नक्सलवाद के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है।
मामले में जांच अभी भी जारी है।

नई दिल्ली, 27 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने झारखंड में 2024 में सुरक्षाबलों पर हुए नक्सली हमले के एक प्रमुख आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। एनआईए ने जून 2024 में इस मामले को अपने हाथ में लिया था। मामले में जांच अब भी जारी है।

इस मामले में बिहार के जमुई जिले का निवासी अभिजीत कोड़ा उर्फ ​​सुनील कोड़ा मुख्य आरोपी है। जांच एजेंसी ने अभिजीत कोड़ा के खिलाफ रांची की विशेष एनआईए कोर्ट में यह चार्जशीट प्रस्तुत की है। अभिजीत कोड़ा पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), आर्म्स एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम 1908 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।

अभिजीत कोड़ा सीपीआई (माओवादी) का सशस्त्र कैडर है। एनआईए की जांच में यह सामने आया कि वह संगठन के अन्य नेताओं और कैडर के साथ मिलकर नक्सली गतिविधियों में संलग्न था। इसके साथ ही, वह वरिष्ठ माओवादी नेताओं के लिए कूरियर और मैसेंजर के रूप में भी कार्य कर रहा था। वह संगठन के विस्तार और गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम देने के प्रयासों का समर्थन करता था।

यह मामला पिछले साल फरवरी में शुरू हुआ, जब झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ को बोकारो जिले के सुंदरी पहाड़ी जंगल क्षेत्र में 15-20 नक्सली कैडरों के डेरा डालने की सूचना मिली थी। जानकारी के अनुसार, ये कैडर अपराध करने, युवाओं की भर्ती करने, उगाही करने और सुरक्षाबलों पर हमला करने की योजना बना रहे थे।

जंगल में तलाशी और कांबिंग ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी थी, जिसका जवानों ने जवाबी कार्रवाई में सामना किया। घने जंगल का फायदा उठाकर नक्सली भागने में सफल रहे। हालांकि, सुरक्षाबलों ने मौके से वायरलेस हैंडसेट, एफएम रिसीवर रेडियो, फोन नंबरों की सूची के अलावा जिंदा कारतूस और बारूद जैसी विस्फोटक सामग्री बरामद की।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि नक्सलवाद एक गंभीर चुनौती है जो देश की सुरक्षा को प्रभावित करती है। एनआईए की कार्यवाही से स्पष्ट होता है कि सरकार इस समस्या से निपटने के लिए गंभीर है। हमें इस दिशा में आगे बढ़ते रहना होगा।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनआईए ने चार्जशीट कब दाखिल की?
एनआईए ने चार्जशीट 27 सितंबर 2024 को दाखिल की।
एनआईए ने इस मामले को कब अपने हाथ में लिया?
एनआईए ने जून 2024 में इस मामले को अपने हाथ में लिया।
इस मामले में क्या आरोप लगाए गए हैं?
अभिजीत कोड़ा पर विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं, जिसमें आईपीसी और आर्म्स एक्ट शामिल हैं।
क्या इस मामले में जांच जारी है?
हाँ, मामले में जांच अब भी जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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