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क्या एनआईए ने सुहास शेट्टी हत्याकांड में 11 गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया?

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क्या एनआईए ने सुहास शेट्टी हत्याकांड में 11 गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया?

सारांश

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सुहास शेट्टी हत्याकांड में 11 गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है, जिसमें उनकी साजिश और हत्या के पीछे की कहानी का विस्तृत विवरण शामिल है। यह मामला समाज में आतंक फैलाने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा है।

मुख्य बातें

एनआईए ने 11 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया।
हत्या एक बड़ी साजिश का हिस्सा थी।
जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं।
समाज में आतंक फैलाने के लिए हत्या की गई।
आरोपियों ने महीनों तक शेट्टी की गतिविधियों पर नजर रखी।

नई दिल्ली, 30 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को सुहास शेट्टी हत्याकांड में 11 गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र पेश किया।

यह आरोपपत्र कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित एनआईए की विशेष अदालत में 11 गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम 1967, भारतीय न्याय संहिता 2023 और शस्त्र अधिनियम 1959 की विभिन्न धाराओं के तहत दायर किया गया है।

सुहास शेट्टी की 1 मई 2025 को घातक हथियारों से लैस सात लोगों ने बेरहमी से हत्या कर दी थी। समाज में भय और आतंक फैलाने के लिए यह चौंकाने वाली हत्या सार्वजनिक रूप से की गई थी। गृह मंत्रालय के निर्देश पर मामले को अपने हाथ में लेने वाली एनआईए को टारगेट किलिंग के पीछे एक बड़ी साजिश का पता चला।

एनआईए ने जांच के दौरान पाया कि विस्तृत साजिश के तहत कई महीनों तक सुहास शेट्टी की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखी गई थी और घटना के दिन दो कारों में सवार सात आरोपियों ने सुहास शेट्टी की इनोवा कार का पीछा किया। आरोपियों ने जानबूझकर सुहास शेट्टी द्वारा चलाई जा रही इनोवा को एक्सीडेंट करवाया और फिर एक अन्य वाहन से टक्कर मारी, जिससे सुहास शेट्टी और उसके दोस्तों के भागने के सारे रास्ते बंद हो गए। सुहास शेट्टी को पैदल भागने पर मजबूर होना पड़ा और हमलावरों ने उसका पीछा करके उसे मौत के घाट उतार दिया।

एनआईए की जांच के अनुसार, आतंकी साजिश प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के पूर्व सदस्य अब्दुल सफवान उर्फ कलावरु सफवान उर्फ चोपू सफवान ने नियाज उर्फ निया, मोहम्मद मुसमीर उर्फ महमद मुसमीर उर्फ मोहम्मद उर्फ मुजम्मिल, नौशाद उर्फ वामनजूर नौशाद उर्फ छोटे नौशाद उर्फ छोटू (केएफडी और पीएफआई के एक अन्य पूर्व सदस्य) और आदिल महारूफ के साथ मिलकर रची थी। आरोपी आदिल महारूफ उर्फ आदिल ने धन मुहैया कराया था, जिसका इस्तेमाल भुगतान के वादे पर या पीड़ित के साथ किसी पुरानी दुश्मनी का फायदा उठाकर अन्य आरोपियों की भर्ती के लिए किया गया था।

कलंदर शफी उर्फ मंडे शफी, एम नागराजा उर्फ नागा उर्फ अप्पू, रंजीत, महम्मद रिजवान उर्फ रिजजू, अजरुद्दीन उर्फ अजर उर्फ अज्जू और अब्दुल खादर उर्फ नौफल सहित उपरोक्त सभी पांचों का नाम बुधवार को दायर आरोपपत्र में शामिल है। गिरफ्तार एक अन्य आरोपी अब्दुल रजाक के खिलाफ जांच चल रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दर्शाता है कि देश में आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। यह दिखाता है कि हम अपनी सुरक्षा को लेकर कितने जागरूक हैं और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए हमारे प्रयास लगातार जारी हैं।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या एनआईए ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है?
हाँ, एनआईए ने इस मामले में 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और एक अन्य आरोपी के खिलाफ जांच जारी है।
क्या यह हत्या एक साजिश का हिस्सा थी?
जी हाँ, एनआईए की जांच के अनुसार यह हत्या एक बड़ी साजिश का हिस्सा थी, जिसमें कई लोगों ने मिलकर योजना बनाई थी।
क्या आरोपपत्र में क्या धाराएं लगाई गई हैं?
आरोपपत्र में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराएं शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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