नीलगिरि में पर्यटकों की बाढ़ ने बढ़ाई ट्रैफिक जाम की चुनौतियाँ
सारांश
मुख्य बातें
चेन्नई, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु के प्रसिद्ध पहाड़ी पर्यटन स्थल नीलगिरि में इस समय पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है, जिससे ऊटी जैसे प्रमुख स्थानों पर यातायात जाम की समस्या और अधिक बढ़ गई है।
विभिन्न जिलों और अन्य राज्यों से पर्यटक नीलगिरि के सुंदर स्थलों की यात्रा के लिए आ रहे हैं, जिनमें से कई लोग सुविधाजनक यात्रा के लिए निजी वाहन का उपयोग कर रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, पहाड़ी सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं, जिससे यातायात में रुकावट आ रही है।
ऊटी में आने वाले दिनों में होने वाले वार्षिक ग्रीष्म उत्सव की तैयारियों के कारण स्थिति और भी अधिक गंभीर हो सकती है। फ्लॉवर शो, वेजिटेबल्स एग्जीबिशन, फ्रूट डिस्प्ले और सुगंध प्रदर्शनियां जैसे प्रमुख आकर्षण विभिन्न स्थानों पर आयोजित किए जाने हैं।
परंपरागत रूप से इन मौसमी आयोजनों में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं, जिससे पर्यटकों की संख्या में और वृद्धि होती है। तमिलनाडु के सभी स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा के कारण भी परिवार ऊटी और कोडाइकनाल जैसे पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा की योजना बना रहे हैं।
इसका परिणामस्वरूप, पिछले कुछ दिनों में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे स्थानीय बुनियादी ढांचे और परिवहन व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है।
अधिकारियों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में यातायात जाम का एक प्रमुख कारण निजी वाहनों पर अत्यधिक निर्भरता है। इसके समाधान के लिए अधिकारियों ने पर्यटकों से विशेष पर्यटक बसों और स्थानीय परिवहन सेवाओं का अधिक उपयोग करने की अपील की है, जो क्षेत्र में आवागमन को सुगम बनाने के लिए उपलब्ध कराई गई हैं।
रविवार को ऊटी में यातायात बहुत धीमा हो गया, और चारिंग क्रॉस और एटीसी रोड जैसे प्रमुख चौराहों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। यातायात जाम से बचने और वाहनों के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय यातायात पुलिस तैनात की गई है, लेकिन अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो यातायात जाम और भी बढ़ सकता है।
पर्यटन अधिकारियों ने पुनः पर्यटकों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा की योजना जिम्मेदारीपूर्वक बनाएं, और संभवतः भीड़भाड़ वाले समय से बचें, साथ ही सार्वजनिक या साझा परिवहन विकल्पों का उपयोग करें।
ग्रीष्मकालीन उत्सवों का मौसम अभी शुरू हुआ है, ऐसे में पर्यटकों की बढ़ती संख्या का प्रबंधन जिला प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती बनी हुई है।