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नीति आयोग इंडेक्स-2026 में पंजाब 22वें स्थान पर, भाजपा के ढिल्लों ने AAP सरकार को घेरा

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नीति आयोग इंडेक्स-2026 में पंजाब 22वें स्थान पर, भाजपा के ढिल्लों ने AAP सरकार को घेरा

सारांश

नीति आयोग के इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स-2026 में पंजाब 22वें स्थान पर फिसला — और भाजपा ने इसे AAP के निवेश-दावों के खिलाफ हथियार बना लिया। ढिल्लों का आरोप: करोड़ों के विज्ञापन, पर न उद्योग आए, न रोज़गार बढ़ा।

मुख्य बातें

नीति आयोग के इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स-2026 में पंजाब को 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों में 22वाँ स्थान मिला।
BJP पंजाब प्रदेश अध्यक्ष सरदार केवल सिंह ढिल्लों ने 19 जुलाई 2026 को AAP सरकार पर निवेश के झूठे दावों का आरोप लगाया।
ढिल्लों के अनुसार, अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान की सरकार ने विज्ञापनों और एमओयू पर करोड़ों खर्च किए, लेकिन ज़मीनी निवेश नहीं आया।
भाजपा ने माँग की कि सरकार नीति स्थिरता, उद्योग-अनुकूल माहौल और कानून-व्यवस्था सुधारने पर ध्यान दे।
पंजाब कभी देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों में था — ढिल्लों ने इसे AAP के कार्यकाल में पिछड़ने की मिसाल बताया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष सरदार केवल सिंह ढिल्लों ने 19 जुलाई 2026 को कहा कि नीति आयोग के इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स-2026 ने पंजाब में निवेश और औद्योगिक विकास को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के दावों की पोल खोल दी है। सूचकांक में 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के बीच पंजाब को 22वाँ स्थान मिला है।

सूचकांक में पंजाब की स्थिति

नीति आयोग के इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स-2026 के आँकड़ों के अनुसार, पंजाब देश के 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सूची में 22वें पायदान पर है। ढिल्लों ने कहा कि यह रैंकिंग निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल बनाने में राज्य सरकार की विफलता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली AAP सरकार ने पिछले कई वर्षों में निवेश सम्मेलनों, लाखों करोड़ रुपये के एमओयू और करोड़ों रुपये के विज्ञापनों के ज़रिये अभूतपूर्व औद्योगिक विकास के बड़े-बड़े दावे किए, लेकिन ज़मीनी हकीकत इसके विपरीत है।

भाजपा के आरोप

ढिल्लों ने आरोप लगाया कि AAP सरकार ने विज्ञापनों, फोटोशूट और आत्म-प्रचार पर करोड़ों रुपये खर्च किए, जबकि न नए उद्योग पंजाब आए, न युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर बढ़े और न ही निवेशकों का भरोसा कायम रह सका। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने पंजाब को विकास का नहीं, बल्कि केवल प्रचार का मॉडल बना दिया है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जो पंजाब कभी देश के अग्रणी औद्योगिक और उद्यमशील राज्यों में गिना जाता था, वह आज नीतिगत विफलता, बिगड़ती कानून-व्यवस्था और निवेशकों का विश्वास न जीत पाने के कारण पिछड़ता जा रहा है।

पंजाब को क्या चाहिए: ढिल्लों की माँग

ढिल्लों ने कहा कि पंजाब को मज़बूत कानून-व्यवस्था, पारदर्शी एवं उद्योग-अनुकूल नीतियाँ, विश्वसनीय आधारभूत संरचना और कारोबार में आसानी की दरकार है — न कि होर्डिंग और भ्रामक प्रचार की। उन्होंने कहा कि इन्हीं उपायों से प्रदेश के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोज़गार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं।

उन्होंने भगवंत मान सरकार से आग्रह किया कि वह आत्म-प्रचार छोड़कर नीति स्थिरता, औद्योगिक विकास और निवेशकों का विश्वास बहाल करने पर गंभीरता से काम करे, ताकि पंजाब दोबारा निवेश का पसंदीदा गंतव्य बन सके।

आम जनता पर असर

ढिल्लों ने कहा कि पंजाब की जनता अब विज्ञापनों और झूठे प्रचार से प्रभावित होने वाली नहीं है — वह आर्थिक प्रगति, रोज़गार और वास्तविक विकास चाहती है। नीति आयोग की यह रिपोर्ट, उनके अनुसार, इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि करोड़ों के विज्ञापन कभी भी सुशासन और वास्तविक उपलब्धियों का विकल्प नहीं हो सकते।

गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ पृष्ठभूमि में शुरू हो चुकी हैं और विपक्षी दल सरकार के प्रदर्शन पर सवाल उठाने के अवसर तलाश रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे राजनीतिक हथियार के रूप में पेश करते समय यह सवाल ज़रूरी है कि क्या केवल रैंकिंग किसी सरकार की समग्र आर्थिक नीति का पूरा आकलन करती है। एमओयू और वास्तविक निवेश के बीच का फासला सिर्फ पंजाब की नहीं, बल्कि कई राज्यों की पुरानी समस्या है। भाजपा के आरोप तब और वज़नदार होते, जब वह खुद पंजाब में अपने शासनकाल के दौरान की निवेश-रैंकिंग से तुलना पेश करती। फिलहाल यह बयान सुशासन की बहस कम, चुनावी पोज़ीशनिंग ज़्यादा लगता है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीति आयोग का इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स-2026 क्या है?
यह नीति आयोग द्वारा जारी एक सूचकांक है जो देश के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल के आधार पर रैंक करता है। 2026 के सूचकांक में 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया है।
इस सूचकांक में पंजाब को कौन-सा स्थान मिला?
नीति आयोग के इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स-2026 में पंजाब को 22वाँ स्थान मिला है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ढिल्लों ने इसे AAP सरकार की निवेश नीति की विफलता करार दिया है।
भाजपा ने AAP सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सरदार केवल सिंह ढिल्लों ने आरोप लगाया कि AAP सरकार ने विज्ञापनों, फोटोशूट और एमओयू पर करोड़ों रुपये खर्च किए, लेकिन न नए उद्योग आए, न रोज़गार बढ़ा और न निवेशकों का भरोसा बना। उनके अनुसार, नीति आयोग की रैंकिंग इन दावों की हकीकत उजागर करती है।
पंजाब में निवेश सुधारने के लिए भाजपा ने क्या माँगें रखी हैं?
ढिल्लों ने भगवंत मान सरकार से मज़बूत कानून-व्यवस्था, पारदर्शी एवं उद्योग-अनुकूल नीतियाँ, विश्वसनीय आधारभूत संरचना और कारोबार में आसानी सुनिश्चित करने की माँग की है। उनका कहना है कि इन्हीं उपायों से युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर पैदा होंगे।
AAP सरकार की इस रिपोर्ट पर क्या प्रतिक्रिया आई है?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अभी तक AAP सरकार या मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से इस रैंकिंग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह बयान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ढिल्लों की ओर से 19 जुलाई 2026 को जारी किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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