नितिन गडकरी ने दत्ता मेघे के निधन पर शोक प्रकट किया, विदर्भ में शिक्षा और चिकित्सा में उनके योगदान को याद किया

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नितिन गडकरी ने दत्ता मेघे के निधन पर शोक प्रकट किया, विदर्भ में शिक्षा और चिकित्सा में उनके योगदान को याद किया

सारांश

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने वरिष्ठ नेता दत्ता मेघे के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उनका योगदान विदर्भ क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अद्वितीय था। उनके जाने से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में गहरा शोक है।

मुख्य बातें

दत्ता मेघे का निधन 89 वर्ष की आयु में हुआ।
नितिन गडकरी ने उनके योगदान को सराहा।
उनका कार्य विदर्भ में शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण था।

नई दिल्ली, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने महाराष्ट्र के प्रमुख नेता दत्ता मेघे के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। रविवार की शाम वृद्धावस्था के कारण 89 वर्ष की आयु में दत्ता मेघे का निधन हो गया। उनके निधन ने महाराष्ट्र के राजनीतिक, शैक्षणिक और सामाजिक वातावरण में शोक की लहर फैला दी है。

नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा, "वयोवृद्ध नेता, पूर्व राज्य मंत्री और मेरे बड़े भाई समान आदरणीय दत्ताभाऊ मेघे के निधन की खबर अत्यंत दुखद है। उन्हें मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि। दत्ताभाऊ के निधन से विदर्भ के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में एक अमूल्य क्षति हुई है। इतना उदार और विशाल हृदय वाला नेता अब दोबारा नहीं मिलेगा।"

उनके योगदान को याद करते हुए गडकरी ने कहा, "विदर्भ में शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में दत्ताभाऊ का योगदान अत्यंत उल्लेखनीय और महत्वपूर्ण रहा है। गढ़चिरौली से लेकर मेलघाट तक, आदिवासी क्षेत्रों में, दत्ताभाऊ ने निःशुल्क चिकित्सा शिविरों के माध्यम से आदिवासी बंधुओं के स्वास्थ्य में सुधार के लिए अथक प्रयास किए।"

उन्होंने आगे कहा, "सावनगी मेघे में, उन्होंने गरीबों को निःशुल्क चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराया। विदर्भ के युवाओं को उच्च शिक्षा के अवसर प्रदान करने के लिए, उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से बेहतरीन मार्ग प्रशस्त किए। मेरे राजनीतिक जीवन के शुरुआती दिनों में, और बाद में वैचारिक रूप से विरोधी होने के बावजूद भी, दत्ताभाऊ ने सदैव मुझे अपना स्नेह और प्रेम दिया और मेरा मार्गदर्शन किया।"

केंद्रीय मंत्री ने कहा, "उन्होंने हमेशा मुझे अपने छोटे भाई की तरह प्यार दिया। अस्वस्थता के बावजूद भी, विदर्भ के वरिष्ठ नागरिकों के लिए कार्य करने का उनका उत्साह कभी कम नहीं हुआ। उनका समावेशी नेतृत्व राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए एक आदर्श था। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिवार तथा सभी शुभचिंतकों को इस दुख से उबरने की शक्ति दें। ॐ शांति।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि दत्ता मेघे का निधन महाराष्ट्र की राजनीति और समाज के लिए एक बड़ा क्षति है। उनके योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दत्ता मेघे का योगदान क्या था?
दत्ता मेघे ने विदर्भ में शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसमें निःशुल्क चिकित्सा शिविरों का आयोजन शामिल था।
नितिन गडकरी ने दत्ता मेघे के बारे में क्या कहा?
नितिन गडकरी ने दत्ता मेघे को एक उदार नेता बताया और उनके योगदान को सराहा।
दत्ता मेघे का निधन कब हुआ?
दत्ता मेघे का निधन 21 मार्च को हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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