नोएडा में श्रमिक उपद्रव के बाद गिरफ्तार व्यक्तियों के परिजनों ने पुलिस पर उठाए सवाल
सारांश
Key Takeaways
- उपद्रव के बाद पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया।
- परिजनों का कहना है कि उनके प्रियजन निर्दोष हैं।
- पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।
- सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई है।
- कई कंपनियों को बंद करने का निर्णय लिया गया है।
नोएडा, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। श्रमिकों द्वारा अपनी मांगों को लेकर किए गए उपद्रव के बाद पुलिस ने कई व्यक्तियों को हिरासत में लिया है। इन लोगों के परिजनों ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा कि उनके परिजनों का इसमें कोई गुनाह नहीं है।
एक महिला, विमला ने बताया कि उनके भतीजे को पुलिस ने उपद्रव में शामिल होने के आरोप में हिरासत में लिया, जबकि वह तो केवल मेडिकल की दुकान के पास खड़ा था। वह किसी भी प्रकार की गैर-कानूनी गतिविधि का हिस्सा नहीं था। पुलिस ने उसे महज आशंका के आधार पर पकड़ लिया।
विमला ने आगे कहा कि जब मैं अपने भतीजे से मिलने गई, तो पुलिस ने मुझे मिलने नहीं दिया। मैंने कहा कि मुझे रोहित से मिलना है, लेकिन पुलिस ने कहा कि यहां रोहित नाम का कोई व्यक्ति नहीं है। मैंने उन्हें अपने भतीजे की ओर इशारा किया, फिर भी मुझे नहीं मिलने दिया गया।
इसी प्रकार, ब्रजेश ने अपने भाई का बचाव करते हुए कहा कि वह किसी भी पथराव की घटना में लिप्त नहीं था। पुलिस ने उसे बेवजह पकड़ लिया। उन्होंने बताया कि जब मैं अपने भाई से मिलने गया, तो पुलिस ने मुझे धमकाते हुए कहा कि वे मुझे भी बाहर कर देंगे।
ब्रजेश ने कहा कि पुलिस का व्यवहार स्पष्ट करता है कि वे मेरे भाई को छोड़ने की स्थिति में नहीं हैं, जबकि सच्चाई यह है कि मेरा भाई किसी भी शरारती गतिविधियों में शामिल नहीं था। पुलिस से अभी तक कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला है।
सूत्रों के अनुसार, नोएडा में श्रमिकों के उपद्रव के बाद सभी संवेदनशील स्थानों पर बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। इसके अलावा, मौजूदा तनाव को देखते हुए कई कंपनियों को बंद करने का निर्णय लिया गया है। कंपनियों के बाहर नोटिस चस्पा किए गए हैं, जिसमें उनके बंद होने की जानकारी दी गई है।