क्या कमर्शियल प्रॉपर्टी दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी हुई?

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क्या कमर्शियल प्रॉपर्टी दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी हुई?

सारांश

नोएडा में कमर्शियल प्रॉपर्टी के नाम पर करोड़ों की ठगी का मामला सामने आया है। गिरफ्तार अभियुक्त देवान्श शर्मा ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए लोगों को धोखा दिया। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयासरत है, जबकि मामले की गंभीरता को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

Key Takeaways

  • धोखाधड़ी के मामलों में सतर्क रहें।
  • फर्जी दस्तावेजों की पहचान करें।
  • प्रॉपर्टी डीलर की विश्वसनीयता जांचें।
  • सरकारी दस्तावेजों की जांच करें।
  • पीड़ितों को पुलिस से संपर्क करने के लिए प्रेरित करें।

नोएडा, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा के सेक्टर-142 थाने की पुलिस ने कमर्शियल प्रॉपर्टी दिलाने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान देवान्श शर्मा उर्फ श्याम गौतम के रूप में हुई है, जो फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से लोगों को प्रॉपर्टी दिलाने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूल करता था। इस मामले में पुलिस फरार दूसरे अभियुक्त की तलाश कर रही है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सेक्टर-142 थाने में पीड़ित द्वारा 18 अक्टूबर को एक शिकायत प्रस्तुत की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि श्याम गौतम और उसका भाई विष्णु गौतम, दोनों पुत्र जयप्रकाश गौतम, नकली अलॉटमेंट लेटर और फर्जी एग्रीमेंट तैयार कर अन्य कंपनियों के प्रोजेक्ट को अपना बताकर बेचते थे। आरोपियों ने कमर्शियल प्रॉपर्टी दिलाने का लालच देकर कई लोगों से पैसे ऐंठे, लेकिन न तो प्रॉपर्टी दिलाई गई और न ही पैसा वापस किया गया। इस संबंध में थाना सेक्टर-142 में मामला दर्ज किया गया था।

पुलिस की कार्रवाई के तहत 31 दिसंबर को देवान्श शर्मा उर्फ श्याम गौतम को गिरफ्तार किया गया। वहीं, उसका सह-अभियुक्त और भाई विष्णु गौतम अभी भी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि अभियुक्त खुद को एक प्रतिष्ठित प्रॉपर्टी डीलर और कंपनी संचालक बताकर लोगों को प्रभावित करता था। वह प्रॉपर्टी खरीदने और बिचवाने के नाम पर अपनी कंपनी के माध्यम से सौदे तय करता, एडवांस और पूरी रकम लेकर बाद में न तो प्रॉपर्टी ट्रांसफर करता और न ही पैसे लौटाता था।

इस प्रकार, वह लोगों के साथ छल कर धोखाधड़ी की वारदातें अंजाम देता था। पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2022 में भी श्याम गौतम उर्फ देवान्श शर्मा ने अपने भाई विष्णु गौतम के साथ मिलकर एक व्यक्ति से प्रॉपर्टी दिलाने के नाम पर लगभग 1 करोड़ 59 लाख रुपए की धोखाधड़ी की थी। उस मामले में भी न तो प्रॉपर्टी दी गई और न ही पीड़ित को उसकी रकम वापस मिली।

गिरफ्तार अभियुक्त देवान्श शर्मा उर्फ श्याम गौतम की उम्र 34 वर्ष है और वह एपेक्स गोल्फ एवेन्यू, नोएडा एक्सटेंशन, ग्रेटर नोएडा, गौतमबुद्धनगर का निवासी है। पुलिस का कहना है कि अभियुक्त से पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े अन्य पीड़ितों व संभावित धोखाधड़ी के मामलों की भी जांच की जा रही है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि प्रॉपर्टी में निवेश से पहले दस्तावेजों की पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें, ताकि इस प्रकार की ठगी से बचा जा सके।

Point of View

बल्कि समाज में लोगों के प्रति विश्वास को भी चोट पहुँचाता है। यह आवश्यक है कि लोग प्रॉपर्टी में निवेश से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें। हमें मिलकर ऐसे मामलों को उजागर करना चाहिए।
NationPress
01/01/2026

Frequently Asked Questions

कमर्शियल प्रॉपर्टी में निवेश करते समय क्या सावधानियाँ बरतें?
दस्तावेजों की पूरी जांच करें और प्रमाणित डीलरों से ही संपर्क करें।
क्या पुलिस ने अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी की योजना बनाई है?
हां, पुलिस फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
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