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क्या नोएडा में प्रदूषण नियंत्रण के लिए पुराने वाहनों का इस्तेमाल प्रतिबंधित होगा?

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क्या नोएडा में प्रदूषण नियंत्रण के लिए पुराने वाहनों का इस्तेमाल प्रतिबंधित होगा?

सारांश

नोएडा में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सीएक्यूएम ने नए प्रतिबंध लागू किए हैं। यह निर्णय ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के तीसरे चरण के अंतर्गत लिया गया है। जानें, क्या हैं ये प्रतिबंध और कैसे ये वायु गुणवत्ता में सुधार ला सकते हैं।

मुख्य बातें

नोएडा में पुराने वाहनों का उपयोग प्रतिबंधित किया गया है।
निर्माण कार्य पर कड़ी पाबंदियाँ लगाई गई हैं।
ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान लागू किया गया है।
नागरिकों से सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देने की अपील की गई है।
उल्लंघन करने पर दंड का प्रावधान है।

नोएडा, ११ नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के बढ़ते स्तर और लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के मद्देनजर, कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) ने मंगलवार को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के तीसरे चरण के प्रतिबंध लागू कर दिए हैं।

यह चरण तब लागू होता है जब वायु गुणवत्ता 'सीवियर' श्रेणी में पहुँच जाती है, जिसमें हवा में प्रदूषक तत्वों का स्तर स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक हो जाता है। ग्रैप के तीसरे चरण के लागू होने के साथ, नोएडा प्राधिकरण ने शहर में कई कड़े प्रतिबंधों का ऐलान किया है।

आदेश के अनुसार, नोएडा क्षेत्र में मेट्रो, अस्पताल और फ्लाईओवर से संबंधित परियोजनाओं को छोड़कर सभी निर्माण कार्य तुरंत रोक दिए जाएंगे। निर्माण गतिविधियों से उत्पन्न धूल और प्रदूषक कणों की अधिकता के कारण यह प्रतिबंध वायु गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए आवश्यक माना जा रहा है। इसके साथ ही, नोएडा में चलने वाले बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल के चार पहिया वाहनों पर भी रोक लगा दी गई है।

शहर में कंक्रीट मिश्रण (आरएमसी) प्लांट और स्टोन क्रशर अगले आदेश तक बंद रहेंगे, क्योंकि ये प्रदूषक कणों को वायु में फैलाने में सहायक होते हैं। इसी तरह, भवनों के ध्वस्तीकरण (डिमोलिशन) पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।

नोएडा प्राधिकरण ने आम नागरिकों, संस्थाओं और क्षेत्र में काम कर रही सभी एजेंसियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि ग्रेप-3 और सीएक्यूएम की सभी गाइडलाइनों का पालन करना अनिवार्य है। उल्लंघन के मामले में नियमों के अनुसार कार्रवाई और आर्थिक दंड लगाया जाएगा।

अधिकारियों ने यह भी अपील की है कि लोग निजी वाहनों का कम से कम उपयोग करें और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दें, ताकि प्रदूषण और न बढ़े।

ज्ञातव्य है कि दिल्ली–एनसीआर में हर साल सर्दियों के दौरान प्रदूषण का स्तर बढ़ता है और ठंड के मौसम में धुआं एवं सूक्ष्म कण जमीन के निकट जमा हो जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि नागरिक और एजेंसियाँ मिलकर इन निर्देशों का पालन करें, तो एयर क्वालिटी में सुधार संभव हो सकता है।

—राष्ट्र प्रेस

पीकेटी/पीएसके

संपादकीय दृष्टिकोण

जो स्पष्ट रूप से नागरिकों के स्वास्थ्य और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। विभिन्न एजेंसियों और नागरिकों के सहयोग से ही हम इस संकट का सामना कर सकते हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा में कौन से वाहन प्रतिबंधित किए गए हैं?
नोएडा में बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल के चार पहिया वाहनों पर प्रतिबंध लगाया गया है।
किस प्रकार के निर्माण कार्य पर रोक लगाई गई है?
सिर्फ मेट्रो, अस्पताल और फ्लाईओवर से जुड़े निर्माण कार्यों को छोड़कर सभी निर्माण कार्यों पर रोक लगाई गई है।
ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) क्या है?
ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान एक प्रणाली है जिसका उपयोग वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए किया जाता है जब प्रदूषण का स्तर गंभीर हो जाता है।
इससे आम लोगों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
इससे आम लोगों को सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा और स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
क्या उल्लंघन करने पर दंड लगाया जाएगा?
हाँ, नियमों का उल्लंघन करने पर आर्थिक दंड और अन्य कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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