19 अक्टूबर 2026
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ओडिशा में दुर्गा पूजा होगी सादगी से, CM माझी ने बाढ़ और किसानों की पीड़ा को देखते हुए लिया फैसला

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ओडिशा में दुर्गा पूजा होगी सादगी से, CM माझी ने बाढ़ और किसानों की पीड़ा को देखते हुए लिया फैसला

सारांश

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भारी बारिश और बाढ़ से तबाह किसानों के प्रति एकजुटता दिखाते हुए इस साल दुर्गा पूजा सादगी से मनाने का फैसला किया और किसी पूजा पंडाल में न जाने का निर्णय लिया — यह एक मुख्यमंत्री का अपनी जनता की पीड़ा के साथ खड़े होने का प्रतीकात्मक कदम है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 19 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि ओडिशा में इस वर्ष दुर्गा पूजा सादगी से मनाई जाएगी।
भारी बारिश और बाढ़ से कई जिलों में किसानों को व्यापक नुकसान हुआ, जिसे देखते हुए यह फैसला लिया गया।
CM माझी ने स्वयं दशहरे पर पूजा पंडालों में न जाने का निर्णय लिया।
ओडिशा पुलिस ने कटक और भुवनेश्वर में पंडालों की सुरक्षा व यातायात के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।
राज्यभर में पूजा पंडाल सजे हुए हैं और श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है।

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि राज्य के कई जिलों में भारी बारिश और बाढ़ से हुए व्यापक नुकसान — विशेष रूप से किसानों की तबाही — को देखते हुए इस वर्ष दुर्गा पूजा का उत्सव सादे और संयमित ढंग से मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा जारी आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।

मुख्यमंत्री का फैसला: पूजा पंडालों में नहीं जाएंगे माझी

CMO के बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री माझी ने स्वयं यह निर्णय लिया कि वे इस वर्ष दशहरे के अवसर पर किसी भी पूजा पंडाल में जाकर प्रार्थना नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रभावित जिलों के किसानों को हुए नुकसान से वे 'विशेष रूप से दुखी' हैं और इसी भावना के साथ उन्होंने उत्सव में सार्वजनिक भागीदारी से परहेज करने का निश्चय किया है।

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब राज्य के कई हिस्सों में खरीफ फसलों को भारी क्षति पहुँचने की खबरें हैं और किसान संकट में हैं। गौरतलब है कि ओडिशा में दुर्गा पूजा न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है।

मुख्यमंत्री का वीडियो संदेश: संस्कृति और आस्था पर जोर

मुख्यमंत्री माझी ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से राज्यवासियों को दुर्गा पूजा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, 'मातृ शक्ति की पूजा हमारी संस्कृति और सभ्यता से अभिन्न रूप से जुड़ी हुई है। माँ दुर्गा मातृ शक्ति का प्रतीक हैं।'

माझी ने आगे कहा, 'दुर्गा पूजा केवल एक धार्मिक त्योहार नहीं है — यह हमारी सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक और आध्यात्मिक जागृति का मार्ग है।' उन्होंने माँ दुर्गा के आशीर्वाद से 'संसार से दुख और अन्याय के नाश' और 'प्रत्येक घर में सुख, शांति एवं समृद्धि' की कामना की।

राज्यभर में उत्सव का माहौल, सुरक्षा के व्यापक इंतजाम

मुख्यमंत्री की व्यक्तिगत संयमिता के बावजूद, राज्यभर में दुर्गा पूजा का उत्सव अपने परंपरागत रूप में जारी है। रंग-बिरंगी रोशनी और भव्य सजावट से सजे विशाल पूजा पंडाल बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहे हैं।

ओडिशा पुलिस ने राज्यभर के शहरों में — विशेष रूप से कटक और भुवनेश्वर जैसे जुड़वां शहरों में — पूजा पंडालों की सुरक्षा और सुचारू यातायात सुनिश्चित करने के लिए व्यापक बंदोबस्त किए हैं। आगंतुकों की सुगम आवाजाही के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए हैं।

आम जनता और किसानों पर असर

राज्य सरकार के इस संदेश का उद्देश्य बाढ़-प्रभावित जिलों के निवासियों और किसानों के प्रति एकजुटता प्रदर्शित करना है। आलोचकों का कहना है कि सरकारी राहत एवं मुआवजे की रफ्तार पर भी ध्यान दिए जाने की जरूरत है।

आगे के दिनों में राज्य सरकार से बाढ़-प्रभावित किसानों के लिए राहत और मुआवजे की घोषणा की उम्मीद की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि बाढ़-प्रभावित किसानों को मुआवजा कितनी तेजी से और पारदर्शी तरीके से मिलता है। राज्य में बारिश-आधारित खेती पर निर्भर लाखों किसानों के लिए त्योहारी संयम से अधिक जरूरी है ठोस राहत पैकेज। उत्सव की भव्यता छोड़ना नेतृत्व की संवेदनशीलता दर्शाता है, पर यह सरकारी राहत तंत्र की जवाबदेही का विकल्प नहीं बन सकता।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा में दुर्गा पूजा सादगी से मनाने का फैसला क्यों लिया गया?
ओडिशा के CM मोहन चरण माझी ने राज्य के कई जिलों में भारी बारिश और बाढ़ से किसानों को हुए व्यापक नुकसान के कारण इस वर्ष दुर्गा पूजा सादे ढंग से मनाने का निर्णय लिया। यह फैसला प्रभावित किसानों के प्रति एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए किया गया है।
CM माझी दुर्गा पूजा के दौरान क्या नहीं करेंगे?
मुख्यमंत्री माझी ने दशहरे के अवसर पर किसी भी पूजा पंडाल में जाकर प्रार्थना न करने का निर्णय लिया है। CMO के आधिकारिक बयान के अनुसार, यह निर्णय बाढ़-प्रभावित जिलों के किसानों की पीड़ा को देखते हुए लिया गया।
ओडिशा में दुर्गा पूजा के दौरान सुरक्षा की क्या व्यवस्था है?
ओडिशा पुलिस ने राज्यभर के शहरों, विशेष रूप से कटक और भुवनेश्वर में पूजा पंडालों की सुरक्षा और सुचारू यातायात प्रबंधन के लिए व्यापक बंदोबस्त किए हैं। आगंतुकों की सुगम आवाजाही के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।
क्या ओडिशा में दुर्गा पूजा का उत्सव पूरी तरह रद्द कर दिया गया है?
नहीं, उत्सव रद्द नहीं किया गया है। राज्यभर में पूजा पंडाल सजे हुए हैं और श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। केवल मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से पंडाल दर्शन से परहेज का निर्णय लिया है।
ओडिशा में बाढ़ से किसानों को कितना नुकसान हुआ है?
CMO के बयान के अनुसार, राज्य के विभिन्न जिलों में लगातार बारिश और बाढ़ से किसानों को 'व्यापक नुकसान' हुआ है। हालांकि, सटीक आंकड़े अभी आधिकारिक तौर पर जारी नहीं किए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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