बहुदा यात्रा 24 जुलाई: ओडिशा CM मोहन चरण मांझी ने की तैयारियों की समीक्षा, भीड़ प्रबंधन पर विशेष जोर
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने बुधवार, 22 जुलाई को भुवनेश्वर में एक उच्च स्तरीय बैठक में बहुदा यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को प्रभावी भीड़ प्रबंधन तथा निर्बाध सूचना प्रवाह सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। 24 जुलाई को पुरी में आयोजित होने वाली यह यात्रा भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की श्री जगन्नाथ मंदिर में वापसी का पवित्र अनुष्ठान है।
बहुदा यात्रा का महत्व
बहुदा यात्रा वार्षिक रथ यात्रा उत्सव का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पड़ाव है। उत्सव के नौवें दिन लाखों श्रद्धालु गुंडिचा मंदिर से 12वीं शताब्दी के श्री जगन्नाथ मंदिर तक देवताओं के रथों को खींचते हैं। यह आयोजन विश्व-प्रसिद्ध पुरी उत्सव की परंपरा का अभिन्न हिस्सा है, जिसमें देश-विदेश से लाखों तीर्थयात्री भाग लेते हैं।
मुख्य निर्देश और प्राथमिकताएँ
मुख्यमंत्री मांझी ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया कि भीड़ घनत्व की वैज्ञानिक निगरानी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरों से प्राप्त वास्तविक समय की जानकारी को एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र के ज़रिए भीड़भाड़ वाले स्थानों पर तैनात कर्मियों तक तत्काल पहुँचाया जाए, ताकि किसी भी स्थिति में त्वरित हस्तक्षेप संभव हो सके। मांझी ने श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों से भी अपील की कि वे पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशानिर्देशों का अनुपालन करें।
अब तक का आयोजन: सुचारू रहे अनुष्ठान
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, बैठक में अधिकारियों ने मांझी को जानकारी दी कि वार्षिक रथ यात्रा उत्सव से जुड़े सभी अनुष्ठान अब तक बिना किसी बाधा के संपन्न हुए हैं। लगातार बारिश, प्रतिकूल मौसम, गर्मी और उमस के बावजूद अधिकारियों, कर्मचारियों, स्वयंसेवकों और श्रद्धालुओं की प्रतिबद्धता अटूट रही। वरिष्ठ अधिकारी पहंडी अनुष्ठान, रथ खींचना, दक्षिणी मोड़ा और अडापा मंडप दर्शन जैसे प्रमुख कार्यक्रमों के दौरान स्वयं उपस्थित रहे।
सेवकों और प्रशासन की सराहना
मुख्यमंत्री मांझी ने सेवकों की निष्ठा और समर्पण की मुक्त कंठ से प्रशंसा की और उनकी अमूल्य सेवा के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने उत्सव प्रबंधन में लगे समस्त सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के समन्वित टीम प्रयास को भी सराहा। जिला प्रशासन और पुलिस पुरी में निरंतर निगरानी रख रहे हैं और सभी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है।
आगे के अनुष्ठान और अपेक्षाएँ
बहुदा यात्रा के अतिरिक्त सुना बेसा और नीलाद्री बीजे की रस्में अभी संपन्न होनी हैं। मांझी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि इन शेष अनुष्ठानों को सुचारू, व्यवस्थित और अनुशासित तरीके से संपन्न कराना सुनिश्चित किया जाए। यह ऐसे समय में आया है जब पुरी में देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालुओं का जमावड़ा है और प्रशासन पर सुरक्षित आयोजन की ज़िम्मेदारी है।