22 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बहुदा यात्रा 24 जुलाई: ओडिशा CM मोहन चरण मांझी ने की तैयारियों की समीक्षा, भीड़ प्रबंधन पर विशेष जोर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बहुदा यात्रा 24 जुलाई: ओडिशा CM मोहन चरण मांझी ने की तैयारियों की समीक्षा, भीड़ प्रबंधन पर विशेष जोर

सारांश

24 जुलाई को पुरी में बहुदा यात्रा से पहले ओडिशा CM मोहन चरण मांझी ने भुवनेश्वर में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। CCTV-आधारित वैज्ञानिक भीड़ निगरानी और एकीकृत नियंत्रण केंद्र के ज़रिए त्वरित हस्तक्षेप पर जोर — सुना बेसा और नीलाद्री बीजे की रस्में भी शेष हैं।

मुख्य बातें

ओडिशा CM मोहन चरण मांझी ने 22 जुलाई को भुवनेश्वर में बहुदा यात्रा की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की।
बहुदा यात्रा 24 जुलाई को पुरी में आयोजित होगी — भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की श्री जगन्नाथ मंदिर वापसी।
CCTV कैमरों से वास्तविक समय डेटा को एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र से जोड़ने का निर्देश।
लगातार बारिश और प्रतिकूल मौसम के बावजूद अब तक सभी अनुष्ठान सुचारू रूप से संपन्न।
बहुदा यात्रा, सुना बेसा और नीलाद्री बीजे की रस्में अभी शेष हैं।

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने बुधवार, 22 जुलाई को भुवनेश्वर में एक उच्च स्तरीय बैठक में बहुदा यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को प्रभावी भीड़ प्रबंधन तथा निर्बाध सूचना प्रवाह सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। 24 जुलाई को पुरी में आयोजित होने वाली यह यात्रा भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की श्री जगन्नाथ मंदिर में वापसी का पवित्र अनुष्ठान है।

बहुदा यात्रा का महत्व

बहुदा यात्रा वार्षिक रथ यात्रा उत्सव का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पड़ाव है। उत्सव के नौवें दिन लाखों श्रद्धालु गुंडिचा मंदिर से 12वीं शताब्दी के श्री जगन्नाथ मंदिर तक देवताओं के रथों को खींचते हैं। यह आयोजन विश्व-प्रसिद्ध पुरी उत्सव की परंपरा का अभिन्न हिस्सा है, जिसमें देश-विदेश से लाखों तीर्थयात्री भाग लेते हैं।

मुख्य निर्देश और प्राथमिकताएँ

मुख्यमंत्री मांझी ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया कि भीड़ घनत्व की वैज्ञानिक निगरानी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरों से प्राप्त वास्तविक समय की जानकारी को एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र के ज़रिए भीड़भाड़ वाले स्थानों पर तैनात कर्मियों तक तत्काल पहुँचाया जाए, ताकि किसी भी स्थिति में त्वरित हस्तक्षेप संभव हो सके। मांझी ने श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों से भी अपील की कि वे पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशानिर्देशों का अनुपालन करें।

अब तक का आयोजन: सुचारू रहे अनुष्ठान

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, बैठक में अधिकारियों ने मांझी को जानकारी दी कि वार्षिक रथ यात्रा उत्सव से जुड़े सभी अनुष्ठान अब तक बिना किसी बाधा के संपन्न हुए हैं। लगातार बारिश, प्रतिकूल मौसम, गर्मी और उमस के बावजूद अधिकारियों, कर्मचारियों, स्वयंसेवकों और श्रद्धालुओं की प्रतिबद्धता अटूट रही। वरिष्ठ अधिकारी पहंडी अनुष्ठान, रथ खींचना, दक्षिणी मोड़ा और अडापा मंडप दर्शन जैसे प्रमुख कार्यक्रमों के दौरान स्वयं उपस्थित रहे।

सेवकों और प्रशासन की सराहना

मुख्यमंत्री मांझी ने सेवकों की निष्ठा और समर्पण की मुक्त कंठ से प्रशंसा की और उनकी अमूल्य सेवा के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने उत्सव प्रबंधन में लगे समस्त सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के समन्वित टीम प्रयास को भी सराहा। जिला प्रशासन और पुलिस पुरी में निरंतर निगरानी रख रहे हैं और सभी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है।

आगे के अनुष्ठान और अपेक्षाएँ

बहुदा यात्रा के अतिरिक्त सुना बेसा और नीलाद्री बीजे की रस्में अभी संपन्न होनी हैं। मांझी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि इन शेष अनुष्ठानों को सुचारू, व्यवस्थित और अनुशासित तरीके से संपन्न कराना सुनिश्चित किया जाए। यह ऐसे समय में आया है जब पुरी में देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालुओं का जमावड़ा है और प्रशासन पर सुरक्षित आयोजन की ज़िम्मेदारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब भीड़ नियंत्रण की विफलता ने त्रासदी को जन्म दिया था। CCTV और एकीकृत नियंत्रण केंद्र का उल्लेख तकनीकी दृष्टि से सही दिशा है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि ज़मीनी कर्मी इस जानकारी पर कितनी तेज़ी से कार्रवाई कर पाते हैं। गौरतलब है कि लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ और शेष तीन प्रमुख अनुष्ठानों के साथ, प्रशासनिक समन्वय की यह परीक्षा अगले 72 घंटों में होगी।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बहुदा यात्रा 2025 कब और कहाँ होगी?
बहुदा यात्रा 24 जुलाई 2025 को पुरी में आयोजित होगी। यह भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की गुंडिचा मंदिर से 12वीं शताब्दी के श्री जगन्नाथ मंदिर तक की वापसी यात्रा है।
बहुदा यात्रा क्या होती है?
बहुदा यात्रा वार्षिक रथ यात्रा उत्सव का नौवाँ दिन होता है, जिसमें लाखों श्रद्धालु देवताओं के रथों को गुंडिचा मंदिर से श्री जगन्नाथ मंदिर तक खींचते हैं। यह पुरी के विश्व-प्रसिद्ध जगन्नाथ उत्सव का सबसे भावपूर्ण अनुष्ठान माना जाता है।
ओडिशा CM ने भीड़ प्रबंधन के लिए क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने CCTV कैमरों से प्राप्त वास्तविक समय की जानकारी को एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र के माध्यम से ज़मीनी कर्मियों तक तुरंत पहुँचाने का निर्देश दिया। उन्होंने भीड़ घनत्व की वैज्ञानिक निगरानी और त्वरित हस्तक्षेप पर विशेष बल दिया।
बहुदा यात्रा के बाद कौन-से अनुष्ठान शेष हैं?
बहुदा यात्रा के बाद सुना बेसा और नीलाद्री बीजे की महत्वपूर्ण रस्में अभी संपन्न होनी हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इन सभी शेष अनुष्ठानों को सुचारू और अनुशासित तरीके से संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं।
क्या इस वर्ष रथ यात्रा के अनुष्ठान सुचारू रहे हैं?
CMO के अनुसार, लगातार बारिश, गर्मी और उमस के बावजूद अब तक सभी अनुष्ठान बिना किसी बाधा के संपन्न हुए हैं। जिला प्रशासन और पुलिस पुरी में निरंतर निगरानी बनाए हुए हैं और वरिष्ठ अधिकारी प्रमुख अनुष्ठानों के दौरान स्वयं उपस्थित रहे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 साल पहले
  3. 1 साल पहले
  4. 1 साल पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले