ओडिशा CM माझी के खिलाफ AI मॉर्फ्ड पोस्ट: अंगुल का 19 वर्षीय युवक गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
भुवनेश्वर-कटक कमिश्नरेट पुलिस ने मंगलवार, 7 जुलाई को अंगुल जिले के एक 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया, जिस पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी सहित उच्च संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों के खिलाफ एआई (AI) से तैयार, मॉर्फ्ड और कथित रूप से मानहानिकारक सामग्री सोशल मीडिया पर प्रसारित करने का आरोप है। यह मामला साइबर अपराध के बढ़ते खतरे और एआई-जनित दुष्प्रचार के दुरुपयोग की पृष्ठभूमि में सामने आया है।
आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी
आरोपी की पहचान मनोरंजन प्रधान के रूप में हुई है, जो अंगुल जिले के बगेड़िया थाना क्षेत्र के पटाकुमुंडा गांव का निवासी है। पुलिस के अनुसार उसे भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया। इस संबंध में 4 जुलाई को भुवनेश्वर साइबर क्राइम और आर्थिक अपराध थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
मामला कैसे सामने आया
पुलिस के अनुसार यह मामला 4 जुलाई को सोशल मीडिया की नियमित निगरानी के दौरान उजागर हुआ। अधिकारियों ने एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर कथित रूप से आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट होते हुए पाई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मनोरंजन प्रधान इंस्टाग्राम और फेसबुक दोनों अकाउंट संचालित कर रहा था।
आरोप है कि इन खातों से उच्च संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को निशाना बनाते हुए एआई से तैयार या मॉर्फ्ड तस्वीरें और रील्स अपलोड की गई थीं, जिनमें कथित तौर पर अश्लील भाषा, अभद्र इशारे और मानहानिकारक सामग्री शामिल थी।
आरोपों का विवरण
पुलिस का दावा है कि मनोरंजन प्रधान ने कथित तौर पर मुख्यमंत्री माझी की तस्वीरों को डिजिटल तरीके से आपत्तिजनक रूप में प्रस्तुत किया और विभिन्न घटनाओं का वर्णन करने के लिए अपमानजनक टिप्पणियाँ तथा मानहानिकारक बातें कीं। यह भी आरोप है कि उसने जानबूझकर मुख्यमंत्री की छवि को नुकसान पहुँचाने और युवाओं को गुमराह करने के उद्देश्य से इस सामग्री का निर्माण और प्रसार किया। गौरतलब है कि ये सभी आरोप अभी तक न्यायालय में सिद्ध नहीं हुए हैं।
दूसरी गिरफ्तारी और विपक्ष की प्रतिक्रिया
यह ऐसी दूसरी गिरफ्तारी है — इससे पहले रविवार को कमिश्नरेट पुलिस ने एक 22 वर्षीय युवक को भी मॉर्फ्ड अश्लील तस्वीरों और वीडियो वाली आपत्तिजनक रील्स सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इन गिरफ्तारियों पर प्रतिक्रिया देते हुए विपक्षी दल बीजू जनता दल (बीजेडी) ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा। बीजेडी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अपनी शक्ति का दुरुपयोग कर लोगों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।
आलोचकों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाइयाँ अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और साइबर कानूनों के दायरे के बीच की रेखा को लेकर बहस को नए सिरे से उठाती हैं। मामले की जाँच जारी है और आगे की कानूनी कार्यवाही अपेक्षित है।