8 जुलाई 2026
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ओडिशा CM माझी के खिलाफ AI मॉर्फ्ड पोस्ट: अंगुल का 19 वर्षीय युवक गिरफ्तार

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ओडिशा CM माझी के खिलाफ AI मॉर्फ्ड पोस्ट: अंगुल का 19 वर्षीय युवक गिरफ्तार

सारांश

ओडिशा में एआई-जनित दुष्प्रचार पर पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। अंगुल के 19 वर्षीय मनोरंजन प्रधान को CM माझी के खिलाफ मॉर्फ्ड रील्स शेयर करने पर गिरफ्तार किया गया — एक हफ्ते में दूसरी ऐसी गिरफ्तारी। विपक्षी बीजेडी ने इसे आवाज दबाने की कोशिश बताया।

मुख्य बातें

भुवनेश्वर-कटक कमिश्नरेट पुलिस ने 7 जुलाई को अंगुल जिले के 19 वर्षीय मनोरंजन प्रधान को गिरफ्तार किया।
आरोप है कि उसने CM मोहन चरण माझी सहित संवैधानिक पदाधिकारियों के खिलाफ AI मॉर्फ्ड तस्वीरें और रील्स इंस्टाग्राम व फेसबुक पर शेयर कीं।
मामला 4 जुलाई को सोशल मीडिया की नियमित निगरानी के दौरान सामने आया; भारतीय न्याय संहिता और IT अधिनियम, 2000 के तहत FIR दर्ज।
इससे पहले रविवार को एक 22 वर्षीय युवक को भी इसी तरह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
विपक्षी बीजेडी ने सत्तारूढ़ BJP पर शक्ति के दुरुपयोग और आवाज दबाने का आरोप लगाया।

भुवनेश्वर-कटक कमिश्नरेट पुलिस ने मंगलवार, 7 जुलाई को अंगुल जिले के एक 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया, जिस पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी सहित उच्च संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों के खिलाफ एआई (AI) से तैयार, मॉर्फ्ड और कथित रूप से मानहानिकारक सामग्री सोशल मीडिया पर प्रसारित करने का आरोप है। यह मामला साइबर अपराध के बढ़ते खतरे और एआई-जनित दुष्प्रचार के दुरुपयोग की पृष्ठभूमि में सामने आया है।

आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी

आरोपी की पहचान मनोरंजन प्रधान के रूप में हुई है, जो अंगुल जिले के बगेड़िया थाना क्षेत्र के पटाकुमुंडा गांव का निवासी है। पुलिस के अनुसार उसे भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया। इस संबंध में 4 जुलाई को भुवनेश्वर साइबर क्राइम और आर्थिक अपराध थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

मामला कैसे सामने आया

पुलिस के अनुसार यह मामला 4 जुलाई को सोशल मीडिया की नियमित निगरानी के दौरान उजागर हुआ। अधिकारियों ने एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर कथित रूप से आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट होते हुए पाई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मनोरंजन प्रधान इंस्टाग्राम और फेसबुक दोनों अकाउंट संचालित कर रहा था।

आरोप है कि इन खातों से उच्च संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को निशाना बनाते हुए एआई से तैयार या मॉर्फ्ड तस्वीरें और रील्स अपलोड की गई थीं, जिनमें कथित तौर पर अश्लील भाषा, अभद्र इशारे और मानहानिकारक सामग्री शामिल थी।

आरोपों का विवरण

पुलिस का दावा है कि मनोरंजन प्रधान ने कथित तौर पर मुख्यमंत्री माझी की तस्वीरों को डिजिटल तरीके से आपत्तिजनक रूप में प्रस्तुत किया और विभिन्न घटनाओं का वर्णन करने के लिए अपमानजनक टिप्पणियाँ तथा मानहानिकारक बातें कीं। यह भी आरोप है कि उसने जानबूझकर मुख्यमंत्री की छवि को नुकसान पहुँचाने और युवाओं को गुमराह करने के उद्देश्य से इस सामग्री का निर्माण और प्रसार किया। गौरतलब है कि ये सभी आरोप अभी तक न्यायालय में सिद्ध नहीं हुए हैं।

दूसरी गिरफ्तारी और विपक्ष की प्रतिक्रिया

यह ऐसी दूसरी गिरफ्तारी है — इससे पहले रविवार को कमिश्नरेट पुलिस ने एक 22 वर्षीय युवक को भी मॉर्फ्ड अश्लील तस्वीरों और वीडियो वाली आपत्तिजनक रील्स सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इन गिरफ्तारियों पर प्रतिक्रिया देते हुए विपक्षी दल बीजू जनता दल (बीजेडी) ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा। बीजेडी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अपनी शक्ति का दुरुपयोग कर लोगों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।

आलोचकों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाइयाँ अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और साइबर कानूनों के दायरे के बीच की रेखा को लेकर बहस को नए सिरे से उठाती हैं। मामले की जाँच जारी है और आगे की कानूनी कार्यवाही अपेक्षित है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनोरंजन प्रधान को किस आरोप में गिरफ्तार किया गया?
मनोरंजन प्रधान पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी सहित उच्च संवैधानिक पदाधिकारियों के खिलाफ एआई से तैयार, मॉर्फ्ड और कथित रूप से मानहानिकारक सामग्री इंस्टाग्राम और फेसबुक पर शेयर करने का आरोप है। उसे भारतीय न्याय संहिता और IT अधिनियम, 2000 की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया।
यह मामला पुलिस के संज्ञान में कैसे आया?
पुलिस के अनुसार, यह मामला 4 जुलाई को सोशल मीडिया की नियमित निगरानी के दौरान सामने आया, जब अधिकारियों ने एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर कथित आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट होते हुए पाई। इसके बाद भुवनेश्वर साइबर क्राइम और आर्थिक अपराध थाने में FIR दर्ज की गई।
क्या ओडिशा में इस तरह की यह पहली गिरफ्तारी है?
नहीं, यह एक हफ्ते में दूसरी ऐसी गिरफ्तारी है। इससे पहले रविवार को भी कमिश्नरेट पुलिस ने एक 22 वर्षीय युवक को मॉर्फ्ड अश्लील तस्वीरों और वीडियो वाली रील्स सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
बीजेडी ने इन गिरफ्तारियों पर क्या कहा?
विपक्षी बीजू जनता दल (बीजेडी) ने सत्तारूढ़ BJP पर आरोप लगाया कि राज्य सरकार अपनी शक्ति का दुरुपयोग कर लोगों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। बीजेडी ने इन गिरफ्तारियों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया।
AI मॉर्फ्ड सामग्री पर भारत में कौन-से कानून लागू होते हैं?
भारत में एआई-जनित मानहानिकारक या अश्लील सामग्री के प्रसार पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की विभिन्न धाराएँ और भारतीय न्याय संहिता लागू होती हैं। इन प्रावधानों के तहत साइबर अपराध थानों को जाँच और गिरफ्तारी का अधिकार है।
राष्ट्र प्रेस
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