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ओडिशा 'दमन' अभियान: 346 गिरफ्तार, 1448 एनबीडब्ल्यू तामील; 8.13 टन गांजा जब्त

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ओडिशा 'दमन' अभियान: 346 गिरफ्तार, 1448 एनबीडब्ल्यू तामील; 8.13 टन गांजा जब्त

सारांश

त्योहारी सीजन से पहले ओडिशा पुलिस का बड़ा अभियान — 346 गिरफ्तारियाँ, 1,448 एनबीडब्ल्यू तामील और 8.13 टन गांजा जब्त। डीजीपी विनयतोष मिश्रा के निर्देश पर शुरू यह 'दमन' अभियान राज्य के बहु-आयामी कानून-प्रवर्तन प्रयास की झलक देता है।

मुख्य बातें

ओडिशा पुलिस के 'दमन' अभियान में 346 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 1,448 गैर-जमानती वारंट तामील कराए गए।
अभियान 21 सितंबर 2026 को डीजीपी विनयतोष मिश्रा के निर्देश पर शुरू हुआ था।
एनडीपीएस एक्ट के तहत 89 मामले , 109 गिरफ्तारियाँ और 8.13 टन गांजा जब्त; 19,387 गांजे के पौधे नष्ट किए गए।
आबकारी कानून के तहत 1,707 मामले और 140 गिरफ्तारियाँ ; 10,298.24 लीटर अवैध देसी शराब जब्त।
जुए के 46 मामलों में 67 गिरफ्तारियाँ और ₹4,36,086 बरामद; संगठित अपराध में 7 मामले , 18 गिरफ्तारियाँ ।
राज्यभर में 1,830 स्थानों पर नाकाबंदी और सीमा सील की कार्रवाई।

ओडिशा पुलिस ने त्योहारी सीजन से पूर्व राज्यभर में विशेष 'दमन' अभियान के अंतर्गत व्यापक कार्रवाई करते हुए 346 लोगों को गिरफ्तार किया और 1,448 गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) तामील कराए। 21 सितंबर 2026 से प्रारंभ इस अभियान के दौरान पुलिस ने नशीले पदार्थों, अवैध शराब, जुए और संगठित अपराध — सभी मोर्चों पर एक साथ शिकंजा कसा।

अभियान की पृष्ठभूमि और उद्देश्य

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनयतोष मिश्रा के निर्देश पर 21 सितंबर 2026 को यह विशेष अभियान शुरू किया गया था। इसका मुख्य लक्ष्य आगामी त्योहारों — दशहरा, दुर्गा पूजा और दीपावली — के दौरान राज्य में शांति एवं सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना था। इस अभियान में जिला पुलिस, कमिश्नरेट पुलिस, रेलवे पुलिस और राज्य की अन्य पुलिस इकाइयों ने संयुक्त रूप से भाग लिया।

यह ऐसे समय में आया है जब त्योहारी भीड़ के दौरान अपराध और नशे के मामलों में वृद्धि की आशंका रहती है। गौरतलब है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 129 के अंतर्गत अभियान के दौरान 1,012 लोगों के विरुद्ध निवारक कार्रवाई शुरू की गई।

नशीले पदार्थों पर कार्रवाई

नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत पुलिस ने 89 मामले दर्ज करते हुए 109 लोगों को गिरफ्तार किया। जब्त की गई सामग्री में करीब 8.13 टन गांजा शामिल है, साथ ही 19,387 गांजे के पौधों को नष्ट किया गया। इसके अतिरिक्त 394.645 ग्राम ब्राउन शुगर और कफ सिरप की 1,066 बोतलें भी बरामद की गईं।

यह जब्ती बताती है कि ओडिशा अभी भी पूर्वी भारत में नशीले पदार्थों की तस्करी का एक संवेदनशील गलियारा बना हुआ है।

अवैध शराब और जुए पर शिकंजा

आबकारी कानून के उल्लंघन के खिलाफ पुलिस ने 1,707 मामले दर्ज कर 140 लोगों को गिरफ्तार किया। जब्त की गई शराब में 10,298.24 लीटर अवैध देसी शराब, 2,922.409 लीटर विदेशी शराब, 1,092.54 लीटर आस्का-40, 800 किलो फर्मेंटेड वॉश और 81 लीटर महुआ शराब शामिल है।

जुए के मामलों में 46 केस दर्ज कर 67 लोगों को गिरफ्तार किया गया और ₹4,36,086 नकद जब्त किए गए। वसूली के 16 मामलों में 12 लोगों की गिरफ्तारी हुई तथा ₹10,520 बरामद किए गए।

हथियार और संगठित अपराध

अवैध हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक रखने के छह मामले दर्ज किए गए। इस कार्रवाई में पाँच आग्नेयास्त्र, एक रिवॉल्वर, चार कारतूस, एक मैगजीन, 2.5 किलो बारूद और दो तलवारें जब्त की गईं। संगठित अपराध के विरुद्ध सात मामले दर्ज कर 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी रोकने के लिए राज्यभर में 1,830 स्थानों पर नाकाबंदी और सीमा सील करने की कार्रवाई की गई। अंतर-जिला और अंतरराज्यीय मार्गों पर भी सुरक्षा जाँच को कड़ा किया गया।

आगे की योजना

डीजीपी विनयतोष मिश्रा ने स्पष्ट किया कि राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और त्योहारों के दौरान नागरिकों को सुरक्षित माहौल देने के लिए आने वाले दिनों में भी अभियान और निवारक पुलिसिंग जारी रहेगी। अभियान की समन्वित प्रकृति — जिसमें कई पुलिस इकाइयाँ शामिल हैं — इसे ओडिशा के हालिया इतिहास की बड़ी एकीकृत कानून-प्रवर्तन कार्रवाइयों में से एक बनाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये गिरफ्तारियाँ दीर्घकालिक निरोधक प्रभाव डालती हैं या केवल त्योहारी दबाव में की गई नियमित सफाई हैं। 8.13 टन गांजे की जब्ती और 19,387 पौधों का उन्मूलन दर्शाता है कि नशीले पदार्थों की आपूर्ति शृंखला गहरी जड़ें जमाए हुए है। 1,707 आबकारी मामले बताते हैं कि अवैध शराब का कारोबार संरचनात्मक समस्या है, जिसे केवल त्योहार से पहले की छापेमारी से हल नहीं किया जा सकता — इसके लिए स्थायी सामाजिक और आर्थिक हस्तक्षेप चाहिए।
RashtraPress
4 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा 'दमन' अभियान क्या है और यह कब शुरू हुआ?
'दमन' अभियान ओडिशा पुलिस का एक विशेष कानून-प्रवर्तन अभियान है, जो 21 सितंबर 2026 को डीजीपी विनयतोष मिश्रा के निर्देश पर शुरू किया गया। इसका उद्देश्य त्योहारी सीजन से पहले राज्यभर में अपराधियों, नशे के कारोबारियों और असामाजिक तत्वों पर शिकंजा कसना था।
अभियान के दौरान कितने लोग गिरफ्तार हुए और कितने वारंट तामील हुए?
अभियान के दौरान कुल 346 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 1,448 गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) तामील कराए गए। इसके अलावा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 129 के तहत 1,012 लोगों के विरुद्ध निवारक कार्रवाई भी शुरू की गई।
ओडिशा पुलिस ने अभियान में कितना गांजा जब्त किया?
एनडीपीएस एक्ट के तहत की गई कार्रवाई में पुलिस ने करीब 8.13 टन गांजा जब्त किया और 19,387 गांजे के पौधों को नष्ट किया। इसके अलावा 394.645 ग्राम ब्राउन शुगर और कफ सिरप की 1,066 बोतलें भी बरामद की गईं।
अभियान में अवैध शराब के कितने मामले दर्ज हुए?
आबकारी कानून के उल्लंघन के तहत 1,707 मामले दर्ज कर 140 लोगों को गिरफ्तार किया गया। जब्त सामग्री में 10,298.24 लीटर अवैध देसी शराब, 2,922.409 लीटर विदेशी शराब और 1,092.54 लीटर आस्का-40 शामिल है।
क्या यह अभियान त्योहारों के बाद भी जारी रहेगा?
डीजीपी विनयतोष मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आने वाले दिनों में भी अभियान और निवारक पुलिसिंग जारी रहेगी। अंतर-जिला और अंतरराज्यीय मार्गों पर सुरक्षा जाँच भी बढ़ाई गई है।
राष्ट्र प्रेस
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