क्या ओडिशा की पहली चिल्का पारंपरिक नौका दौड़ ने बरकुल में उद्घाटन किया?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या ओडिशा की पहली चिल्का पारंपरिक नौका दौड़ ने बरकुल में उद्घाटन किया?

सारांश

ओडिशा की पहली चिल्का पारंपरिक नौका दौड़ ने बरकुल में धूमधाम से उद्घाटन किया। उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिदा ने इसे प्राकृतिक संसाधनों का अनमोल खजाना बताया। जानें इस प्रतियोगिता के महत्व और पारंपरिक संस्कृति की झलक।

मुख्य बातें

चिल्का की जैव विविधता और पारंपरिक नौका विहार का महत्व।
राज्य सरकार का पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रयास।
प्रतियोगिता में 81 टीमों का भाग लेना।
700 मीटर जलमार्ग पर दौड़ का आयोजन।
सुरक्षा प्रबंधन के तहत व्यापक व्यवस्था।

चिलिका/भुवनेश्वर, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा राज्य की पहली चिल्का पारंपरिक नौका दौड़ का मंगलवार को बरकुल में उद्घाटन किया गया। उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिदा ने चिल्का को प्राकृतिक संसाधनों का अनूठा भंडार और ओडिशा की एक प्रमुख पर्यटन संपत्ति बताया।

ओडिशा पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता के पहले संस्करण का उद्घाटन करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि चिल्का की समृद्ध जैव विविधता, प्रवासी पक्षियों का आगमन, स्थानीय मछुआरों की पारंपरिक नौका विहार और मछली पकड़ने की प्रथाएं और झील का विशाल विस्तार दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करता रहता है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण, मछुआरों की पारंपरिक आजीविका के संरक्षण और प्रवासी पक्षियों के आगमन को प्रोत्साहित करने के लिए संरक्षण प्रयासों को बढ़ाकर चिल्का को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और अधिक बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है।

उन्होंने आगे कहा कि ये पहल पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी और साथ ही विकसित ओडिशा और विकसित भारत की परिकल्पना के तहत एक नया अध्याय रचेंगी।

उद्घाटन समारोह में खल्लीकोट विधायक पूर्ण चंद्र सेठी, खोरधा विधायक प्रशांत कुमार जगदेव, पर्यटन विभाग के प्रधान सचिव बलवंत सिंह, पर्यटन निदेशक दीपांकर महापात्रा, गंजाम कलेक्टर अमृत ऋतुराज और कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

इस प्रतियोगिता के पहले संस्करण के लिए पुरी, खोरधा और गंजाम जिलों से कुल 81 स्वदेशी नौका टीमों ने पंजीकरण कराया है। उद्घाटन दिवस पर 45 टीमों ने भाग लिया। यह दौड़ 700 मीटर के जलमार्ग पर आयोजित की जा रही है, जिसमें क्वालीफाई करने वाली टीमें फाइनल राउंड में पहुंचेंगी।

इस आयोजन के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है, जिसमें अग्निशामक सेवा, स्कूबा गोताखोर, ओडीआरएएफ और पुलिस प्रशासन के कर्मियों को प्रतियोगिता के सुचारू और सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए तैनात किया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जोकि न केवल ओडिशा के सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करता है, बल्कि स्थानीय मछुआरों की आजीविका के लिए भी महत्वपूर्ण है। यह आयोजन पर्यटक आकर्षण को बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक कदम है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पहली चिल्का पारंपरिक नौका दौड़ कब आयोजित की गई?
यह दौड़ 6 जनवरी को ओडिशा के बरकुल में आयोजित की गई।
इस प्रतियोगिता में कितनी नाव टीमों ने भाग लिया?
इस प्रतियोगिता के पहले संस्करण में 81 स्वदेशी नौका टीमों ने पंजीकरण कराया।
इस दौड़ का उद्देश्य क्या है?
इस दौड़ का उद्देश्य ओडिशा की पारंपरिक संस्कृति को बढ़ावा देना और पर्यटकों को आकर्षित करना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले