क्या ओडिशा में बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त पर हमला अस्वीकार्य है?

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क्या ओडिशा में बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त पर हमला अस्वीकार्य है?

सारांश

भुवनेश्वर में बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त पर हमले को लेकर अशोक चंद्र पांडा ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। क्या यह हमले लोकतंत्र के लिए खतरा हैं? जानिए पूरी कहानी।

मुख्य बातें

भुवनेश्वर में बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त पर हमला अशोक चंद्र पांडा ने भाजपा पर आरोप लगाए सख्त कार्रवाई की मांग उठाई गई राजनीतिक हिंसा का बढ़ता खतरा ओडिशा प्रशासनिक सेवा ने सामूहिक अवकाश का आह्वान किया

भुवनेश्वर, 1 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। वरिष्ठ बीजद नेता और पूर्व मंत्री अशोक चंद्र पांडा ने मंगलवार को भुवनेश्वर नगर निगम (बीएमसी) के अतिरिक्त आयुक्त रत्नाकर साहू पर बीएमसी कार्यालय के भीतर हुए हमले की कड़ी निंदा की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए पांडा ने इस शर्मनाक कृत्य के लिए भाजपा के पार्षद और उनके समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया और इसे लोक सेवकों की गरिमा पर एक सीधा हमला बताया।

इस घटना को सभ्य समाज में बेहद परेशान करने वाला और अस्वीकार्य बताते हुए अशोक चंद्र पांडा ने कहा कि राज्य की राजधानी में हिंसा की ऐसी घटनाएं भाजपा का असली चेहरा उजागर करती हैं। उन्होंने दावा किया कि हमलावरों ने हमले के दौरान भाजपा विधायक उम्मीदवार जगन्नाथ प्रधान का नाम लिया, जो एक बड़ी राजनीतिक साजिश की ओर इशारा करता है। यह सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं है, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र पर हमला है। यह शर्मनाक है कि ड्यूटी पर तैनात एक सरकारी कर्मचारी पर दिनदहाड़े सरकारी दफ्तर में हमला किया गया। इससे समाज में क्या संदेश जाएगा?

उन्होंने आगे कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के तहत कानून और व्यवस्था की स्थिति खराब हो गई है। इस मामले में सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, जिसमें राजनीतिक रूप से उनका समर्थन करने वाले लोग भी शामिल हैं। बीजेडी सभी आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी और घटना की न्यायिक जांच की मांग करती है।

अशोक चंद्र पांडा ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की चुप्पी पर भी सवाल उठाए और जानना चाहा कि क्या पर्दे के पीछे से इस तरह की हरकतों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'सत्तारूढ़ पार्टी को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। अगर वह वास्तव में लोकतंत्र और सुशासन में विश्वास करती है, तो उसे यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसी हरकतें दोबारा न हों।'

ओडिशा प्रशासनिक सेवा (ओएएस) एसोसिएशन ने हमले पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने भुवनेश्वर नगर निगम (बीएमसी) के अतिरिक्त आयुक्त रत्नाकर साहू पर हुए कथित हमले के विरोध में अपने सदस्यों से मंगलवार से 'सामूहिक अवकाश' पर जाने का आह्वान किया है।

वहीं ओडिशा के सीएम मोहन चरण माझी ने कहा कि कथित हमले में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

तब तक समाज में भय और असुरक्षा का माहौल बना रहेगा। सत्तारूढ़ दल को इस मुद्दे पर स्पष्टता दिखानी होगी, ताकि लोकतंत्र की नींव मजबूत बनी रहे।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या ओडिशा में राजनीतिक हिंसा बढ़ रही है?
हां, हाल के घटनाक्रम इस बात का संकेत देते हैं कि राजनीतिक हिंसा का स्तर बढ़ रहा है, जो लोकतंत्र के लिए खतरा है।
अशोक चंद्र पांडा ने किस पर हमला किया?
उन्होंने भुवनेश्वर नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त रत्नाकर साहू पर हुए हमले की कड़ी निंदा की।
भाजपा पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
पांडा ने भाजपा के पार्षद और उनके समर्थकों को इस हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
क्या कार्रवाई की जाएगी?
ओडिशा के मुख्यमंत्री ने सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
ओडिशा प्रशासनिक सेवा एसोसिएशन की प्रतिक्रिया क्या है?
उन्होंने हमले के विरोध में अपने सदस्यों से 'सामूहिक अवकाश' पर जाने का आह्वान किया है।
राष्ट्र प्रेस