क्या श्रीलंकाई प्रतिनिधिमंडल ने ओडिशा के मुख्यमंत्री से मुलाकात की?

सारांश
Key Takeaways
- ओडिशा और श्रीलंका के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता है।
- आपदा प्रबंधन में ओडिशा की विशेषज्ञता महत्वपूर्ण है।
- दोनों देशों के बीच साझा इतिहास को ध्यान में रखना चाहिए।
भुवनेश्वर, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से श्रीलंकाई प्रतिनिधिमंडल ने लोक सेवा भवन में मुलाकात की। यह प्रतिनिधिमंडल ओडिशा के पांच दिवसीय दौरे पर है।
30 अधिकारियों का यह प्रतिनिधिमंडल श्रीलंका के प्रधानमंत्री कार्यालय, विदेश मंत्रालय और सरकारी सूचना विभाग के प्रेस अधिकारियों से मिलकर बना है। वे संचार प्रबंधन, विशेषकर आपदाओं के दौरान, खेल, अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रमों का आयोजन और पर्यटन, संस्कृति एवं विरासत को बढ़ावा देने के लिए ओडिशा का दौरा कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल से वार्ता के दौरान कहा कि श्रीलंका और ओडिशा एक साझा अतीत से जुड़े हैं। उन्होंने शांति, मित्रता और प्रगति के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आइए हम एक-दूसरे के अनुभवों से सीखें और अपने लोगों के लिए नए अवसर उत्पन्न करें। हम सब मिलकर विकास और समृद्धि का साझा भविष्य बना सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने श्रीलंकाई इतिहास का उदाहरण देते हुए बताया कि सिंहली जाति के पहले राजा और संस्थापक राजकुमार विजया कलिंग से आए थे। यह हमें एक ही विस्तृत परिवार का हिस्सा बनाता है।
दोनों देशों की समुद्री विरासत को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन काल में, कलिंग के नाविक चावल, घोड़े और हाथी लेकर श्रीलंका जाते थे, जबकि मोती और चांदी इस द्वीप से यहाँ आते थे। आज भी ओडिशा में बाली यात्रा उत्सव के माध्यम से इस इतिहास का जश्न मनाया जाता है।
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि हमारा सहयोग कई क्षेत्रों में, विशेषकर पर्यटन, संस्कृति, शिक्षा, खेल और उद्योग में, बढ़ सकता है। ओडिशा खेल, निवेश और आपदा प्रबंधन का केंद्र बन गया है। उन्होंने बताया कि हमारी आपदा तैयारियों को सर्वश्रेष्ठ में से एक माना जाता है।
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव हेमंत शर्मा ने कहा कि ओडिशा की वर्तमान अर्थव्यवस्था लगभग 110 अमेरिकी डॉलर है और हमारा लक्ष्य 2036 तक 500 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था प्राप्त करना है। ओडिशा औद्योगिक मोर्चे पर उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है।
इस पांच दिवसीय दौरे के दौरान श्रीलंकाई प्रतिनिधिमंडल ओडिशा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, कोणार्क, धौली शांति पैगोडा, कलिंग स्टेडियम और चिल्का झील का दौरा करेगा।