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क्या सर्वदलीय बैठक के बाद किरेन रिजिजू ने सदन की सुचारू कार्यवाही के लिए विपक्षी दलों से सहयोग मांगा?

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क्या सर्वदलीय बैठक के बाद किरेन रिजिजू ने सदन की सुचारू कार्यवाही के लिए विपक्षी दलों से सहयोग मांगा?

सारांश

संसद का शीतकालीन सत्र आगामी 1 दिसंबर से शुरू होने वाला है। सर्वदलीय बैठक में किरेन रिजिजू ने विपक्ष से सहयोग की अपील की है। इस सत्र में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

मुख्य बातें

सर्वदलीय बैठक में सभी दलों ने भाग लिया।
किरेन रिजिजू ने विपक्षी दलों से सहयोग मांगा।
शीतकालीन सत्र 1 से 19 दिसंबर तक चलेगा।
विपक्ष 'वोट चोरी' मुद्दे पर हंगामा कर सकता है।
पार्लियामेंट्री डेमोक्रेसी में मतभेद स्वाभाविक हैं।

नई दिल्ली, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू होने वाला है। यह सत्र 1 दिसंबर से लेकर 19 दिसंबर तक चलेगा। इससे पहले, रविवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें केंद्र और विपक्ष ने अपनी रणनीतियों को स्पष्ट किया।

बैठक के बाद, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, 'मुझे विश्वास दिलाना है कि हम संसद का शीतकालीन सत्र सुचारू रूप से चलाने के लिए विपक्ष से बातचीत जारी रखेंगे।' उन्होंने विपक्षी दलों के नेताओं से भी अपील की कि वे पार्लियामेंट को बेहतर तरीके से चलाने में सहयोग करें।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, "बैठक बहुत सकारात्मक और परिणामदायक रही। मैं सभी राजनीतिक दलों के फ्लोर लीडर्स को धन्यवाद देता हूं। सभी ने अपनी-अपनी राय साझा की। हम इन सुझावों पर विचार करेंगे और उन्हें बिजनेस एडवाइजरी कमेटी के सामने रखेंगे। इस बैठक में 36 राजनीतिक दलों और 50 नेताओं ने भाग लिया।"

उन्होंने आगे कहा कि "मैं फिर से यह विश्वास दिलाता हूं कि हम संसद के शीतकालीन सत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए विपक्ष के साथ संवाद करेंगे। साथ ही, मैं विपक्षी दलों से अनुरोध करता हूं कि वे पार्लियामेंट की कार्यवाही को बाधित न करें। लोकतंत्र और विशेषकर पार्लियामेंट्री डेमोक्रेसी में मतभेद स्वाभाविक हैं। सभी को अपनी विचारधारा के अनुसार काम करना होता है, इसलिए मतभेद होंगे। लेकिन हमें मिलकर सदन की कार्यवाही को बाधित नहीं करना चाहिए।"

आशंका जताई जा रही है कि संसद का शीतकालीन सत्र हंगामेदार हो सकता है। विपक्षी दल विशेष पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के दूसरे चरण, 'वोट चोरी' जैसे मुद्दों पर हंगामा कर सकते हैं।

पिछले मॉनसून सत्र में हंगामा हुआ था, और इस बार भी विपक्ष केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना आवश्यक है कि संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत महत्वपूर्ण है। विपक्ष का सहयोग आवश्यक है ताकि लोकतंत्र की भावना बनी रहे। हमें उम्मीद है कि सभी दल सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करेंगे।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संसद का शीतकालीन सत्र कब शुरू हो रहा है?
संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू होगा।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री कौन हैं?
किरेन रिजिजू केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री हैं।
सर्वदलीय बैठक में कितने दलों ने भाग लिया?
इस बैठक में 36 राजनीतिक दलों और 50 नेताओं ने भाग लिया।
क्या इस सत्र में विपक्ष हंगामा कर सकता है?
हाँ, विपक्ष के हंगामे की संभावना है, विशेषकर 'वोट चोरी' जैसे मुद्दों पर।
क्या किरेन रिजिजू ने विपक्ष से सहयोग की अपील की है?
जी हाँ, उन्होंने विपक्ष से पार्लियामेंट की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग की अपील की है।
राष्ट्र प्रेस
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