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'वन नेशन, वन इलेक्शन' पर JPC की लखनऊ बैठक: यूपी के 4 मंत्रियों ने समर्थन में रखा पक्ष

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'वन नेशन, वन इलेक्शन' पर JPC की लखनऊ बैठक: यूपी के 4 मंत्रियों ने समर्थन में रखा पक्ष

सारांश

'वन नेशन, वन इलेक्शन' पर JPC की लखनऊ अध्ययन यात्रा में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य समेत चार कैबिनेट मंत्रियों ने एकजुट होकर विधेयक का समर्थन किया — चुनावी खर्च में कमी और आचार संहिता की बाधाओं से मुक्ति को प्रमुख तर्क बताया।

मुख्य बातें

JPC ने 14 जुलाई 2025 को लखनऊ में 'वन नेशन, वन इलेक्शन' पर अध्ययन यात्रा कार्यक्रम आयोजित किया।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य , मंत्री एके शर्मा , सुरेश खन्ना और धर्मपाल सिंह ने विधेयक के समर्थन में पक्ष रखा।
मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि एक साथ चुनाव से चुनावी खर्च में कमी आएगी।
मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि इससे बार-बार आचार संहिता लागू नहीं होगी और विकास कार्य प्रभावित नहीं होंगे।
संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 की समीक्षा JPC कर रही है।

संयुक्त संसदीय समिति (JPC) ने 14 जुलाई 2025 को लखनऊ में 'वन नेशन, वन इलेक्शन' पर अध्ययन यात्रा कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों ने संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 के पक्ष में अपने विचार प्रस्तुत किए। यह बैठक ऐसे समय हुई जब देशभर में इस प्रस्ताव को लेकर समर्थन और विरोध दोनों एक साथ तेज़ हो रहे हैं।

उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों की प्रतिक्रिया

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, 'वन नेशन, वन इलेक्शन' के मामले को लेकर संसदीय समिति का हम स्वागत करते हैं। सरकार की ओर से समर्थन में हमने अपना पक्ष रखा है। उत्तर प्रदेश सरकार इसके पक्ष में है और हमने अपना सुझाव दे दिया है।

कैबिनेट मंत्री एके शर्मा ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल बताते हुए कहा कि यह देश के विकास और प्रगति की दिशा में उठाया गया कदम है। उन्होंने समिति के सामने इसे जल्द से जल्द लागू करने की माँग रखी। शर्मा ने यह भी कहा कि छोटी-छोटी आपत्तियों के आधार पर मुख्य लक्ष्य को नहीं रोका जाना चाहिए।

मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने से चुनावी खर्च में उल्लेखनीय कमी आएगी। उन्होंने इसे एक बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था बताया और समिति के सामने यही पक्ष रखा।

कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' से बार-बार आचार संहिता लागू होने की स्थिति समाप्त होगी, जिससे विकास कार्य बाधित नहीं होंगे। उन्होंने इसे न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे देश के हित में बताया।

JPC की अध्ययन यात्रा का महत्व

गौरतलब है कि JPC विभिन्न राज्यों में इसी तरह के अध्ययन कार्यक्रम आयोजित कर रही है ताकि राज्य सरकारों, राजनीतिक दलों और विशेषज्ञों की राय दर्ज की जा सके। लखनऊ में आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार ने एकजुट होकर विधेयक का समर्थन किया।

यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों ने इस प्रस्ताव पर संवैधानिक और व्यावहारिक आपत्तियाँ जताई हैं। आलोचकों का कहना है कि एक साथ चुनाव कराने से क्षेत्रीय दलों और छोटे राज्यों के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

विधेयक की पृष्ठभूमि

संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने का प्रावधान करता है। इसके साथ केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 भी पेश किया गया है, जो केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं को इसी ढाँचे में शामिल करता है। इन दोनों विधेयकों की विस्तृत समीक्षा के लिए JPC का गठन किया गया था।

आगे क्या होगा

JPC अपनी अध्ययन यात्राएँ जारी रखेगी और विभिन्न हितधारकों से राय लेने के बाद अपनी सिफारिशें संसद को सौंपेगी। उत्तर प्रदेश सरकार के स्पष्ट समर्थन से यह संकेत मिलता है कि देश के सबसे बड़े राज्य की सत्ताधारी सरकार इस प्रस्ताव के क्रियान्वयन की पक्षधर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि JPC इस प्रक्रिया में विपक्षी और क्षेत्रीय दलों की संवैधानिक आपत्तियों को कितना वज़न देती है। 'चुनावी खर्च में कमी' और 'आचार संहिता की बाधा' जैसे तर्क बार-बार दोहराए जाते हैं, लेकिन इनके पक्ष में ठोस आँकड़े सार्वजनिक रूप से कम ही पेश किए गए हैं। यह भी ध्यान देने योग्य है कि इस विधेयक को लागू करने के लिए संविधान संशोधन के साथ-साथ कम से कम आधे राज्यों की विधानसभाओं की मंजूरी भी अनिवार्य होगी — एक जटिल राजनीतिक समीकरण जिसे JPC की रिपोर्ट नज़रअंदाज़ नहीं कर सकती।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'वन नेशन, वन इलेक्शन' विधेयक क्या है?
यह संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 है, जो लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने का प्रावधान करता है। इसके साथ केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 भी है, जो केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं को इसी ढाँचे में लाता है।
JPC की लखनऊ बैठक में यूपी के किन मंत्रियों ने भाग लिया?
14 जुलाई 2025 को आयोजित इस बैठक में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री एके शर्मा, सुरेश खन्ना और धर्मपाल सिंह ने भाग लिया। सभी ने विधेयक के पक्ष में अपने विचार JPC के सामने रखे।
उत्तर प्रदेश सरकार ने 'वन नेशन, वन इलेक्शन' के समर्थन में क्या तर्क दिए?
सरकार ने मुख्यतः तीन तर्क दिए — एक साथ चुनाव से चुनावी खर्च में कमी आएगी, बार-बार आचार संहिता लागू होने से विकास कार्य बाधित नहीं होंगे, और यह देश की प्रगति के लिए आवश्यक कदम है।
इस विधेयक का विरोध क्यों हो रहा है?
आलोचकों का कहना है कि एक साथ चुनाव कराने से क्षेत्रीय दलों और छोटे राज्यों के हितों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। विपक्षी दलों ने संवैधानिक और व्यावहारिक आपत्तियाँ जताई हैं, और इसे लागू करने के लिए कम से कम आधे राज्यों की मंजूरी भी आवश्यक होगी।
राष्ट्र प्रेस
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