ओडिशा में 'ज्ञानोदय योजना' लागू: केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा, गाइडलाइंस जारी
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा के उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने मंगलवार, 14 जुलाई को भुवनेश्वर में 'ज्ञानोदय – शिक्षारु समृद्धि' योजना के क्रियान्वयन के लिए आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी किए। इस योजना के तहत किंडरगार्टन (केजी) से लेकर पोस्ट-ग्रेजुएट (पीजी) स्तर तक की शिक्षा पूरी तरह निःशुल्क की जाएगी। मंत्री सूर्यवंशी ने दावा किया कि ओडिशा यह योजना लागू करने वाला देश का पहला राज्य है।
योजना की पृष्ठभूमि और उद्देश्य
मंत्री सूर्यवंशी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि उच्च शिक्षा विभाग का कार्यभार संभालने के बाद राज्य सरकार तीन प्रमुख समस्याओं को लेकर सबसे अधिक चिंतित थी — राज्य में बढ़ती ड्रॉपआउट दर, ओडिशा के ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो (GER) का राष्ट्रीय औसत से नीचे रहना, और आर्थिक तंगी के कारण छात्रों का पढ़ाई बीच में छोड़ना। उन्होंने कहा कि इन्हीं समस्याओं के समाधान के रूप में यह निर्णय लिया गया कि उच्च शिक्षा सभी के लिए सुलभ होनी चाहिए। यह योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शिक्षा में आर्थिक बाधाओं को दूर करने की दिशा में एक ठोस कदम है।
किन संस्थानों और कोर्स पर लागू होगी योजना
दिशा-निर्देशों के अनुसार, राज्य के पब्लिक विश्वविद्यालयों, सरकारी कॉलेजों और 488 व 662 ग्रांट-इन-एड श्रेणी के गैर-सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों में रेगुलर अंडरग्रेजुएट (UG) और पोस्टग्रेजुएट (PG) प्रोग्राम में दाखिला लेने वाले छात्रों को कोई शुल्क नहीं देना होगा। राज्य सरकार एडमिशन फीस, री-एडमिशन फीस, डेवलपमेंट फीस और प्रवेश के समय लिए जाने वाले अन्य शुल्क का वहन करेगी। हालाँकि, परीक्षाओं की गंभीरता बनाए रखने के उद्देश्य से छात्रों को परीक्षा शुल्क स्वयं देना होगा।
योजना के दायरे से बाहर क्या है
यह योजना सेल्फ-फाइनेंसिंग कोर्स, बिना सहायता वाले निजी संस्थानों, डिस्टेंस और ओपन लर्निंग कार्यक्रमों तथा एमबीए, एमसीए, बीबीए, बीसीए, बीएड, एलएलबी, एलएलएम जैसे प्रोफेशनल कोर्स पर लागू नहीं होगी। इसके अलावा पीपीपी-मोड वाले कोर्स भी इस योजना के दायरे से बाहर हैं।
पात्रता और शर्तें
योजना का लाभ उठाने के लिए छात्रों को स्टूडेंट एकेडमिक मैनेजमेंट सिस्टम (SAMS) पोर्टल के माध्यम से दाखिला लेना अनिवार्य होगा। साथ ही न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति बनाए रखना जरूरी है, हालाँकि विशेष परिस्थितियों में यह सीमा 65 प्रतिशत तक कम की जा सकती है। यह लाभ किसी छात्र को UG या PG प्रोग्राम में पहली बार प्रवेश लेने पर ही मिलेगा। गौरतलब है कि सरकार ने फीस रेगुलेशन सिस्टम भी लागू किया है, जिसके तहत संस्थान स्टेट फीस रेगुलेशन कमिटी की मंजूरी के बिना एडमिशन से जुड़ी फीस में बदलाव नहीं कर सकते।
दीर्घकालिक लक्ष्य
मंत्री सूर्यवंशी ने भरोसा जताया कि यह पहल ओडिशा विजन 2036 और विजन 2047 के तहत राज्य के ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो को 60 प्रतिशत तक बढ़ाने के लक्ष्य को हासिल करने में सहायक सिद्ध होगी। ये दिशा-निर्देश राज्यभर के उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी शिक्षण संस्थानों के साथ साझा किए जाएंगे। आने वाले शैक्षणिक सत्र में इस योजना का व्यापक असर ओडिशा के लाखों विद्यार्थियों पर पड़ने की उम्मीद है।