25 सितंबर 2026
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LoC के पास तंगधार में 'ऑपरेशन दृष्टि': भूमिगत OT में 2 दिनों में 220 की आँखों की रोशनी लौटी

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LoC के पास तंगधार में 'ऑपरेशन दृष्टि': भूमिगत OT में 2 दिनों में 220 की आँखों की रोशनी लौटी

सारांश

नियंत्रण रेखा से सटे तंगधार में भूमिगत ऑपरेशन थिएटर में 2 दिनों में 220 नेत्र सर्जरी — यह सिर्फ चिकित्सा उपलब्धि नहीं, बल्कि संघर्ष-क्षेत्र के नागरिकों तक पहुँचने की सेना की मानवीय प्रतिबद्धता का प्रतीक है। 'ऑपरेशन दृष्टि' अब 10 शहरों में 3,500 से अधिक सर्जरी कर चुका है।

मुख्य बातें

24-25 सितंबर 2026 को तंगधार (LoC के निकट) में भूमिगत ऑपरेशन थिएटर में 220 नेत्र सर्जरी सम्पन्न हुईं।
यह 'ऑपरेशन दृष्टि' श्रृंखला का 10वाँ मेगा नेत्र शल्य चिकित्सा शिविर था।
शिविर का नेतृत्व ब्रिगेडियर संजय कुमार मिश्रा (सेना अस्पताल अनुसंधान एवं रेफरल, दिल्ली छावनी) ने किया।
सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और एयर मार्शल संदीप थरेजा ने शिविर का दौरा किया।
अब तक 1.50 लाख से अधिक जाँच और 10 शहरों में 3,500+ सर्जरी पूर्ण।
11वाँ शिविर 27-29 सितंबर 2026 को श्रीनगर में होगा।

जम्मू-कश्मीर के नियंत्रण रेखा (LoC) से सटे संवेदनशील तंगधार क्षेत्र में सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं (AFMS) के विशेषज्ञों ने 24 और 25 सितंबर 2026 को मात्र दो दिनों में एक भूमिगत ऑपरेशन थिएटर में 220 लोगों की आँखों की सफल सर्जरी कर उनकी दृष्टि बहाल की। 'ऑपरेशन दृष्टि' श्रृंखला के इस 10वें मेगा नेत्र शल्य चिकित्सा शिविर ने गोलाबारी की आशंका वाले दुर्गम इलाके में चिकित्सा सेवा और मानवीय प्रतिबद्धता का असाधारण उदाहरण प्रस्तुत किया।

शिविर का नेतृत्व और विशेष स्थान का चुनाव

इस शिविर का नेतृत्व दिल्ली छावनी स्थित सेना अस्पताल अनुसंधान एवं रेफरल के नेत्र रोग विभाग के प्रमुख ब्रिगेडियर संजय कुमार मिश्रा ने किया। तंगधार को इसलिए चुना गया क्योंकि यह नियंत्रण रेखा के अत्यंत निकट और गोलाबारी की आशंका वाला क्षेत्र है, जहाँ नागरिकों की विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच बेहद सीमित है। ऐसे चुनौतीपूर्ण भौगोलिक और सुरक्षा परिवेश में भूमिगत ऑपरेशन थिएटर स्थापित कर अत्याधुनिक नेत्र सर्जरी करना अपने आप में अभूतपूर्व प्रयास रहा।

सर्जरी का विवरण और उपकरण

इन 220 सर्जरी में अधिकांश मोतियाबिंद के ऑपरेशन शामिल थे। इसके अतिरिक्त आवश्यकतानुसार रेटिना से जुड़ी जटिल प्रक्रियाएँ और कम चीरे वाली ग्लूकोमा सर्जरी भी की गईं। ब्रिगेडियर मिश्रा की टीम पहाड़ी और दुर्गम मार्गों से फेकोइमल्सीफिकेशन, विट्रियस-रेटिना और ग्लूकोमा सर्जरी से जुड़े अत्याधुनिक उपकरण तंगधार तक ले जाने में सफल रही, जो रसद प्रबंधन की दृष्टि से एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।

वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ स्वयं शिविर में पहुँचे, मरीज़ों से बातचीत की और उन्हें दवाइयाँ तथा उपहार वितरित किए। सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं के महानिदेशक एयर मार्शल संदीप थरेजा ने भी शिविर का दौरा किया और विशेषज्ञ चिकित्सकों तथा स्थानीय टीम की उत्कृष्ट चिकित्सा क्षमता एवं समर्पण की सराहना की।

आम जनता तक पहुँच

इस शिविर का लाभ तंगधार, खावरपोरा, ताड़, बगबेला, यांगदार और आसपास की दूरदराज़ बस्तियों के निवासियों को मिला। मरीज़ जाँच के बाद शिविर में पहुँचे। स्थानीय रेडियो चैनल रेडियो रूह-ए-कर्नाह के प्रसारण के माध्यम से भी लोगों को शिविर की जानकारी दी गई, जो इस इलाके में सूचना के प्रसार का एक महत्वपूर्ण साधन है। भारतीय सेना ने मरीज़ों के आगमन से लेकर ऑपरेशन के बाद की देखभाल और स्वस्थ होकर घर लौटने तक हर चरण में सहयोग प्रदान किया।

अब तक की उपलब्धि और आगे का कार्यक्रम

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की परिकल्पना के तहत संचालित इन मेगा नेत्र चिकित्सा शिविरों का दायरा अब उल्लेखनीय रूप से विस्तृत हो चुका है। अब तक 1.50 लाख से अधिक लोगों की नेत्र जाँच की जा चुकी है और 10 शहरों में 3,500 से अधिक सर्जरी संपन्न हो चुकी हैं। इस श्रृंखला का 11वाँ मेगा आई सर्जिकल कैंप 27 से 29 सितंबर 2026 तक श्रीनगर में आयोजित होने वाला है, जो इस मानवीय अभियान की निरंतर गति का प्रमाण है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहाँ अब नागरिक कल्याण की भी सुनियोजित और निरंतर मौजूदगी है। गोलाबारी की आशंका वाले इलाके में भूमिगत ऑपरेशन थिएटर स्थापित करना और रेडियो के ज़रिये दूरदराज़ की बस्तियों तक सूचना पहुँचाना यह बताता है कि सेना की भूमिका अब केवल रक्षात्मक नहीं रही। हालाँकि सवाल यह भी उठता है कि इन शिविरों के बाद दीर्घकालिक स्वास्थ्य ढाँचे — स्थायी चिकित्सा केंद्र, नियमित विशेषज्ञ सेवाएँ — की क्या व्यवस्था है, क्योंकि किसी भी एकबारगी शिविर की सीमा होती है।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'ऑपरेशन दृष्टि' क्या है?
'ऑपरेशन दृष्टि' सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं (AFMS) द्वारा आयोजित मेगा नेत्र शल्य चिकित्सा शिविरों की एक श्रृंखला है, जिसे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की परिकल्पना के तहत चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य जम्मू-कश्मीर सहित दूरदराज़ और संवेदनशील क्षेत्रों के नागरिकों को निःशुल्क विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध कराना है।
तंगधार शिविर में किस तरह की सर्जरी की गईं?
24-25 सितंबर 2026 को आयोजित इस शिविर में 220 सर्जरी हुईं, जिनमें अधिकांश मोतियाबिंद के ऑपरेशन थे। इसके अलावा रेटिना से संबंधित जटिल प्रक्रियाएँ और कम चीरे वाली ग्लूकोमा सर्जरी भी की गईं।
शिविर में कौन-से वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए?
सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने शिविर का दौरा किया और मरीज़ों से मुलाकात की। AFMS के महानिदेशक एयर मार्शल संदीप थरेजा भी उपस्थित रहे और उन्होंने चिकित्सा टीम के प्रयासों की सराहना की।
तंगधार को इस शिविर के लिए क्यों चुना गया?
तंगधार नियंत्रण रेखा के अत्यंत निकट स्थित है और यह गोलाबारी की आशंका वाला क्षेत्र है। यहाँ के निवासियों की विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं तक पहुँच बेहद सीमित है, इसीलिए इसे चुना गया ताकि सबसे ज़रूरतमंद लोगों को लाभ मिल सके।
अगला 'ऑपरेशन दृष्टि' शिविर कब और कहाँ होगा?
इस श्रृंखला का 11वाँ मेगा आई सर्जिकल कैंप 27 से 29 सितंबर 2026 तक श्रीनगर में आयोजित होगा। अब तक 10 शहरों में 3,500 से अधिक सर्जरी और 1.50 लाख से अधिक नेत्र जाँचें पूरी हो चुकी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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