ऑपरेशन विस्टा 1.0: दिल्ली पुलिस ने 7 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा, वीजा अवधि से अधिक रुकने का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड (AATS) ने 11 अगस्त 2026 को 'ऑपरेशन विस्टा 1.0' (वीजा स्टेटस वेरिफिकेशन) के तहत सात बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया, जिन पर वीजा की निर्धारित समय-सीमा से अधिक समय तक नई दिल्ली में रहने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, सभी सातों व्यक्ति वैध 'डबल एंट्री वीजा' पर भारत आए थे, किंतु प्रत्येक यात्रा में अधिकतम 15 दिन रुकने की शर्त का उल्लंघन करते हुए बिना किसी अधिकृत एक्सटेंशन के यहाँ रुके रहे।
ऑपरेशन की शुरुआत कैसे हुई
नबी करीम इलाके में गश्त कर रही पुलिस टीम को एक विश्वसनीय सूत्र से सूचना मिली कि वहाँ कई बांग्लादेशी नागरिक वीजा अवधि समाप्त होने के बावजूद अवैध रूप से रह रहे हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने मोहम्मद नजरुल इस्लाम फैसल (26) को हिरासत में लिया, जो बांग्लादेश के नोआखाली जिले का निवासी है।
पूछताछ में फैसल ने स्वीकार किया कि उसका पासपोर्ट 8 फरवरी को जारी हुआ था और भारत में रहने की अनुमति 7 अगस्त तक ही थी, परंतु वह बिना किसी वैध एक्सटेंशन के उसके बाद भी रुका रहा। उसने यह भी बताया कि अन्य बांग्लादेशी नागरिक भी इसी प्रकार दिल्ली में रह रहे हैं।
छापेमारी और गिरफ्तारी
सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट AATS के इंचार्ज इंस्पेक्टर संदीप डबास के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने मदनपुर खादर और सरिता विहार के जनता फ्लैट्स सहित दिल्ली के कई ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान छह और बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा गया।
गिरफ्तार सातों व्यक्तियों की पहचान इस प्रकार है: मोहम्मद नजरुल इस्लाम फैसल (26), मोहम्मद अमजद हुसैन (26), मोइनुल हुसैन (24), अलामीन (25), मोहम्मद कवास अली (25), अमरान हुसैन (29) और अफरानुल हक भुइयां सामी (23) — ये सभी बांग्लादेश के अलग-अलग जिलों के निवासी हैं।
वीजा उल्लंघन का स्वरूप
पुलिस के अनुसार, इमिग्रेशन रिकॉर्ड की जाँच से पुष्टि हुई कि सभी सातों व्यक्ति 'डबल एंट्री वीजा' पर कानूनी रूप से भारत आए थे। इस वीजा की शर्त के तहत प्रत्येक यात्रा में अधिकतम 15 दिन रुकने की अनुमति थी। हालाँकि, किसी भी व्यक्ति ने सक्षम अधिकारियों से एक्सटेंशन या अतिरिक्त अनुमति नहीं ली। गौरतलब है कि जाँच में इनमें से किसी के विरुद्ध कोई पूर्व आपराधिक मामला सामने नहीं आया — वर्तमान कार्रवाई केवल वीजा शर्तों के उल्लंघन से संबंधित है।
जब्ती और डिटेंशन
पुलिस ने सात बांग्लादेशी पासपोर्ट, सात भारतीय डबल एंट्री वीजा और सात मोबाइल फोन जब्त किए हैं। सभी गिरफ्तार व्यक्तियों को फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) के समक्ष पेश किया गया, जिसने उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शुरू करते हुए डिपोर्टेशन की प्रक्रिया पूरी होने तक हिरासत में रखने का आदेश दिया। इन्हें सेवा धाम, शहजादा बाग, सराय रोहिल्ला स्थित डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह ऑपरेशन राष्ट्रीय राजधानी में वीजा नियमों का उल्लंघन कर अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान के लिए चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है। होटलों, गेस्ट हाउसों और अन्य आवासीय ठिकानों पर जाँच जारी रहने की संभावना है।