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दिल्ली में 'ऑपरेशन विस्टा 1.0': वीजा उल्लंघन पर दो बांग्लादेशी नागरिक हिरासत में, डिपोर्टेशन की कार्रवाई शुरू

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दिल्ली में 'ऑपरेशन विस्टा 1.0': वीजा उल्लंघन पर दो बांग्लादेशी नागरिक हिरासत में, डिपोर्टेशन की कार्रवाई शुरू

सारांश

दिल्ली पुलिस के फॉरेनर सेल ने 'ऑपरेशन विस्टा 1.0' के तहत नबी करीम और पहाड़गंज के होटलों से दो बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा, जो डबल-एंट्री वीजा की 15 दिन की सीमा से अधिक समय तक भारत में रुके थे। दोनों को FRRO के आदेश पर सेवा धाम डिटेंशन सेंटर भेजा गया है।

मुख्य बातें

फॉरेनर सेल ने 'ऑपरेशन विस्टा 1.0' के तहत 1 सितंबर को दो बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया।
हिरासत में लिए गए नागरिक हैं — 25 वर्षीय जोमिर हुसैन (नबी करीम, आरक्षण रोड) और 39 वर्षीय मक्सूदा अख्तर (पहाड़गंज, चांदी वालान मेन बाजार)।
दोनों डबल-एंट्री वीजा पर आए थे, जिसमें प्रति प्रवेश अधिकतम 15 दिन ठहरने की अनुमति थी।
FRRO के आदेश पर दोनों को सेवा धाम डिटेंशन सेंटर, शाहजादा बाग भेजा गया।
डिपोर्टेशन की कानूनी प्रक्रिया FRRO द्वारा संचालित की जा रही है।

दिल्ली के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट स्पेशल स्टाफ के फॉरेनर सेल ने 1 सितंबर को 'ऑपरेशन विस्टा 1.0' (वीजा स्टेटस वेरिफिकेशन अभियान) के अंतर्गत एक विशेष सत्यापन अभियान चलाते हुए दो बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया, जिन पर अपनी निर्धारित वीजा अवधि से अधिक समय तक भारत में रुकने का आरोप है। हिरासत में लिए गए व्यक्तियों की पहचान 25 वर्षीय जोमिर हुसैन और 39 वर्षीय मक्सूदा अख्तर के रूप में हुई है।

अभियान का विवरण और गिरफ्तारी की परिस्थितियाँ

फॉरेनर सेल की टीम ने सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के अंतर्गत आने वाले कई होटलों और गेस्ट हाउसों की जाँच की। टीम सबसे पहले नबी करीम इलाके में आरक्षण रोड स्थित एक होटल पहुँची, जहाँ जोमिर हुसैन ठहरे हुए थे। जाँच के अनुसार, वे 9 अगस्त को भारत आए थे। इसके बाद टीम पहाड़गंज क्षेत्र के चांदी वालान मेन बाजार स्थित एक अन्य होटल पहुँची, जहाँ मक्सूदा अख्तर ठहरी हुई थीं और जो 27 अगस्त को भारत आई थीं।

वीजा उल्लंघन की प्रकृति

दोनों के पासपोर्ट, वीजा दस्तावेज़ और यात्रा संबंधी अन्य कागज़ात की विस्तृत जाँच से यह सामने आया कि दोनों डबल-एंट्री वीजा पर भारत आए थे, जिसमें प्रत्येक प्रवेश पर अधिकतम 15 दिन तक ठहरने की अनुमति थी। जाँच में दोनों निर्धारित समय-सीमा से अधिक समय तक भारत में रुके पाए गए, जिसे वीजा शर्तों का उल्लंघन माना गया।

कानूनी प्रक्रिया और डिटेंशन

सत्यापन पूर्ण होने के बाद दोनों विदेशी नागरिकों को फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) के समक्ष नियत प्रक्रियाओं के तहत पेश किया गया। FRRO ने उन्हें सराय रोहिल्ला क्षेत्र के शाहजादा बाग स्थित सेवा धाम डिटेंशन सेंटर में रखने के आदेश जारी किए। कानून के अनुसार डिपोर्टेशन की आगे की कार्रवाई पूरी होने तक दोनों को डिटेंशन सेंटर में रखा जाएगा।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली पुलिस का फॉरेनर सेल अवैध प्रवास और वीजा उल्लंघन के मामलों पर अपनी निगरानी तेज़ कर रहा है। गौरतलब है कि 'ऑपरेशन विस्टा 1.0' एक व्यापक सत्यापन अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत होटलों और अतिथि गृहों में ठहरे विदेशी नागरिकों के दस्तावेज़ों की नियमित जाँच की जा रही है। डिपोर्टेशन की प्रक्रिया प्रचलित कानूनी ढाँचे के अंतर्गत FRRO द्वारा संचालित की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन दो व्यक्तियों की हिरासत की खबर तब अधिक अर्थपूर्ण होती जब यह स्पष्ट होता कि इस अभियान में कुल कितने होटलों की जाँच हुई और कितने मामले सामने आए। डबल-एंट्री वीजा की 15 दिन की सीमा का उल्लंघन तकनीकी रूप से गंभीर है, परंतु यह जानना भी ज़रूरी है कि क्या ये व्यक्ति जानबूझकर अवैध रूप से रह रहे थे या प्रशासनिक भ्रम के शिकार हुए। FRRO की डिपोर्टेशन प्रक्रिया की पारदर्शिता और समयसीमा पर नज़र रखना इस मामले का असली पैमाना होगा।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'ऑपरेशन विस्टा 1.0' क्या है?
'ऑपरेशन विस्टा 1.0' दिल्ली पुलिस के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट स्पेशल स्टाफ के फॉरेनर सेल द्वारा चलाया गया वीजा स्टेटस वेरिफिकेशन अभियान है, जिसके तहत होटलों और गेस्ट हाउसों में ठहरे विदेशी नागरिकों के यात्रा दस्तावेज़ों की जाँच की जाती है। इस अभियान का उद्देश्य वीजा शर्तों का उल्लंघन करने वाले विदेशी नागरिकों की पहचान करना और उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत निपटाना है।
दोनों बांग्लादेशी नागरिकों पर क्या आरोप है?
जोमिर हुसैन और मक्सूदा अख्तर पर आरोप है कि वे डबल-एंट्री वीजा की अधिकतम 15 दिन की ठहरने की सीमा से अधिक समय तक भारत में रुके। यह वीजा शर्तों का उल्लंघन माना जाता है और इसी आधार पर उन्हें हिरासत में लिया गया।
हिरासत में लिए गए नागरिकों को कहाँ रखा गया है?
FRRO के आदेश पर दोनों को दिल्ली के सराय रोहिल्ला क्षेत्र के शाहजादा बाग स्थित सेवा धाम डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। डिपोर्टेशन की कानूनी कार्रवाई पूरी होने तक वे वहीं रहेंगे।
आगे की कानूनी कार्रवाई क्या होगी?
फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) प्रचलित कानूनी ढाँचे के अंतर्गत डिपोर्टेशन की प्रक्रिया संचालित करेगा। दोनों नागरिकों को तब तक डिटेंशन सेंटर में रखा जाएगा जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती।
दोनों नागरिक कब और कहाँ पकड़े गए?
जोमिर हुसैन को नबी करीम के आरक्षण रोड स्थित होटल से और मक्सूदा अख्तर को पहाड़गंज के चांदी वालान मेन बाजार स्थित होटल से 1 सितंबर को पकड़ा गया। जोमिर 9 अगस्त को और मक्सूदा 27 अगस्त को भारत आई थीं।
राष्ट्र प्रेस
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