2 अगस्त 2026
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दिल्ली में 6 बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, डबल एंट्री वीजा की 15 दिन की सीमा का उल्लंघन

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दिल्ली में 6 बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, डबल एंट्री वीजा की 15 दिन की सीमा का उल्लंघन

सारांश

दिल्ली पुलिस के फॉरेनर सेल ने नबी करीम के एक होटल में छापा मारकर 6 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा, जो डबल एंट्री वीजा की 15 दिन की सीमा से अधिक समय तक रुके थे। एफआरआरओ ने रिस्ट्रिक्शन ऑर्डर जारी कर निर्वासन प्रक्रिया शुरू की।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस के फॉरेनर सेल ने 2 अगस्त 2026 को 6 बांग्लादेशी नागरिकों को नबी करीम, नई दिल्ली के एक होटल से गिरफ्तार किया।
सभी आरोपी डबल एंट्री वीजा पर भारत आए थे, जिसमें प्रति यात्रा अधिकतम 15 दिन रुकने की अनुमति थी।
गिरफ्तार नागरिक: शफी इमाम नफीस सिद्दीकी , याह्या एहतेशाम , आसिफ मोल्ला , एमडी बुलबुल हुसैन , हसन शेख और मोस्त तिशा खातून ।
FRRO ने कानूनी कार्रवाई शुरू करते हुए रिस्ट्रिक्शन ऑर्डर जारी किए और निर्वासन प्रक्रिया आरंभ की।
यह कार्रवाई 'ऑपरेशन वीजा स्टेटस वेरिफिकेशन' के तहत सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के होटलों-गेस्ट हाउसों में चलाए गए अभियान का हिस्सा है।

नई दिल्ली के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट में तैनात दिल्ली पुलिस के स्पेशल स्टाफ के फॉरेनर सेल ने 2 अगस्त 2026 को 6 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया, जो डबल एंट्री वीजा पर निर्धारित 15 दिन की अधिकतम अवधि से अधिक समय तक भारत में रुके हुए थे। नबी करीम इलाके के आकर्षण रोड स्थित एक होटल में चलाए गए सत्यापन अभियान के दौरान इन सभी को हिरासत में लिया गया।

ऑपरेशन वीजा स्टेटस वेरिफिकेशन

सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के स्पेशल स्टाफ के फॉरेनर सेल ने वीजा नियमों का उल्लंघन करने वाले विदेशी नागरिकों की पहचान के लिए 'ऑपरेशन वीजा स्टेटस वेरिफिकेशन' शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य दिल्ली में वीजा शर्तों का उल्लंघन करने वाले या तय समय-सीमा से अधिक ठहरने वाले विदेशी नागरिकों की पहचान कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करना है।

इस ऑपरेशन के तहत एक विशेष टीम ने सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के होटलों और गेस्ट हाउसों की व्यापक जांच की। इसी दौरान नबी करीम स्थित उक्त होटल में ठहरे छह बांग्लादेशी नागरिकों के यात्रा दस्तावेजों की जांच की गई।

वीजा उल्लंघन का विवरण

जांच में पाया गया कि सभी छह नागरिक वैध डबल एंट्री वीजा पर भारत आए थे, जिसके तहत प्रत्येक यात्रा में अधिकतम 15 दिन रुकने की अनुमति थी। हालांकि, इन सभी ने किसी सक्षम अधिकारी से विस्तार या अनुमति लिए बिना निर्धारित अवधि से अधिक समय तक भारत में रहकर वीजा शर्तों का उल्लंघन किया।

गिरफ्तार किए गए नागरिकों की पहचान शफी इमाम नफीस सिद्दीकी (31), याह्या एहतेशाम (31), आसिफ मोल्ला (21), एमडी बुलबुल हुसैन (20), हसन शेख (24) और मोस्त तिशा खातून (21) के रूप में हुई है।

एफआरआरओ की कार्रवाई

सभी छह विदेशी नागरिकों को तत्काल हिरासत में लेकर फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) के समक्ष पेश किया गया। एफआरआरओ ने कानूनी कार्रवाई प्रारंभ करते हुए उनके निर्वासन (डिपोर्टेशन) की प्रक्रिया पूरी होने तक हिरासत में रखने के लिए 'रिस्ट्रिक्शन ऑर्डर' जारी किए।

यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली पुलिस अवैध रूप से ठहरे विदेशी नागरिकों के विरुद्ध अपने अभियान को व्यापक स्तर पर तेज कर रही है। गौरतलब है कि डबल एंट्री वीजा धारकों द्वारा समय-सीमा का उल्लंघन एक बार-बार सामने आने वाली समस्या रही है, जिसे लेकर अधिकारी पहले भी सख्त कदम उठा चुके हैं।

आगे की प्रक्रिया

अधिकारियों के अनुसार, निर्वासन की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने तक सभी छह नागरिक हिरासत में रहेंगे। फॉरेनर सेल द्वारा सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के अन्य होटलों और आवासीय प्रतिष्ठानों में भी इसी तरह की जांच जारी रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका समय और संदर्भ ध्यान देने योग्य है — भारत-बांग्लादेश सीमा और आव्रजन मुद्दे हाल के महीनों में राजनीतिक रूप से संवेदनशील रहे हैं। डबल एंट्री वीजा की 15 दिन की सीमा का उल्लंघन कोई असाधारण घटना नहीं है, परंतु 'ऑपरेशन वीजा स्टेटस वेरिफिकेशन' जैसे औपचारिक नामकरण से यह स्पष्ट है कि दिल्ली पुलिस इसे एक व्यवस्थित अभियान का रूप दे रही है। सवाल यह है कि क्या यह केवल कानून-प्रवर्तन की नियमित प्रक्रिया है, या व्यापक राजनीतिक दबाव में तेज किया गया कदम — इसका उत्तर आने वाले हफ्तों में ऐसे और अभियानों की आवृत्ति से मिलेगा।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में गिरफ्तार 6 बांग्लादेशी नागरिकों पर क्या आरोप है?
इन सभी पर डबल एंट्री वीजा की अधिकतम 15 दिन की अनुमत अवधि से अधिक समय तक भारत में रुकने का आरोप है। किसी सक्षम अधिकारी से विस्तार लिए बिना तय समय-सीमा पार करना वीजा शर्तों का उल्लंघन माना जाता है।
ऑपरेशन वीजा स्टेटस वेरिफिकेशन क्या है?
यह दिल्ली पुलिस के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के फॉरेनर सेल द्वारा शुरू किया गया अभियान है, जिसका उद्देश्य होटलों और गेस्ट हाउसों में ठहरे विदेशी नागरिकों के वीजा और आव्रजन दस्तावेजों की जांच करना है। इसके तहत वीजा उल्लंघन करने वालों की पहचान कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाती है।
गिरफ्तार बांग्लादेशी नागरिकों का अब क्या होगा?
एफआरआरओ ने सभी छह के विरुद्ध रिस्ट्रिक्शन ऑर्डर जारी कर दिए हैं और निर्वासन (डिपोर्टेशन) की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। निर्वासन की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने तक वे हिरासत में रहेंगे।
डबल एंट्री वीजा पर भारत में कितने दिन रह सकते हैं?
डबल एंट्री वीजा के तहत धारक को प्रत्येक यात्रा में अधिकतम 15 दिन तक भारत में रहने की अनुमति होती है। इससे अधिक समय रुकने के लिए सक्षम अधिकारी से पूर्व अनुमति या विस्तार लेना अनिवार्य है।
इस मामले में कौन-से छह बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार हुए?
गिरफ्तार नागरिकों की पहचान शफी इमाम नफीस सिद्दीकी (31), याह्या एहतेशाम (31), आसिफ मोल्ला (21), एमडी बुलबुल हुसैन (20), हसन शेख (24) और मोस्त तिशा खातून (21) के रूप में हुई है। सभी नई दिल्ली के नबी करीम इलाके में आकर्षण रोड स्थित एक होटल में ठहरे हुए थे।
राष्ट्र प्रेस
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