एसआईआर पर विपक्ष का केंद्र पर हमला: NCP-SP ने कहा- मताधिकार छीना जा रहा है, CEC के इस्तीफे की माँग
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) यानी एनसीपी-एसपी और कांग्रेस ने 17 अक्टूबर 2026 को केंद्र सरकार पर तीखे आरोप लगाए — विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया, विरोध-प्रदर्शनों पर पाबंदियों और प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी को लेकर। एनसीपी-एसपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता क्लाइड क्रास्टो ने मुंबई से आरोप लगाया कि केंद्र सरकार एसआईआर प्रक्रिया के जरिए नागरिकों के मताधिकार को कमजोर कर रही है, जबकि रांची से कांग्रेस के झारखंड मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग की।
एसआईआर पर विपक्ष की आपत्ति
क्रास्टो ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया को लेकर जनता में व्यापक नाराजगी है और इसी के चलते लोग सड़कों पर उतर रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया कि शांतिपूर्ण विरोध करना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है, और प्रशासन द्वारा इसे रोकना लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है। उनके अनुसार, जब नागरिक अपने मताधिकार की रक्षा के लिए आवाज उठा रहे हों, तो उन्हें बाधित करना किसी भी आधार पर उचित नहीं ठहराया जा सकता।
प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के आरोप
एनसीपी-एसपी प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को पहले बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने के लिए विवश किया जा रहा है और बाद में विरोध करने पर गिरफ्तार किया जा रहा है। उनका कहना था कि सरकार लोगों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है ताकि वे कथित गलत कामों के खिलाफ बोल न सकें।
क्रास्टो ने यह भी कहा कि विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात करना चाहता है, लेकिन उन्हें मिलने का अवसर नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने आगाह किया कि इस तरह की स्थिति जनता की नाराजगी को और गहरा कर सकती है।
CEC के इस्तीफे की माँग
रांची से कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने कहा कि मौजूदा आंदोलन का मूल उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है। उन्होंने सवाल किया कि केंद्र सरकार ने अब तक उनसे इस्तीफा क्यों नहीं माँगा। सिन्हा ने कहा, 'लोकतंत्र किसी एक व्यक्ति से बड़ा है।'
सिन्हा ने यह भी कहा कि किसी आंदोलन को केवल सफल या असफल के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए — आंदोलन जनता की भावनाओं और देश की व्यापक सोच को अभिव्यक्त करते हैं।
सरकार पर 'डर के माहौल' का आरोप
राकेश सिन्हा ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह अपनी कथित गलतियों के कारण डर के माहौल में काम कर रही है, जिसके परिणामस्वरूप प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया जा रहा है। उनके अनुसार, सरकार किसानों, युवाओं और विपक्षी सांसदों से भी भयभीत दिख रही है। व्यापारियों द्वारा आंदोलन से दूरी बनाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह उनका अपना निर्णय हो सकता है, लेकिन व्यापक आंदोलन का लक्ष्य देश में लोकतंत्र को सुदृढ़ करना है।
राहुल गांधी की भूमिका पर बयान
क्रास्टो ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का समर्थन करते हुए कहा कि वे जनता के मुद्दे उठाते हैं, इसीलिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) लगातार उनकी आलोचना करती है। उन्होंने दोहराया कि विपक्ष संवैधानिक अधिकारों के तहत अपना शांतिपूर्ण विरोध जारी रखेगा। यह ऐसे समय में आया है जब एसआईआर प्रक्रिया को लेकर देश के कई हिस्सों में राजनीतिक तनाव गहरा होता दिख रहा है।