एसआईआर में गड़बड़ी पर केटीआर का बड़ा हमला, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से माँगा इस्तीफा
सारांश
मुख्य बातें
भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव (केटीआर) ने 9 अक्टूबर 2026 को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की माँग की, जिसे उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं से जोड़ा। हैदराबाद से उठी यह माँग उस वक्त और गहरी हो गई जब बीआरएस ने शनिवार को तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के सामने प्रदर्शन का ऐलान कर दिया।
केटीआर के आरोप और माँग
केटीआर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'भारतीय संविधान से बड़ा कुछ नहीं है। किसी भी भारतीय नागरिक को उसके मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।' उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए और कोई भी व्यक्ति संस्था से बड़ा नहीं है।
केटीआर ने प्रश्न उठाया, 'क्या एक व्यक्ति 140 करोड़ भारतीयों के अधिकारों से बड़ा हो सकता है?' उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय से इस मामले में स्वत: संज्ञान लेने और किसी मौजूदा न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र जाँच कराने का भी आग्रह किया।
हरीश राव की संवैधानिक दलीलें
तेलंगाना विधानसभा में बीआरएस के उपनेता टी. हरीश राव ने भी एक्स पर पोस्ट के ज़रिए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग दोहराई। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 324, 325 और 326 तथा जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और 1951 का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में विश्वसनीय, निष्पक्ष और समावेशी चुनाव प्रणाली सुनिश्चित करना संवैधानिक दायित्व है।
हरीश राव ने कहा कि निर्वाचन आयोग भारतीय लोकतंत्र की रीढ़ है, न कि सत्ता में बैठे लोगों को बचाने का माध्यम। उनके अनुसार, 'यदि निर्वाचन आयोग जनता का विश्वास हासिल करने में विफल रहता है, तो मुख्य चुनाव आयुक्त को इस्तीफा दे देना चाहिए।'
बीआरएस की मुख्य चिंता: मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोप
पार्टी ने आरोप लगाया है कि एसआईआर प्रक्रिया के तहत बीआरएस विधायकों के निर्वाचन क्षेत्रों में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। बीआरएस ने इन कथित अनियमितताओं की व्यापक और स्वतंत्र जाँच की माँग की है। गौरतलब है कि एसआईआर मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने की एक नियमित प्रक्रिया है, लेकिन इस बार इसके क्रियान्वयन को लेकर विपक्षी दलों में व्यापक असंतोष है।
आगे की रणनीति: हैदराबाद से दिल्ली तक
बीआरएस ने शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को हैदराबाद में तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय के सामने प्रदर्शन का ऐलान किया है। इसके बाद पार्टी इस मुद्दे को नई दिल्ली तक ले जाने की योजना बना रही है। यह दो-चरणीय अभियान बीआरएस के लिए राज्य की सीमाओं से परे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का भी प्रयास है।
यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्यों में एसआईआर को लेकर विपक्षी दलों की आपत्तियाँ सामने आ रही हैं। बीआरएस की यह माँग अगले कुछ दिनों में चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया और सर्वोच्च न्यायालय के रुख पर निर्भर करेगी।