9 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, बीआरएस 10 अक्टूबर को हैदराबाद में करेगी प्रदर्शन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, बीआरएस 10 अक्टूबर को हैदराबाद में करेगी प्रदर्शन

सारांश

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का मोर्चा और खुला — बीआरएस ने 10 अक्टूबर को हैदराबाद में प्रदर्शन का ऐलान किया है। एसआईआर में मतदाता नाम हटाने के आरोप, सुप्रीम कोर्ट में याचिका, और दिल्ली में कड़ी सुरक्षा — यह विवाद अब राष्ट्रीय चुनावी संकट की शक्ल ले रहा है।

मुख्य बातें

भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) 10 अक्टूबर 2026 को हैदराबाद में तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करेगी।
बीआरएस का आरोप है कि एसआईआर के दौरान खासतौर पर बीआरएस विधायकों वाले विधानसभा क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए गए।
कार्यकारी अध्यक्ष केटीआर ने सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में जाँच और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की माँग की।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों में 14 बार आपत्तियाँ दर्ज करायीं, जिन्हें कथित तौर पर नजरअंदाज किया गया।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर; नई दिल्ली में संसद मार्ग और जंतर-मंतर पर सुरक्षा कड़ी की गई।

मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर विपक्षी दलों का आंदोलन 9 अक्टूबर 2026 को और तेज हो गया, जब भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने हैदराबाद में बड़े विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया। बीआरएस का आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान तेलंगाना में बड़े पैमाने पर वैध मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, जिससे चुनावी निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

मुख्य घटनाक्रम

बीआरएस ने घोषणा की है कि वह 10 अक्टूबर 2026 को तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करेगी। पार्टी का आरोप है कि एसआईआर के तहत खासतौर पर उन विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं जहाँ बीआरएस के विधायक हैं।

बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव (केटीआर) ने माँग की है कि इन अनियमितताओं की जाँच सुप्रीम कोर्ट के किसी न्यायाधीश की निगरानी में करायी जाए। उन्होंने नैतिक आधार पर मुख्य चुनाव आयुक्त से तत्काल इस्तीफे की माँग की है।

आरोपों की पृष्ठभूमि

एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने चुनाव आयोग के कुछ फैसलों पर 10 महीनों के भीतर 14 बार आपत्तियाँ दर्ज करायी थीं। आरोप यह है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इन आपत्तियों को नजरअंदाज किया।

गौरतलब है कि इस पूरे मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने अन्य सदस्यों की मंजूरी लिए बिना कई अहम फैसले लिए हैं।

सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

देश के अलग-अलग हिस्सों में विपक्षी दलों के बढ़ते विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए नई दिल्ली में संसद मार्ग और जंतर-मंतर इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष की माँग न केवल एक राज्य तक सीमित रही, बल्कि एक व्यापक राष्ट्रीय आंदोलन का रूप लेती दिख रही है।

आम जनता और मतदाताओं पर असर

विपक्षी दलों का कहना है कि एसआईआर के दौरान बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम सूचियों से हटाए गए हैं, जिससे उनका मताधिकार खतरे में पड़ सकता है। बीआरएस ने इस पूरे मामले की व्यापक और स्वतंत्र जाँच की माँग की है।

क्या होगा आगे

बीआरएस ने स्पष्ट किया है कि हैदराबाद प्रदर्शन के बाद वह अपना अभियान नई दिल्ली तक विस्तारित करेगी, जिसका कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई का भी इंतजार है, जो इस पूरे विवाद को एक निर्णायक कानूनी मोड़ दे सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो बाहरी विश्वसनीयता स्वतः कमज़ोर होती है। केटीआर की सुप्रीम कोर्ट-निगरानी जाँच की माँग कोरी राजनीतिक बयानबाजी नहीं है — यह उस संस्थागत शून्य को भरने की कोशिश है जो तब उत्पन्न होती है जब आंतरिक जवाबदेही तंत्र विफल हो। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर विरोध प्रदर्शनों की संख्या गिनती है, लेकिन असली सवाल यह है कि एसआईआर में कितने मतदाताओं के नाम हटे, किन क्षेत्रों में, और किस प्रक्रिया के तहत — इन आँकड़ों का स्वतंत्र सत्यापन ही इस पूरे विवाद की जड़ तक पहुँचने का एकमात्र रास्ता है।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ क्या आरोप हैं?
आरोप है कि ज्ञानेश कुमार ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान अन्य चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों को नजरअंदाज करते हुए एकपक्षीय फैसले लिए, जिससे बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम सूची से हट गए। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई है।
बीआरएस 10 अक्टूबर को किसके खिलाफ और क्यों प्रदर्शन कर रही है?
बीआरएस 10 अक्टूबर 2026 को हैदराबाद में तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करेगी। पार्टी का आरोप है कि एसआईआर के दौरान खासतौर पर बीआरएस विधायकों वाले क्षेत्रों में मतदाताओं के नाम जानबूझकर हटाए गए।
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
एसआईआर चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों को अद्यतन करने की एक प्रक्रिया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस बार इस प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर वैध मतदाताओं के नाम हटाए गए, जिससे चुनावी निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में क्या माँग की गई है?
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने अन्य सदस्यों की मंजूरी लिए बिना अहम फैसले लिए। याचिका में एसआईआर अनियमितताओं की स्वतंत्र न्यायिक जाँच की माँग की गई है।
बीआरएस के बाद विरोध प्रदर्शन का दायरा कहाँ तक बढ़ेगा?
बीआरएस ने घोषणा की है कि हैदराबाद प्रदर्शन के बाद वह अपना अभियान नई दिल्ली तक ले जाएगी, जिसका विस्तृत कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा। पहले से ही दिल्ली में संसद मार्ग और जंतर-मंतर पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 6 दिन पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 1 सप्ताह पहले
  8. 2 सप्ताह पहले