12 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एसआईआर विवाद: क्लाइड क्रैस्टो का केंद्र पर हमला — '13 करोड़ नाम हटाने का जवाब दे सरकार'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एसआईआर विवाद: क्लाइड क्रैस्टो का केंद्र पर हमला — '13 करोड़ नाम हटाने का जवाब दे सरकार'

सारांश

मतदाता सूची से 13 करोड़ नाम हटाने के विवाद में NCP-SP ने केंद्र सरकार पर मोर्चा खोला। प्रवक्ता क्लाइड क्रैस्टो का आरोप — शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को रोका जा रहा है, दिल्ली की ट्रेनें-मेट्रो बंद की गईं। सरकार जवाब दे, वरना विरोध जारी रहेगा।

मुख्य बातें

NCP-SP प्रवक्ता क्लाइड क्रैस्टो ने 12 अक्टूबर 2026 को एसआईआर प्रक्रिया पर BJP नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर कड़ा हमला बोला।
आरोप: मतदाता सूची से 13 करोड़ नाम हटाए गए, सरकार इसका जवाब देने से बच रही है।
दावा: दिल्ली की ओर जाने वाली ट्रेनें और मेट्रो रोककर विरोध प्रदर्शनों को दबाया गया।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से विपक्ष की मुलाकात की अनुमति न देने पर सवाल उठाया।
प्रवक्ता फैजान मिर्जा ने किरीट सोमैया पर जनवरी 2025 में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ डर का माहौल बनाने का आरोप लगाया।
NCP-SP ने चेतावनी दी — जब तक जवाब नहीं मिलता, शांतिपूर्ण विरोध जारी रहेगा।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रवक्ता क्लाइड क्रैस्टो ने 12 अक्टूबर 2026 को मुंबई में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेतृत्व वाली सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने माँग की कि सरकार यह स्पष्ट करे कि मतदाता सूची से 13 करोड़ नाम क्यों हटाए गए और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को क्यों रोका जा रहा है।

मुख्य आरोप और सवाल

क्रैस्टो ने कहा, 'भारतीय जनता पार्टी सरकार को किस बात का डर है? भारत के लोग एसआईआर को लेकर कुछ सवाल पूछ रहे हैं — उन्हें जवाब देना चाहिए।' उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP), इंडिया गठबंधन और आम नागरिकों — सभी को शांतिपूर्ण प्रदर्शन से रोक रही है।

उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए सवाल किया कि वे विपक्ष से मिलने को तैयार क्यों नहीं हैं और BJP उनकी रक्षा क्यों कर रही है। क्रैस्टो के अनुसार विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार से मिलने का अनुरोध किया था, जिसे स्वीकार नहीं किया गया।

दिल्ली में प्रदर्शन पर बंदिशों का आरोप

क्रैस्टो ने दावा किया कि विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए दिल्ली की ओर जाने वाली ट्रेनें और मेट्रो सेवाएँ रोकी गईं। उन्होंने कहा, 'आप पूरे दिल्ली को बंद कर रहे हैं — यह सरकार का कैसा व्यवहार है?' उनका आरोप था कि दिल्ली पुलिस को केंद्र सरकार के इशारे पर यह कदम उठाने के लिए कहा गया।

उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ वीडियो में कथित तौर पर महिला प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट के दृश्य हैं और इसमें संलिप्त लोगों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई, जबकि मौलिक अधिकार माँग रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को 'शर्मनाक तरीके से घसीटा जा रहा है।'

युवा पीढ़ी और मतदाता सूची का सवाल

क्रैस्टो ने दावा किया कि न केवल पुराने मतदाताओं के नाम हटाए गए, बल्कि नई पीढ़ी — 'जेन-जी' — को भी सूची में जोड़ा नहीं जा रहा। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि BJP को एहसास हो गया है कि यह पीढ़ी उसके पक्ष में नहीं है।

उन्होंने माँग की कि जिन 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उन्हें तत्काल वापस सूची में शामिल किया जाए, क्योंकि यह उनका संवैधानिक अधिकार है।

फैजान मिर्जा का आरोप — डर का माहौल बनाने की कोशिश

NCP-SP के एक अन्य प्रवक्ता फैजान मिर्जा ने दावा किया कि जनवरी 2025 में किरीट सोमैया ने महाराष्ट्र में एक अभियान चलाया था, जिसमें मुस्लिम समुदाय में बांग्लादेशी और रोहिंग्या सहित 'बोगस वोटर' होने का आरोप लगाया गया था। मिर्जा ने कहा, 'मेरा पक्का मानना है कि यह डर पैदा करने के लिए किरीट सोमैया जिम्मेदार थे।' (यह एक राजनीतिक आरोप है; इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।)

विरोध जारी रखने की चेतावनी

क्रैस्टो ने स्पष्ट किया कि जब तक 13 करोड़ नाम हटाने का जवाब नहीं मिलता, जब तक मौलिक अधिकार बहाल नहीं होते और लोकतंत्र सुरक्षित नहीं होता, तब तक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब एसआईआर प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों और नागरिक समाज संगठनों की आपत्तियाँ लगातार बढ़ रही हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और अदालत दोनों स्तरों पर और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मुख्यधारा की कवरेज अक्सर यह पूछने से चूक जाती है कि इसमें से कितने नाम नियमित प्रक्रिया के तहत हटे और कितने विवादास्पद। चुनाव आयोग की चुप्पी और विपक्ष से मुलाकात से इनकार इस संदेह को और गहरा करता है। लोकतंत्र में संस्थाओं की विश्वसनीयता केवल प्रक्रिया की शुद्धता से नहीं, बल्कि उसकी दिखने वाली पारदर्शिता से भी बनती है — और इस मोर्चे पर अभी बहुत कुछ बाकी है।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसआईआर (SIR) क्या है और इसे लेकर विवाद क्यों है?
एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) मतदाता सूची को अद्यतन करने की एक प्रक्रिया है। विवाद इसलिए है क्योंकि विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में मतदाता सूची से 13 करोड़ नाम हटाए गए हैं, जो नागरिकों के मताधिकार को प्रभावित करता है।
क्लाइड क्रैस्टो ने सरकार से क्या माँग की है?
NCP-SP प्रवक्ता क्लाइड क्रैस्टो ने माँग की है कि केंद्र सरकार स्पष्ट करे कि 13 करोड़ नाम मतदाता सूची से क्यों हटाए गए और उन्हें वापस सूची में शामिल किया जाए। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति देने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त से विपक्ष की मुलाकात सुनिश्चित करने की भी माँग की।
दिल्ली में ट्रेनें और मेट्रो रोकने का क्या आरोप है?
क्रैस्टो ने दावा किया कि एसआईआर के खिलाफ दिल्ली में विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली की ओर जाने वाली ट्रेनें और मेट्रो सेवाएँ कथित तौर पर बंद की गईं। उन्होंने इसे नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन बताया। यह आरोप सरकार की ओर से अभी तक खंडित नहीं किया गया है।
ज्ञानेश कुमार का इस विवाद से क्या संबंध है?
ज्ञानेश कुमार वर्तमान मुख्य निर्वाचन आयुक्त हैं। विपक्ष ने उनसे मिलने का अनुरोध किया था, जो स्वीकार नहीं किया गया। क्रैस्टो का आरोप है कि BJP उनकी रक्षा कर रही है और वे एसआईआर प्रक्रिया में हुई कथित गड़बड़ियों के लिए जवाबदेह हैं।
फैजान मिर्जा ने किरीट सोमैया पर क्या आरोप लगाया?
NCP-SP प्रवक्ता फैजान मिर्जा ने दावा किया कि जनवरी 2025 में किरीट सोमैया ने महाराष्ट्र में एक अभियान चलाया था, जिसमें मुस्लिम समुदाय में बोगस मतदाताओं का आरोप लगाकर कथित तौर पर डर का माहौल बनाने की कोशिश की गई। यह एक राजनीतिक आरोप है जिसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 6 दिन पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 साल पहले