एसआईआर विवाद: क्लाइड क्रैस्टो का केंद्र पर हमला — '13 करोड़ नाम हटाने का जवाब दे सरकार'
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रवक्ता क्लाइड क्रैस्टो ने 12 अक्टूबर 2026 को मुंबई में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेतृत्व वाली सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने माँग की कि सरकार यह स्पष्ट करे कि मतदाता सूची से 13 करोड़ नाम क्यों हटाए गए और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को क्यों रोका जा रहा है।
मुख्य आरोप और सवाल
क्रैस्टो ने कहा, 'भारतीय जनता पार्टी सरकार को किस बात का डर है? भारत के लोग एसआईआर को लेकर कुछ सवाल पूछ रहे हैं — उन्हें जवाब देना चाहिए।' उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP), इंडिया गठबंधन और आम नागरिकों — सभी को शांतिपूर्ण प्रदर्शन से रोक रही है।
उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए सवाल किया कि वे विपक्ष से मिलने को तैयार क्यों नहीं हैं और BJP उनकी रक्षा क्यों कर रही है। क्रैस्टो के अनुसार विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार से मिलने का अनुरोध किया था, जिसे स्वीकार नहीं किया गया।
दिल्ली में प्रदर्शन पर बंदिशों का आरोप
क्रैस्टो ने दावा किया कि विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए दिल्ली की ओर जाने वाली ट्रेनें और मेट्रो सेवाएँ रोकी गईं। उन्होंने कहा, 'आप पूरे दिल्ली को बंद कर रहे हैं — यह सरकार का कैसा व्यवहार है?' उनका आरोप था कि दिल्ली पुलिस को केंद्र सरकार के इशारे पर यह कदम उठाने के लिए कहा गया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ वीडियो में कथित तौर पर महिला प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट के दृश्य हैं और इसमें संलिप्त लोगों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई, जबकि मौलिक अधिकार माँग रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को 'शर्मनाक तरीके से घसीटा जा रहा है।'
युवा पीढ़ी और मतदाता सूची का सवाल
क्रैस्टो ने दावा किया कि न केवल पुराने मतदाताओं के नाम हटाए गए, बल्कि नई पीढ़ी — 'जेन-जी' — को भी सूची में जोड़ा नहीं जा रहा। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि BJP को एहसास हो गया है कि यह पीढ़ी उसके पक्ष में नहीं है।
उन्होंने माँग की कि जिन 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उन्हें तत्काल वापस सूची में शामिल किया जाए, क्योंकि यह उनका संवैधानिक अधिकार है।
फैजान मिर्जा का आरोप — डर का माहौल बनाने की कोशिश
NCP-SP के एक अन्य प्रवक्ता फैजान मिर्जा ने दावा किया कि जनवरी 2025 में किरीट सोमैया ने महाराष्ट्र में एक अभियान चलाया था, जिसमें मुस्लिम समुदाय में बांग्लादेशी और रोहिंग्या सहित 'बोगस वोटर' होने का आरोप लगाया गया था। मिर्जा ने कहा, 'मेरा पक्का मानना है कि यह डर पैदा करने के लिए किरीट सोमैया जिम्मेदार थे।' (यह एक राजनीतिक आरोप है; इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।)
विरोध जारी रखने की चेतावनी
क्रैस्टो ने स्पष्ट किया कि जब तक 13 करोड़ नाम हटाने का जवाब नहीं मिलता, जब तक मौलिक अधिकार बहाल नहीं होते और लोकतंत्र सुरक्षित नहीं होता, तब तक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब एसआईआर प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों और नागरिक समाज संगठनों की आपत्तियाँ लगातार बढ़ रही हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और अदालत दोनों स्तरों पर और तेज होने की संभावना है।