31 जुलाई 2026
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क्या पाक वायुसेना ने खैबर पख्तूनख्वा के पश्तून बहुल गांव पर बमबारी की? 30 से अधिक की मौत

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क्या पाक वायुसेना ने खैबर पख्तूनख्वा के पश्तून बहुल गांव पर बमबारी की? 30 से अधिक की मौत

सारांश

पाक वायुसेना द्वारा खैबर पख्तूनख्वा के एक गांव पर बमबारी से 30 से अधिक लोग मारे गए हैं। यह घटना मानवाधिकार संगठनों की तीखी आलोचना का कारण बनी है। क्या यह जानबूझकर निर्दोष लोगों को निशाना बनाने का मामला है?

मुख्य बातें

पाक वायुसेना ने खैबर पख्तूनख्वा के मत्रे दारा गांव पर बमबारी की।
इस हमले में 30 से अधिक लोग मारे गए, जिनमें बच्चे और महिलाएं शामिल हैं।
मानवाधिकार संगठनों ने इस घटना की कड़ी आलोचना की है।
पीटीआई ने स्थानीय लोगों के प्रति एकजुटता व्यक्त की है।
यह घटना युद्ध अपराध की श्रेणी में आती है।

इस्लामाबाद, 22 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। कई मीडिया सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (केपी) प्रांत के एक गांव पर पाकिस्तानी वायुसेना ने सोमवार को आठ बम गिराए। इस हमले में महिलाओं और बच्चों सहित 30 से अधिक लोग मारे गए।

पाकिस्तानी जेएफ-17 लड़ाकू विमानों ने सुबह-सुबह तिराह घाटी के पश्तून बहुल गांव मत्रे दारा पर एलएस-6 बम गिराए। इन भीषण विस्फोटों ने गांव के एक बड़े हिस्से को तबाह कर दिया। हमलों और उसके विनाशकारी परिणामों के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिसकी दुनिया भर के कई मानवाधिकार संगठनों ने तीखी आलोचना की है।

स्थानीय पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में मलबे के बीच बच्चों सहित कई शव पड़े दिखाई दे रहे हैं, जिनमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। बचाव दल द्वारा और पीड़ितों की तलाश जारी रहने के कारण हताहतों की संख्या और बढ़ने की आशंका है।

इस बीच, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी की खैबर पख्तूनख्वा शाखा ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि स्थानीय लोगों पर कई बम गिराए गए।

पीटीआई केपी ने एक्स पोस्ट में कहा, "खैबर की तिराह घाटी में जेट विमानों की बमबारी के दौरान, स्थानीय आबादी पर कई बम गिरे। पांच घर नष्ट हो गए, और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, अब तक मलबे से 20 शव बरामद किए गए हैं, जिनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं। मेरे पास इस दुःख और पीड़ा को शब्दों में बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं। कभी ड्रोन, कभी बमबारी ने नफरत के इतने बीज बो दिए हैं कि जब यह लावा फूटेगा, तो कुछ भी नहीं बचेगा।"

इस घटना की निंदा करते हुए, बलूच मानवाधिकार कार्यकर्ता मीर यार बलूच ने इसे जानबूझकर निर्दोष लोगों को निशाना बनाना बताया और युद्ध अपराध से कम नहीं बताया।

मीर ने एक्स पोस्ट में कहा, "जब पाकिस्तान अपने अवैध कब्जे वाले देशों के खिलाफ नरसंहार अभियान जारी रखे हुए है, तो दुनिया को अब चुप नहीं रहना चाहिए। पाकिस्तान को एक ऐसा देश घोषित किया जाना चाहिए जो पाकिस्तानी औपनिवेशिक शासन की जंजीरों से मुक्त हो।"

मानवाधिकार कार्यकर्ता ने बलूचिस्तान के लोगों की ओर से इस कठिन समय में केपी के लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त की, जिनके बारे में उन्होंने कहा कि वे उनके दुःख और संघर्ष को साझा करते हैं।

मीर ने आगे कहा, "हम अपनी अटूट एकजुटता की पुष्टि करते हैं और घोषणा करते हैं कि पश्तून लोगों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। विरोध की आवाजों को दबाया नहीं जा सकता, और हम सब मिलकर सभ्य दुनिया के सामने पाकिस्तान के मानवता के विरुद्ध अपराधों को उजागर करेंगे।"

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पाक वायुसेना ने किस गांव पर बमबारी की?
पाक वायुसेना ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के मत्रे दारा गांव पर बमबारी की।
इस हमले में कितने लोग मारे गए?
इस हमले में 30 से अधिक लोग मारे गए हैं।
क्या इस घटना की निंदा की गई है?
हाँ, मानवाधिकार संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है।
पीटीआई ने इस घटना पर क्या कहा?
पीटीआई ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया और कहा कि स्थानीय लोगों पर कई बम गिराए गए।
क्या यह एक युद्ध अपराध है?
बहुत से मानवाधिकार कार्यकर्ता इसे जानबूझकर निर्दोष लोगों को निशाना बनाना मानते हैं, जो युद्ध अपराध से कम नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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