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जम्मू-कश्मीर पर अमेरिकी राजदूत के बयान से पाकिस्तान बौखलाया, भारतीय विदेश मंत्रालय बोला — टिप्पणी की ज़रूरत नहीं

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जम्मू-कश्मीर पर अमेरिकी राजदूत के बयान से पाकिस्तान बौखलाया, भारतीय विदेश मंत्रालय बोला — टिप्पणी की ज़रूरत नहीं

सारांश

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा बताने पर पाकिस्तान ने अमेरिकी राजनयिक को तलब किया — भारत का जवाब था: 'टिप्पणी की ज़रूरत नहीं।' एक ही ब्रीफिंग में यमन-सोमालिया में 22 भारतीय नागरिकों के सुरक्षित होने की पुष्टि और फिलिस्तीन में विदेश सचिव के उच्चस्तरीय दौरे की जानकारी भी सामने आई।

मुख्य बातें

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने श्रीनगर दौरे में जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा बताया, जिससे पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में अमेरिकी राजनयिक को तलब किया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 21 अगस्त को कहा — 'पाकिस्तान की निराशा पर टिप्पणी की कोई वजह नहीं।' विदेश सचिव श्रीप्रिया रंगनाथन ने 18 से 20 अगस्त तक फिलिस्तीन का दौरा किया; रामल्लाह में प्रधानमंत्री और चार मंत्रियों से मुलाकात।
यमन और सोमालिया में समुद्री डाकुओं द्वारा हाईजैक किए गए दो जहाज़ों पर सवार 22 भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं — एक पर 16 , दूसरे पर 6 ।
अरिहा शाह मामले में भारतीय दूतावास जर्मन अधिकारियों के संपर्क में; कॉन्सुलर सहायता जारी।

भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर के जम्मू-कश्मीर दौरे के दौरान दिए गए बयान — जिसमें उन्होंने जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बताया — के बाद पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में अमेरिकी राजनयिक को तलब किया। इस पर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 21 अगस्त को मीडिया ब्रीफिंग में स्पष्ट शब्दों में कहा कि पाकिस्तान की इस प्रतिक्रिया पर टिप्पणी करने की कोई आवश्यकता नहीं।

अमेरिकी राजदूत का जम्मू-कश्मीर दौरा और पाकिस्तान की प्रतिक्रिया

राजदूत सर्जियो गोर ने हाल ही में श्रीनगर का दौरा किया, जहाँ उन्होंने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की। इस दौरे में उनके जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा बताने वाले बयान ने पाकिस्तान में तीखी प्रतिक्रिया उत्पन्न की। पाकिस्तान ने तत्काल इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी राजनयिक को तलब कर अपना विरोध दर्ज कराया।

इस पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने संक्षिप्त लेकिन तीखा जवाब दिया: 'मुझे पाकिस्तान की निराशा पर टिप्पणी करने की कोई वजह नहीं दिखती। मुझे यही कहना है।' यह बयान भारत के उस सुस्थापित रुख को रेखांकित करता है जिसमें जम्मू-कश्मीर को लेकर किसी तीसरे पक्ष की आपत्ति को अस्वीकार किया जाता है।

फिलिस्तीन में भारतीय विदेश सचिव का तीन दिवसीय दौरा

विदेश मंत्रालय की ब्रीफिंग में एक अन्य महत्वपूर्ण विषय भारतीय विदेश सचिव श्रीप्रिया रंगनाथन का फिलिस्तीन दौरा रहा। प्रवक्ता जायसवाल ने बताया कि सचिव रंगनाथन 18 से 20 अगस्त तक तीन दिन के दौरे पर फिलिस्तीन गईं। वह अन्य अधिकारियों के साथ रामल्लाह पहुँचीं और फिलिस्तीन के प्रधानमंत्री से मुलाकात की।

इस दौरान उन्होंने फिलिस्तीन के विदेश मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, श्रम मंत्री और शिक्षा मंत्री के साथ उच्च स्तरीय बैठकें भी कीं। प्रवक्ता ने कहा कि इस दौरे से संबंधित संदेश, रिलीज़ और बयान जारी किए जा रहे हैं।

यमन और सोमालिया में जहाज़ हाईजैक — 22 भारतीय नागरिक सुरक्षित

विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की कि यमन और सोमालिया में समुद्री डाकुओं ने दो जहाज़ों को हाईजैक किया है, जिन पर 22 भारतीय नागरिक सवार हैं। प्रवक्ता जायसवाल ने बताया कि दोनों जहाज़ों पर अन्य देशों के झंडे लगे हैं — एक पर 16 और दूसरे पर 6 भारतीय नागरिक हैं।

उन्होंने आश्वस्त किया कि अब तक की जानकारी के अनुसार जहाज़ों पर सवार सभी 22 भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं। विदेश मंत्रालय संबंधित अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में है ताकि नागरिकों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित की जा सके।

अरिहा शाह मामले पर विदेश मंत्रालय का बयान

अरिहा शाह प्रकरण पर प्रवक्ता जायसवाल ने कहा कि इस खास मामले में कोई नया अपडेट उनके पास उपलब्ध नहीं है, लेकिन उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी कॉन्सुलर ज़रूरतों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। भारतीय दूतावास अरिहा और जर्मन अधिकारियों दोनों के साथ इस मामले में सक्रिय रूप से संपर्क में है।

यह ब्रीफिंग ऐसे समय में आई है जब भारत की विदेश नीति एक साथ कई मोर्चों पर सक्रिय है — पाकिस्तान के साथ कश्मीर विवाद, पश्चिम एशिया में कूटनीतिक संलग्नता, और समुद्री सुरक्षा की चुनौतियाँ।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि चूक — यह संदेश देता है कि नई दिल्ली इस्लामाबाद की प्रतिक्रियाओं को गंभीरता से लेने योग्य नहीं मानती। उल्लेखनीय यह है कि एक ही ब्रीफिंग में तीन अलग-अलग भू-राजनीतिक मोर्चे — कश्मीर, पश्चिम एशिया और समुद्री सुरक्षा — सामने आए, जो भारतीय विदेश नीति की बढ़ती बहुआयामी सक्रियता को दर्शाता है।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने जम्मू-कश्मीर पर क्या बयान दिया?
राजदूत सर्जियो गोर ने श्रीनगर दौरे के दौरान जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा बताया और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की। इस बयान पर पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में अमेरिकी राजनयिक को तलब किया।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान की प्रतिक्रिया पर क्या कहा?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 21 अगस्त की मीडिया ब्रीफिंग में कहा — 'मुझे पाकिस्तान की निराशा पर टिप्पणी करने की कोई वजह नहीं दिखती।' भारत ने पाकिस्तान की आपत्ति को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया।
यमन और सोमालिया में हाईजैक जहाज़ों पर कितने भारतीय नागरिक हैं?
दो जहाज़ों पर कुल 22 भारतीय नागरिक सवार हैं — एक पर 16 और दूसरे पर 6। विदेश मंत्रालय के अनुसार अब तक की जानकारी में सभी 22 नागरिक सुरक्षित हैं और भारत संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है।
विदेश सचिव श्रीप्रिया रंगनाथन का फिलिस्तीन दौरा क्यों अहम है?
विदेश सचिव श्रीप्रिया रंगनाथन ने 18 से 20 अगस्त तक फिलिस्तीन का दौरा किया और रामल्लाह में फिलिस्तीन के प्रधानमंत्री समेत विदेश, स्वास्थ्य, श्रम और शिक्षा मंत्री से उच्चस्तरीय बैठकें कीं। यह दौरा पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत की कूटनीतिक संलग्नता को रेखांकित करता है।
अरिहा शाह मामले में भारत सरकार क्या कर रही है?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि अरिहा शाह की कॉन्सुलर ज़रूरतों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। भारतीय दूतावास अरिहा और जर्मन अधिकारियों दोनों के साथ इस मामले में सक्रिय संपर्क में है।
राष्ट्र प्रेस
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