पलामू में नवविवाहिता मनीषा देवी का शव फंदे पर मिला, मायके पक्ष ने ससुरालवालों पर हत्या का आरोप लगाया
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के पलामू जिले के सदर थाना क्षेत्र स्थित रजवाडीह गांव में 25 वर्षीया नवविवाहिता मनीषा देवी का शव सोमवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे पर लटका मिला। मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर हत्या कर शव को फांसी पर लटकाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मेदिनीनगर स्थित एमएमसीएच भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
घटनाक्रम
मनीषा देवी की शादी अप्रैल 2025 में रजवाडीह निवासी मिथलेश साव से हुई थी। मृतका का करीब दो माह का एक बेटा है। घटना के समय उसके पति मिथलेश रोजी-रोटी के सिलसिले में बाहर काम कर रहे थे और घर पर मौजूद नहीं थे। सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
मायके पक्ष के आरोप
घटना की खबर मिलते ही मृतका का मायका पक्ष — जो लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के पुरानी पतर गांव से है — रजवाडीह पहुंचा। परिजनों ने स्पष्ट रूप से कहा कि मनीषा आत्महत्या नहीं कर सकती थी। उनका आरोप है कि पहले उसकी हत्या की गई और फिर साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को फंदे पर लटका दिया गया। मृतका के परिजनों ने उसके देवर, सास, ससुर और ननद पर हत्या में संलिप्त होने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस की जांच
पुलिस ने घटनास्थल का विस्तृत निरीक्षण किया, साक्ष्य एकत्र किए और आसपास के लोगों से पूछताछ की। अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारणों का निर्धारण होगा। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि परिजनों के आवेदन और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आगे क्या होगा
यह मामला तब तक अनिर्णीत रहेगा जब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने नहीं आती। यदि रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होती है, तो आरोपी ससुरालवालों के विरुद्ध औपचारिक मामला दर्ज होने की संभावना है। गौरतलब है कि झारखंड में विवाहिता महिलाओं से जुड़े संदिग्ध मौत के मामलों में परिवारों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया अक्सर लंबी और जटिल साबित होती है।