गिरिडीह: दहेज हत्या का आरोप, 26 वर्षीय ललिता देवी का शव फंदे से बरामद, पति समेत ससुराल पक्ष फरार
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के गिरिडीह जिले के जमुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत गांडेय गांव में रविवार, 24 मई को 26 वर्षीय विवाहिता ललिता देवी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में घर के भीतर फंदे से लटका हुआ मिला। मृतका के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना और सुनियोजित हत्या का आरोप लगाया है, जबकि मृतका के पति पवन यादव सहित ससुराल के अन्य सदस्य घटना के बाद से फरार बताए जा रहे हैं।
घटनाक्रम: कैसे मिला शव
पड़ोसियों ने रविवार को ललिता देवी का शव घर के अंदर फंदे से लटका देखा और तत्काल जमुआ थाना पुलिस तथा मृतका के मायके वालों को सूचित किया। सूचना मिलते ही मृतका के माता-पिता और मायके पक्ष के लोग भारी संख्या में गांव पहुँचे। पुलिस भी दलबल के साथ मौके पर पहुँची और उद्वेलित परिजनों को शांत किया।
पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर अपने कब्जे में लिया, पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। जमुआ थाना पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला संदेहास्पद है।
परिवार का आरोप: हत्या को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश
मृतका के मायके वालों ने पुलिस के समक्ष बयान दिया कि ललिता देवी की शादी महज एक वर्ष पहले पोबी गांव निवासी जीतू यादव की पुत्री के रूप में गांडो गांव निवासी पवन यादव से हुई थी, और विवाह के बाद से ही उसे लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था।
परिजनों का दावा है कि ललिता की हत्या के बाद मामले को दबाने के उद्देश्य से शव को फंदे से लटकाकर इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। हालाँकि ये आरोप अभी जाँच के दायरे में हैं और पुलिस ने इनकी पुष्टि नहीं की है।
पुलिस की जाँच और छापेमारी
जमुआ थाना पुलिस ने बताया कि मामले की हर संभावित एंगल से तफ्तीश की जा रही है। फरार पति पवन यादव और ससुराल के अन्य सदस्यों की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है।
व्यापक संदर्भ: झारखंड में दहेज हिंसा
यह ऐसे समय में सामने आया है जब झारखंड में दहेज उत्पीड़न से जुड़े मामले लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आँकड़ों के अनुसार, देश में दहेज मृत्यु के मामलों में ग्रामीण क्षेत्र अभी भी सर्वाधिक प्रभावित रहते हैं। गौरतलब है कि विवाह के एक वर्ष के भीतर किसी विवाहिता की संदिग्ध मौत को कानूनी रूप से गंभीरता से लिया जाता है।
आगे क्या होगा
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जाँच के निष्कर्ष इस मामले की दिशा तय करेंगे। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस धाराओं का निर्धारण करेगी। मृतका के परिजन न्याय की माँग को लेकर अडिग हैं।